रोहिणी ने लालू से पूछा- हम कौन हैं? फिर बेटी के चेहरे को गौर से देखने लगे आरजेडी सुप्रीमो

भारतीय राजनीति के गलियारों में अपने बेबाक अंदाज और मजबूत बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ा एक बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाला वाकया सामने आया है। राजनीति की तमाम धूप-छांव, उतार-चढ़ाव और संघर्षों के बीच परिवार के भीतर के रिश्ते कैसे इंसान को अंदर तक झकझोर देते हैं, इसकी एक बानगी हाल ही में देखने को मिली। लालू प्रसाद यादव की लाडली बेटी और सिंगापुर में किडनी डो करके अपने पिता को नया जीवनदान देने वाली रोहिणी आचार्य ने अपने पिता से अचानक एक ऐसा सीधा और मासूम सा सवाल पूछ लिया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया। रोहिणी ने पिता से पूछा कि ‘पापा, हम कौन हैं?’ इस अप्रत्याशित और गहरे सवाल को सुनते ही आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कुछ पल के लिए अवाक रह गए और फिर अपनी बेटी के चेहरे को बेहद गौर से और टकटकी लगाकर देखने लगे।

लालू प्रसाद यादव का पूरा जीवन राजनीतिक आंदोलनों, सामाजिक न्याय की लड़ाइयों और चुनावी रणनीतियों के बीच बीता है। उनके चारों तरफ हमेशा कार्यकर्ताओं, नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और मीडिया का भारी जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे व्यस्त और तनावपूर्ण माहौल के बीच जब कभी परिवार के अपने लोग पास आते हैं, तो राजनीति के बड़े-बड़े धुरंधर भी एक आम पिता और दादा की भूमिका में नजर आने लगते हैं। रोहिणी आचार्य, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने पिता को अपनी किडनी डोनेट की थी और उन्हें मौत के मुंह से खींचकर वापस लाई थीं, उनका अपने पिता के साथ एक अलग ही आध्यात्मिक और भावनात्मक जुड़ाव है। उस दिन जब दोनों के बीच अनौपचारिक बातचीत चल रही थी, तब रोहिणी ने प्यार और हल्के-फुल्के अंदाज में अपने पिता से वह सवाल पूछ लिया, जिसके बाद वहां का पूरा माहौल ही बदल गया।

रोहिणी आचार्य के मुंह से ‘हम कौन हैं?’ यह सवाल सुनते ही लालू प्रसाद यादव ने अपनी चिर-परिचित शैली में पहले तो थोड़ा अचरज जताया, और फिर वे अपनी बेटी के चेहरे को बहुत ही गौर से देखने लगे। उस एक पल के लिए जैसे समय वहीं थम गया हो। एक पिता की नजरों में बेटी के प्रति अपार स्नेह, कृतज्ञता, चिंता और उस अहसास की झलक साफ दिखाई दे रही थी कि यह वही बेटी है जिसने उनके प्राण बचाए हैं। लालू यादव ने अपने जीवन में अपनों के धोखे, राजनीतिक साजिशों और कई मुकदमों का सामना किया है, लेकिन परिवार का यह सच्चा और निश्छल प्यार ही उनकी असली ताकत रहा है। बेटी के चेहरे को निहारते हुए आरजेडी सुप्रीमो की आंखें नम हो गईं और उन्होंने दुलारते हुए उसे जो जवाब दिया, उसने वहां मौजूद सभी पारिवारिक सदस्यों की आंखें भर दीं।

यह पूरा वाकया और इससे जुड़ी चर्चाएं जब धीरे-धीरे सोशल मीडिया के माध्यम से बाहर आईं, तो राजद समर्थकों और आम लोगों के बीच यह तेजी से वायरल हो गया। लोग लालू प्रसाद यादव और रोहिणी आचार्य के इस पवित्र रिश्ते की मिसाल देने लगे। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि राजनीति में भले ही वैचारिक मतभेद और तीखी बयानबाजी चलती हो, लेकिन एक पिता और पुत्री के बीच का यह रिश्ता इन सब से बहुत ऊपर और पावन है। रोहिणी आचार्य अक्सर सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को जाहिर करती रहती हैं, और इस बार का यह संस्मरण इस बात की गवाही देता है कि कठिन समय में परिवार की ममता ही इंसान का सबसे बड़ा संबल होती है।

चारे घोटाले से जुड़े मुकदमों, स्वास्थ्य समस्याओं और लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे लालू प्रसाद यादव के लिए उनका परिवार और उनके बच्चे हमेशा ढाल बनकर खड़े रहे हैं। तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य समेत पूरा परिवार हर मुश्किल घड़ी में अपने पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा नजर आता है। रोहिणी द्वारा पिता से पूछा गया वह छोटा सा सवाल और उसके बाद लालू यादव का अपनी बेटी को गौर से देखना इस बात का प्रतीक है कि सियासत के दांव-पेच चाहे जितने भी जटिल क्यों न हों, अपनों का प्यार और पहचान हमेशा सबसे ऊपर रहती है। यह घटना राजनीतिक गलियारों में एक ऐसा मानवीय पहलू बनकर उभरी है, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।