
देश के एफएमसीजी (FMCG) और पैकेज्ड फूड बाजार में खाद्य सुरक्षा और भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सर्वोच्च नियामक ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने देश की दो सबसे दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों—हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) और नेस्ले इंडिया (Nestlé India)—को उनके प्रमुख उत्पादों पर भ्रामक स्वास्थ्य दावों और अनिवार्य विनियामक मंजूरियों की अनदेखी के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के कड़े मानकों की अनदेखी करने वाली कंपनी मैसर्स बाला जी फूड प्रोडक्ट्स (Bala Ji Food Products) का विनिर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। नियामक के इस बड़े कदम ने पूरे पैकेज्ड फूड, हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रिशन इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया है।
FSSAI की ओर से हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड को जारी नोटिस उसके लोकप्रिय हेल्थ ड्रिंक ‘हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर’ (Horlicks Mother’s Plus Kesar 400g) से जुड़ा हुआ है। नियामक ने अपनी जांच में पाया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और उत्पाद की पैकेजिंग पर गैर-प्रमाणित और अत्यधिक भ्रामक स्वास्थ्य दावे (Misleading Claims) किए जा रहे थे। उत्पाद के नाम और विवरण के साथ ‘गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान बच्चे के जन्म के सही वजन (Birth Weight) के लिए प्रोटीन और दिमागी विकास के लिए डीएचए’ जैसे दावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। इसके अलावा विज्ञापनों में ‘हेल्दी मसल्स’ (Healthy Muscles) शब्द का प्रयोग किया गया था, जो खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियमों के तहत ‘हेल्दी’ शब्द के वैधानिक उपयोग की शर्तों का सीधा उल्लंघन करता है। FSSAI ने HUL को सख्त निर्देश दिया है कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर यह स्पष्ट करे कि इन अप्रमाणित दावों के जरिए उपभोक्ताओं को भ्रमित करने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए।
दूसरी तरफ, दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनियों में शुमार नेस्ले इंडिया भी FSSAI के कड़े रडार पर आ गई है। नेस्ले इंडिया को उसके न्यूट्रिशन सप्लीमेंट ‘नेस्ले रिसोर्स रीनल’ (Resource Renal Vanilla Flavoured Powder) के संबंध में नोटिस जारी किया गया है। यह उत्पाद मुख्य रूप से क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) यानी गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के आहार प्रबंधन (Dietary Management) के लिए बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में सामने आया कि किसी विशेष मेडिकल उद्देश्य वाले खाद्य उत्पाद (FSMP) को भारतीय बाजार में उतारने के लिए नियामक से जो अनिवार्य पूर्व मंजूरी (Prior Approval) और विशिष्ट लेबलिंग क्लीयरेंस लेना जरूरी होता है, नेस्ले ने वह प्रक्रिया पूरी ही नहीं की थी। FSSAI ने स्पष्ट किया कि अनिवार्य विनियामक अनुमोदन के अभाव में यह उत्पाद गैर-अनुपालन (Non-compliant) की श्रेणी में आता है, जिससे किडनी जैसी संवेदनशील बीमारी के मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर जोखिम पैदा हो सकता है।
बड़े ब्रांड्स को नोटिस थमाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों पर FSSAI ने सीधी कार्रवाई की है। नियामक ने गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों, अस्वच्छ परिस्थितियों और मानकों की अवहेलना के चलते मैसर्स बाला जी फूड प्रोडक्ट्स (M/s Bala Ji Food Products) और मैसर्स सुखदर्शन फार्मा (M/s Sukhdarshan Pharma) के फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिए हैं। बाला जी फूड प्रोडक्ट्स को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी यूनिट में उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और वितरण की सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दे। यदि कंपनी बिना लाइसेंस बहाली के किसी भी उत्पाद का निर्माण या बिक्री करती पाई गई, तो संबंधित प्रमोटरों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य उत्पादों की भारी मांग को देखते हुए नियामक ने देशव्यापी स्तर पर मॉनिटरिंग बेहद तेज कर दी है। हाल के दिनों में जहां प्रियागोल्ड बिस्किट में पशु चारे वाले चोकर के इस्तेमाल पर सूर्या फूड एंड एग्रो, घटिया दूध पर डोडला डेयरी और कीटनाशक अवशेषों पर यूईआईआर ऑर्गेनिक के खिलाफ कानूनी मुकदमे की मंजूरी दी गई है, वहीं अब हॉर्लिक्स और नेस्ले जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स पर कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों के मामले में कोई भी कंपनी कानून से ऊपर नहीं है। FSSAI ने सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Blinkit, Zepto, Flipkart, BigBasket) को भी सख्त चेतावनी दी है कि वे अपने पोर्टल्स से ऐसे सभी हेल्थ ड्रिंक्स और सप्लीमेंट्स के भ्रामक दावों को तुरंत हटाएं, जिनके पास वैज्ञानिक प्रमाणन या वैध लेबलिंग अप्रूवल मौजूद नहीं है।
राजधानी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली-एनसीआर सहित देश के किसी भी शहर में रहने वाले जागरूक नागरिकों को हेल्थ सप्लीमेंट्स या डिब्बाबंद फूड प्रोडक्ट्स खरीदते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए:
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भ्रामक दावों के बहकावे में न आएं: किसी भी पाउडर, ड्रिंक या फूड पर लिखे ‘सुपर हेल्थ’, ‘मिरेकल ग्रोथ’ या ‘क्विक रिकवरी’ जैसे दावों को अंतिम सच न मानें।
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FSSAI अप्रूवल और कैटेगरी कोड जांचें: गंभीर बीमारियों (जैसे डायबिटीज या किडनी रोग) के लिए विशेष पोषण सप्लीमेंट खरीदने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें और देखें कि उत्पाद पर वैध FSSAI लाइसेंस नंबर व श्रेणी अंकित है या नहीं।
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शिकायत कहां दर्ज कराएं: यदि आपको किसी ब्रांड के पैकेजिंग दावों में विसंगति दिखाई दे या उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो FSSAI के आधिकारिक ऐप ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ (Food Safety Connect App) पर तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं ताकि संबंधित बैच की लैब जांच कराई जा सके।
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