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Jio IPO GMP और वैल्यूएशन: रिलायंस जियो के बहुप्रतीक्षित आईपीओ पर ब्रोकरेज बुलिश, कितनी मिल सकती है लिस्टिंग गेन

भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में जिस सबसे बड़े और ऐतिहासिक वित्तीय घटनाक्रम का इंतजार देश और दुनिया के निवेशक लंबे समय से कर रहे थे, उसकी आधिकारिक घोषणा अब हो चुकी है। देश की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms IPO) का आईपीओ बहुत जल्द निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। इस मेगा आईपीओ को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स और बड़े-बड़े ब्रोकरेज हाउस का रुख बेहद सकारात्मक और बुलिश बना हुआ है। बाजार के शुरुआती रुझानों और ग्रे मार्केट के संकेतों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शेयर बाजार में लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों को 15 से 20 प्रतिशत तक का शानदार लिस्टिंग गेन मिल सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि जियो के इस आईपीओ का प्राइस बैंड क्या है, एक्सपर्ट्स ने इसके वैल्यूएशन पर क्या राय दी है और निवेशकों के लिए इसमें क्या खास अवसर छिपे हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ की मुख्य तारीखें और प्राइस बैंड

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के स्वामित्व वाली जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए शेयरों का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया है। यदि निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड (₹1,119) की बात करें, तो इसके आधार पर कंपनी का कुल अनुमानित बाजार वैल्यूएशन (Valuation) चौंका देने वाला है, जो कि लगभग ₹10.30 लाख करोड़ बैठता है। इतने बड़े पैमाने का आईपीओ भारतीय प्राइमरी मार्केट की तस्वीर पूरी तरह से बदलकर रख सकता है।

Emkay Global की ‘Subscribe’ रेटिंग और मजबूत वित्तीय आंकड़े

दिग्गज ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services ने जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ पर अपनी मुहर लगाते हुए निवेशकों को इसमें पैसा लगाने यानी ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि भारतीय टेलीकॉम बाजार में जियो की निर्विवाद लीडरशिप, बेहतरीन प्राइसिंग पावर, मजबूत ऑपरेशनल एक्जीक्यूशन और हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज कनेक्टिविटी तथा उन्नत डिजिटल सर्विसेज में लगातार हो रहे विस्तार की वजह से यह निवेश के लिहाज से बेहद आकर्षक विकल्प है।

Emkay की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 (FY24) से वित्त वर्ष 2026 (FY26) के बीच जियो का रेवेन्यू 15.8% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है। इसी दो साल की अवधि के दौरान कंपनी के EBITDA में 16.2% और शुद्ध मुनाफे में 18.4% की दमदार CAGR दर्ज की गई है। इसके अलावा, कंपनी का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना यानी प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) FY24 के ₹181.7 से बढ़कर FY26 में सीधे ₹214 पर पहुंच गया है, जो कंपनी की प्रति ग्राहक कमाई क्षमता को मजबूत करता है।

वैल्यूएशन और P/E रेश्यो को लेकर ब्रोकरेज की राय

किसी भी कंपनी के आईपीओ में निवेश करने से पहले उसके वैल्यूएशन का आकलन करना बेहद जरूरी होता है। Emkay Global के विश्लेषण के अनुसार, आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड (₹1,119) के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन FY26 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 31.7 से 33.3 गुना P/E (Price-to-Earnings) पर बैठता है।

वहीं दूसरी ओर, एक अन्य प्रमुख ब्रोकरेज फर्म SBI Securities ने ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का पोस्ट-इश्यू FY26 P/E लगभग 34.4 गुना आंका है। इन तमाम वित्तीय अनुमानों के आधार पर ब्रोकरेज का यह मानना है कि हालांकि वैल्यूएशन प्रीमियम पर है, लेकिन कंपनी की मार्केट लीडरशिप, कंसिस्टेंट ग्रोथ और भविष्य में डिजिटल व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कारोबार से कमाई बढ़ाने की अपार संभावनाओं को देखते हुए यह पूरी तरह से उचित है।

5G पूंजीगत व्यय घटने से मजबूत होगा कंपनी का कैश फ्लो

जियो के निवेशकों और वित्तीय विश्लेषकों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों में 5G नेटवर्क के बुनियादी ढांचे पर किया जाने वाला भारी-भरकम निवेश (Capex) अब धीरे-धीरे पूरा हो चुका है और आगे इसमें कमी आने की पूरी उम्मीद है।

पूंजीगत खर्च की जरूरत घटने और रिलायंस जियो इन्फोकॉम द्वारा अपने पुराने कर्ज का सुनियोजित भुगतान करने से कंपनी के ऑपरेटिंग कैश फ्लो और वित्तीय लचीलेपन (Financial Flexibility) को बहुत बड़ा सहारा मिलेगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो, FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेटिंग कैश फ्लो शानदार ₹77,556 करोड़ और फ्री कैश फ्लो ₹43,301 करोड़ दर्ज किया गया था। इसी समयावधि में कंपनी का EBITDA ₹73,382 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹30,064 करोड़ रहा था, जो इसकी वित्तीय सेहत की मजबूती को साबित करता है।

मोबाइल कारोबार के अलावा ग्रोथ के नए और बड़े अवसर

विश्लेषकों का मानना है कि जियो की ग्रोथ केवल ट्रेडिशनल मोबाइल टेलीकॉम सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में इसके कई अन्य वर्टिकल भी कंपनी की आय में बड़ा योगदान देंगे। होम ब्रॉडबैंड सर्विस जियोफाइबर और एयरफाइबर कंपनी के लिए अगला सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर साबित हो रहा है। इसके अलावा, कंपनी अपनी इन-हाउस अत्याधुनिक तकनीक और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य विदेशी टेलीकॉम ऑपरेटरों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है।

लंबी अवधि के दृष्टिकोण से देखें तो क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सेवाएं भी भविष्य में जियो के रेवेन्यू मॉडल को एक नया आयाम देंगी। इस आईपीओ के आने से न केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के बिजनेस का सही वैल्यूएशन सामने आएगा, बल्कि शेयरधारकों के लिए ‘वैल्यू अनलॉकिंग’ (Value Unlocking) के नए रास्ते भी खुलेंगे।