RJD नेता भाई वीरेंद्र का केंद्र सरकार पर तीखा जुबानी हमला

बिहार की राजनीति और देश के सियासी गलियारों में एक बार फिर बयानों का बड़ा तूफान आ गया है, जिसने केंद्र की राजनीति से लेकर पटना तक हड़कंप मचा दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक भाई वीरेंद्र ने केंद्र सरकार और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोलते हुए एक बेहद विवादित बयान दिया है। आरजेडी नेता ने केंद्र की नीतियों, देश में बढ़ रही बेरोजगारी, महंगाई और केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि सरकार का यही रवैया रहा, तो आने वाले समय में जनता का गुस्सा इस कदर फूटेगा कि वर्तमान सरकार की हालत इराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन से भी ज्यादा बुरी होगी। भाई वीरेंद्र के इस बेहद आक्रामक और तीखे बयान के सामने आते ही सत्ताधारी एनडीए (NDA) खेमे में भारी उबाल आ गया है और बीजेपी व जेडीयू के नेताओं ने इसे लोकतंत्र की मर्यादा का हनन बताते हुए राष्ट्रीय जनता दल पर जोरदार पलटवार किया है। बिहार की राजनीति में पहले से ही जारी खींचतान के बीच इस तरह की अमर्यादित और उग्र टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है। आइए आज इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने अपने बयान में आखिर क्या-क्या कहा और इस बयान के बाद देश व राज्य की राजनीति में किस तरह की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख नेताओं में गिने जाने वाले भाई वीरेंद्र अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए हमेशा जाने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार उनके द्वारा इराक के दिवंगत तानाशाह सद्दाम हुसैन का जिक्र किए जाने से मामला बहुत ज्यादा तूल पकड़ गया है। पटना में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में तानाशाही जैसा माहौल बन चुका है, जहां विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है और आम जनता तथा किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी शासन में जनता का उत्पीड़न सीमा से परे चला जाता है, तब-तब सत्ता के तख्त पलट जाते हैं और सद्दाम हुसैन जैसे क्रूर शासकों का अंत दुनिया देख चुकी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते सरकार ने अपने तौर-तरीके नहीं बदले, तो देश की जनता उन्हें सद्दाम हुसैन से भी ज्यादा दर्दनाक राजनीतिक हश्र की ओर धकेल देगी।

भाई वीरेंद्र का बयान जैसे ही मीडिया और सोशल मीडिया पर छाया, भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ताओं व वरिष्ठ नेताओं ने आरजेडी को घेरने में एक पल की भी देरी नहीं की। बीजेपी के नेताओं ने भाई वीरेंद्र के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रधानमंत्री के पद का सीधा अपमान करार दिया। सत्ताधारी दल के प्रवक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के हिंसक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय जनता दल की मानसिकता आज भी जंगलराज और हिंसा से प्रेरित है। उन्होंने आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व यानी लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से मांग की कि वे इस अमर्यादित बयान के लिए देश की जनता से माफी मांगें और भाई वीरेंद्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। जेडीयू नेताओं ने भी कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने वोट की ताकत से सरकार चुनती और बदलती है, ऐसे में किसी लोकतांत्रिक सरकार की तुलना सद्दाम हुसैन जैसे तानाशाह से करना विपक्ष की राजनीतिक हताशा और बौखलाहट को उजागर करता है।

बिहार में आने वाले समय में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों और पूरे देश में राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच पहले से ही शह-मात का खेल जारी है। ऐसे में भाई वीरेंद्र का यह बयान विपक्षी दलों के लिए जहां एक तीखा हमला माना जा रहा है, वहीं सत्ताधारी दल इसे चुनावी मुद्दा बनाकर आरजेडी की छवि को नुकसान पहुंचाने की रणनीति बना रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस बयान को लेकर लोगों के बीच दो फाड़ देखने को मिल रही है। एक तरफ आरजेडी समर्थक जहां उनके बयान को सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक स्वाभाविक जनाक्रोश बता रहे हैं, वहीं आम जनता और सत्ता पक्ष के समर्थक इसे भाषाई मर्यादा का पतन करार दे रहे हैं। बहरहाल, बयानों की इस जंग ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में बिहार और देश की राजनीति में जुबानी हमले और अधिक तेज होने वाले हैं, जिसकी आंच दूर तक जाएगी।