
देश भर में त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरी और भ्रामक विज्ञापनों पर नकेल कसने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। इस बार नियामक की रडार पर कोई छोटी-मोटी दुकानें नहीं, बल्कि देश का नामी 5-स्टार होटल, दिग्गज ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और प्रमुख फूड मैन्युफैक्चरर्स आ गए हैं। FSSAI ने नई दिल्ली स्थित लक्जरी होटल ‘रेडिसन ब्लू’ (Radisson Blu) का संचालन करने वाली कंपनी, ऑनलाइन किराना डिलीवरी दिग्गज ‘बिगबास्केट’ (BigBasket) और ‘फ्लिपकार्ट इंडिया’ (Flipkart India) को नियमों के घोर उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस (Show-Cause Notice) और सुधार नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही, गंभीर खामियां पाए जाने पर मसाला और खाद्य सामग्री बनाने वाली कंपनी ‘डीएनवी फूड प्रोडक्ट्स’ का विनिर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। नियामक के इस बड़े एक्शन ने पूरे हॉस्पिटैलिटी और क्विक-कॉमर्स सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है।
अक्सर लोग फाइव-स्टार होटलों में यह सोचकर भोजन करने जाते हैं कि वहां स्वच्छता और हाइजीन के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन होता होगा, लेकिन दिल्ली स्थित रेडिसन ब्लू होटल (एबी होटल्स लिमिटेड) के निरीक्षण में जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। FSSAI की जांच टीम को होटल के किचन और स्टोरेज एरिया में गंभीर खामियां मिलीं।
निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित गड़बड़ियां पाई गईं:
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कीट-पतंगों की मौजूदगी और स्टोरेज में लापरवाही: किचन और खाद्य भंडारण क्षेत्रों में पेस्ट कंट्रोल के पुख्ता इंतजाम नहीं मिले।
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कच्चे और पके भोजन का अनुचित सेग्रिगेशन: शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्रियों, तथा कच्चे व पके हुए भोजन को अलग-अलग सुरक्षित तापमान पर रखने के बजाय एक साथ रखा गया था, जिससे क्रॉस-कंटैमिनेशन (दूषित होने) का भारी खतरा पाया गया।
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हाइजीन प्रोटोकॉल का उल्लंघन: खाना बनाने और परोसने वाले कई कर्मचारी बिना हेडनेट (बालों की जाली) और बिना दस्तानों के काम करते पाए गए।
FSSAI ने होटल प्रबंधन को सख्त सुधार नोटिस थमाते हुए निश्चित समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने और ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ जमा करने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर होटल का लाइसेंस सस्पेंड करने की चेतावनी दी गई है।
डिजिटल युग में लोग ऑनलाइन किराना मंगाने के लिए ई-कॉमर्स ऐप्स पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं, लेकिन FSSAI ने इस भ्रामक प्रचार पर भी बड़ा शिकंजा कसा है। नियामक ने जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स (Gemini Edibles & Fats), इनोवेटिव रिटेल कॉन्सेप्ट्स (BigBasket) और फ्लिपकार्ट इंडिया को ‘फ्रीडम कुकिंग राइस ब्रैन ऑयल’ (Freedom Cooking Rice Bran Oil) के प्रचार को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जांच में पाया गया कि प्लेटफॉर्म्स पर तेल के विज्ञापनों में ऐसे अनप्रूव्ड और भ्रामक स्वास्थ्य दावे (Misleading Health Claims) किए जा रहे थे, जो कोलेस्ट्रॉल कम करने और दिल की सेहत से जुड़े थे। FSSAI के नियमों के अनुसार, वैज्ञानिक प्रमाणन और नियामक की पूर्व मंजूरी के बिना खाद्य उत्पादों पर बीमारियों को ठीक करने या विशेष स्वास्थ्य लाभ देने का दावा करना गैर-कानूनी है। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन फूड डिलीवरी के लिए आवश्यक वैध सेंट्रल लाइसेंस की प्रक्रियाओं में भी कमियां पाई गईं। तीनों कंपनियों से पूछा गया है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के तहत उन पर दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
खाद्य सुरक्षा के सख्त मानकों की अवहेलना करने पर विनिर्माताओं पर भी कड़ी चोट की गई है। FSSAI ने ‘डीएनवी फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ (DNV Food Products Ltd) का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। फैक्ट्री के औचक मुआयने में पाया गया कि उत्पाद बेहद अस्वच्छ वातावरण में प्रोसेस और रिपैक किए जा रहे थे। इसके अलावा कंपनी के पास फूड-ग्रेड पैकेजिंग प्रमाण पत्र, माइग्रेशन रिपोर्ट और मॉक रिकॉल रिकॉर्ड तक मौजूद नहीं थे।
वहीं, लगातार नियमों का उल्लंघन करने और पहले के निलंबन के बावजूद गैर-कानूनी तरीके से काम चालू रखने पर ‘झानवितन्नी’ (Jhanvitanni) नामक ऑपरेटर का फूड लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द (Cancel) कर दिया गया है और उसका कामकाज पूरी तरह बंद करने का निर्देश दिया गया है।
FSSAI की इस राष्ट्रव्यापी कार्रवाई से साफ है कि चाहे कोई लग्जरी फाइव-स्टार होटल हो, अरबों डॉलर की ई-कॉमर्स कंपनी हो या फिर पैकेज्ड फूड निर्माता, जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दिल्ली, नोएडा, लखनऊ या मुंबई जैसे शहरों के उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन फूड ऑर्डर करते समय पैकेज्ड सामानों पर न्यूट्रिशन लेबल और FSSAI नंबर जरूर जांचें। किसी भी उत्पाद के चमत्कारी या भ्रामक स्वास्थ्य दावों के बहकावे में न आएं और रेस्टोरेंट या डिलीवरी में खराबी दिखने पर FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराएं।
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