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नवरात्रि के 5वें दिन सर्राफा बाजार में नरमी: दिल्ली से लेकर यूपी तक सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर जब आमतौर पर आभूषणों के बाजारों में भारी मांग के चलते सोने-चांदी की कीमतें आसमान छूने लगती हैं, तब इस बार सर्राफा बाजार से खरीदारों के लिए बेहद राहत भरी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवरात्रि के पांचवें दिन देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के अधिकांश प्रमुख सर्राफा बाजारों में सोने के भाव में लगातार गिरावट का रुख दर्ज किया जा रहा है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से जारी इस सुस्ती और बिकवाली के दबाव ने पीली धातु की चमक को कुछ हद तक फीका किया है, जिससे त्योहारी सीजन में जेवरात खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं और निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं। वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुनाफावसूली और कमोडिटी एक्सचेंजों पर निवेशकों द्वारा की जा रही पोजिशन अनवाइंडिंग के चलते घरेलू बाजारों में सोने के दाम ऊपरी स्तरों से तेजी से नीचे फिसले हैं। त्योहारी मांग के चरम पर होने के बावजूद कीमतों में आ रही यह गिरावट उन परिवारों के लिए एक अप्रत्याशित तोहफे की तरह है, जो आगामी धनतेरस, दिवाली और उसके तुरंत बाद शुरू होने वाले शादियों के भारी-भरकम सीजन के लिए गहनों की बुकिंग कराने का इंतजार कर रहे थे।

देश के सबसे बड़े थोक और खुदरा आभूषण बाजार दिल्ली में आज सुबह के कारोबारी सत्र में सोने की दरों में स्पष्ट नरमी देखी गई। राष्ट्रीय राजधानी में आभूषण बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना फिसलकर ₹1,36,040 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। वहीं, शुद्धता के पैमाने पर सर्वोच्च माना जाने वाला 24 कैरेट (99.9% शुद्ध) बुलियन सोना लगभग ₹1,48,410 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। यदि पिछले पखवाड़े के उच्चतम स्तरों से तुलना की जाए, तो प्रति 10 ग्राम पर 1,000 से 1,500 रुपये से अधिक की सीधी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। 18 कैरेट सोने की कीमत भी गिरकर ₹1,11,300 प्रति 10 ग्राम के दायरे में आ गई है, जो हल्के और मॉडर्न डिजाइन वाले स्टोन-स्टडेड आभूषणों के खरीदारों के लिए काफी किफायती साबित हो रही है। दिल्ली के चांदनी चौक, कूचा महाजनी, करोल बाग और साउथ एक्सटेंशन के प्रमुख ज्वैलर्स का कहना है कि कीमतों में आई इस नरमी से शोरूम्स में फुटफॉल यानी ग्राहकों की आवाजाही अचानक बढ़ गई है। लोग धनतेरस का इंतजार करने के बजाय मौजूदा घटी हुई दरों पर ही एडवांस बुकिंग करा रहे हैं, ताकि भाव दोबारा बढ़ने पर उन्हें अतिरिक्त वित्तीय बोझ न झेलना पड़े।

सोने की कीमतों में आई इस गिरावट का असर केवल राजधानी दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य प्रमुख महानगरों और टियर-2 शहरों में भी सर्राफा कारोबारियों ने अपने रेट कार्ड संशोधित कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौक, अमीनाबाद, हजरतगंज और आलमबाग के ऐतिहासिक सर्राफा बाजारों में आज 22 कैरेट सोना ₹1,36,040 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना ₹1,48,410 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के ही प्रमुख औद्योगिक शहर कानपुर में 22 कैरेट का भाव ₹1,36,000 और 24 कैरेट का भाव ₹1,48,350 के करीब दर्ज किया गया। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 22 कैरेट सोना ₹1,35,950 और 24 कैरेट ₹1,48,310 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 22 कैरेट जेवराती सोने का भाव ₹1,36,020 प्रति 10 ग्राम है। दक्षिण भारत के चेन्नई में स्थानीय मांग के चलते 22 कैरेट सोना ₹1,36,060 और 24 कैरेट ₹1,48,430 पर बिक रहा है। वहीं, राजस्थान के जयपुर और मध्य प्रदेश के इंदौर में 22 कैरेट का भाव क्रमशः ₹1,36,030 और ₹1,35,980 प्रति 10 ग्राम बना हुआ है। विभिन्न राज्यों में टैक्स, स्थानीय परिवहन और एसोसिएशन के नियमों के चलते दरों में 50 से 100 रुपये का मामूली अंतर देखा जा रहा है, लेकिन समग्र दिशा हर जगह गिरावट की ही है।

घरेलू बाजार में नवरात्रि के दौरान सोने के भाव में आ रही इस गिरावट के पीछे कई मजबूत अंतरराष्ट्रीय और व्यापक आर्थिक कारक काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज कॉमेक्स (COMEX) पर स्पॉट गोल्ड की कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों से फिसलकर नीचे आई हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) का 103 के पार मजबूत होना है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत होता है, तो गैर-अमेरिकी मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर मांग पर दबाव बनता है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी मौद्रिक नीतियों में ब्याज दरों में कटौती की गति को लेकर आ रहे सतर्क बयानों के चलते बड़े हेज फंड्स और विदेशी संस्थागत निवेशक सोने में अपना मुनाफा वसूल रहे हैं। पश्चिम एशिया और भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों ने पहले सोने को ‘सेफ हेवन’ मानकर बड़े पैमाने पर खरीदारी की थी, लेकिन अब उस मोर्चे पर किसी तात्कालिक बड़े टकराव के अभाव में सटोरिए अपनी लॉन्ग पोजीशन काटकर इक्विटी और ट्रेजरी यील्ड की ओर रुख कर रहे हैं। घरेलू स्तर पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी लगातार बिकवाली का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर रिटेल सर्राफा बाजार पर दिखाई दे रहा है।

भारतीय संस्कृति में नवरात्रि से लेकर दिवाली और भाईदूज तक का समय किसी भी शुभ खरीदारी, विशेषकर सोने-चांदी के निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। हिंदू धर्म में नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है और इस दिन से बाजारों में त्योहारी उत्साह अपने चरम पर पहुंचने लगता है। आभूषण उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि जो खरीदार पिछले महीनों में सोने के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के कारण खरीदारी टाल रहे थे, उनके लिए यह गिरावट एक स्वर्णिम अवसर लेकर आई है। आमतौर पर देखा गया है कि धनतेरस के दिन मांग इतनी अधिक बढ़ जाती है कि ज्वैलर्स मेकिंग चार्ज बढ़ा देते हैं और बाजार में प्रीमियम वसूला जाने लगता है। ऐसे में नवरात्रि के दौरान ही खरीदारी कर लेना या फिक्स रेट पर बुकिंग करा लेना समझदारी का सौदा माना जाता है। इसके अलावा, नवंबर और दिसंबर महीने में देश भर में लाखों शादियां होने जा रही हैं। जिन परिवारों में विवाह की तैयारियां चल रही हैं, वे इस गिरावट का पूरा फायदा उठाकर भारी चोकर हार, कंगन और मांगटीका जैसे बड़े आभूषणों की खरीदारी पर हजारों रुपये की सीधी बचत कर सकते हैं।

सोने के दाम गिरने के इस दौर में ग्राहकों को उत्साह के साथ-साथ सतर्कता बरतने की भी सख्त जरूरत है। कई बार सस्ती दरों के झांसे में आकर उपभोक्ता गैर-प्रमाणित या अशुद्ध सोना खरीद बैठते हैं। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के कड़े नियमों के मुताबिक, देश में बिना 6 अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) कोड के सोने की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है। जब भी आप किसी ज्वेलर से आभूषण खरीदें, तो उस पर तीन अनिवार्य निशान जरूर जांचें: पहला बीआईएस का तिकोना लोगो, दूसरा सोने की शुद्धता का ग्रेड (जैसे 22 कैरेट के लिए 22K916 और 18 कैरेट के लिए 18K750), और तीसरा छह अक्षरों व अंकों का विशिष्ट HUID नंबर। ग्राहक अपने स्मार्टफोन में ‘BIS Care App’ डाउनलोड करके इस छह अंकों के कोड को दर्ज कर सकते हैं, जिससे स्क्रीन पर आभूषण की शुद्धता, हॉलमार्किंग सेंटर का नाम और निर्माता का पूरा विवरण खुलकर आ जाता है। इसके साथ ही हमेशा ज्वेलर से पक्का जीएसटी बिल लें, जिसमें सोने का कुल वजन, उस दिन का सटीक भाव और मेकिंग चार्ज अलग-अलग दर्ज हो, ताकि भविष्य में उसे बदलने या बेचने पर आपको अपनी पूंजी का पूरा और शत-प्रतिशत मूल्य मिल सके।