
देश की अग्रणी गैर-बैंक वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों में शुमार आनंद राठी वेल्थ लिमिटेड (Anand Rathi Wealth Ltd) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी के तिमाही नतीजों में एक मिला-जुला रुख देखने को मिला है। एक तरफ जहां कंपनी के कुल राजस्व (Revenue) में सालाना आधार पर 15 फीसदी की ठोस बढ़त दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों की लागत और परिचालन खर्चों में अचानक हुए इजाफे के कारण शुद्ध मुनाफे में क्रमिक आधार पर गिरावट देखने को मिली है। इस तिमाही प्रदर्शन के साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए प्रति इक्विटी शेयर 4 रुपये के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) का तोहफा दिया है। दलाल स्ट्रीट पर नतीजे जारी होते ही वेल्थ मैनेजमेंट और ब्रोकिंग शेयरों पर नजर रखने वाले रिटेल व संस्थागत निवेशकों के बीच इस प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आनंद राठी वेल्थ द्वारा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को सौंपी गई वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय 15% बढ़कर मजबूत स्तर पर पहुंच गई है। हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) और अल्ट्रा-एचएनआई ग्राहकों के पोर्टफोलियो में नए निवेश और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में लगातार विस्तार के चलते कंपनी की कोर फीस आय में अच्छी तेजी रही। हालांकि, शुद्ध मुनाफे (Net Profit) के मोर्चे पर मार्जिन पर दबाव साफ तौर पर दिखा। कर्मचारियों के वेतन, नई नियुक्तियों और इंसेंटिव्स के मद में खर्च बढ़ने से कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछली तिमाही (Q1) की तुलना में सुस्त रहा। शेयर बाजार के विश्लेषक मान रहे थे कि मजबूत शेयर बाजार रैली के चलते वेल्थ मैनेजमेंट फर्मों के मुनाफे में 20 फीसदी से अधिक की छलांग दिखेगी, लेकिन लागत में अप्रत्याशित उछाल ने बॉटमलाइन ग्रोथ की गति को धीमा कर दिया है।
कंपनी के नतीजों का सबसे चर्चित पहलू रहा इसका कर्मचारी लाभ व्यय (Employee Benefit Expenses)। भारत में वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर इस समय अत्यधिक प्रतिस्पर्धी दौर से गुजर रहा है। टॉप प्राइवेट बैंकों, बुटीक वेल्थ फर्मों और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक्स के बीच अनुभवी रिलेशनशिप मैनेजर्स, प्राइवेट वेल्थ प्लानर्स और रिसर्च एनालिस्ट्स को जोड़ने की होड़ मची हुई है। आनंद राठी वेल्थ ने अपनी मौजूदगी टियर-1 और तेजी से उभरते टियर-2 शहरों में बढ़ाने के लिए हाल के महीनों में बड़े पैमाने पर वरिष्ठ स्तर की नियुक्तियां की हैं। इसके अतिरिक्त मौजूदा कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट, परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस और टैलेंट रिटेंशन की लागत ने कुल खर्च के अनुपात को काफी ऊपर खींच दिया। प्रबंधन का मानना है कि कर्मचारियों पर किया गया यह निवेश छोटी अवधि में मुनाफे को प्रभावित जरूर करता है, लेकिन लंबी अवधि में यह मजबूत एयूएम ग्रोथ और नए क्लाइंट्स जोड़ने में सबसे बड़ा इंजन साबित होगा।
तिमाही नतीजों के दबाव के बीच आनंद राठी वेल्थ के बोर्ड ने शेयरधारकों को पूंजीगत रिटर्न देने की अपनी परंपरा को कायम रखा है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹5 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹4 (यानी 80%) के अंतरिम लाभांश की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट (Record Date) भी तय कर दी गई है, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि किन निवेशकों के डीमैट खाते में मौजूद शेयरों पर डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा। तय समय सीमा के भीतर सभी पात्र शेयरधारकों के पंजीकृत बैंक खातों में डिविडेंड की कुल राशि इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर (NEFT/RTGS) के जरिए सीधे क्रेडिट कर दी जाएगी। लगातार डिविडेंड देने का यह फैसला यह दर्शाता है कि कंपनी की बैलेंस शीट में नकदी प्रवाह (Cash Flow) की कोई कमी नहीं है और प्रबंधन अपने निवेशकों के साथ वैल्यू शेयरिंग को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कर्मचारी लागत की इस अल्पकालिक चुनौती के बावजूद कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) की सेहत काफी मजबूत बनी हुई है। देश के प्रमुख वित्तीय केंद्रों मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, अहमदाबाद और पुणे जैसे शहरों में नए समृद्ध परिवारों और उद्यमियों की संपत्ति प्रबंधन मांग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। म्यूचुअल फंड्स, स्ट्रक्चर्ड प्रोडक्ट्स और इक्विटी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) में रिटेल व एचएनआई निवेशकों का इनफ्लो ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि आनंद राठी वेल्थ का डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल मजबूत है और नई टीम के पूरी तरह सक्रिय होते ही आगामी दो तिमाहियों में ऑपरेटिंग लेवरेज का फायदा फिर से मुनाफे में दिखाई देने लगेगा। फिलहाल शेयर बाजार में निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि कंपनी आने वाले महीनों में अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को किस तरह दोबारा संतुलित करती है।
girls globe