
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही घर जाने और घूमने की योजना बना रहे हवाई यात्रियों को तगड़ा आर्थिक झटका लगा है। प्रमुख एयरलाइन इंडिगो द्वारा ईंधन अधिभार बढ़ाए जाने के ठीक बाद अब टाटा समूह की एयर इंडिया (Air India), एयर इंडिया एक्सप्रेस और किफायती एयरलाइन अकासा एयर (Akasa Air) ने भी अपने फ्यूल सरचार्ज में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। यह नई दरें 9 अक्टूबर से की जाने वाली सभी नई टिकट बुकिंग पर तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी हैं। इस फैसले के बाद घरेलू उड़ानों के एकतरफा टिकट पर दूरी के आधार पर ₹375 से लेकर ₹1200 तक का सीधा इजाफा देखने को मिलेगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी एयरलाइंस ने रूट के हिसाब से अतिरिक्त सरचार्ज तय किया है। दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े पर्वों से ठीक पहले किराए में हुए इस इजाफे ने मध्यमवर्गीय परिवारों और नियमित यात्रा करने वाले मुसाफिरों के ट्रैवल बजट को बिगाड़ दिया है।
विमानन कंपनियों का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ (ATF) की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के चलते उनके पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की अनिश्चितता के कारण हाल के महीनों में विमान ईंधन की दरों में लगभग 14 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया है। किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च (ऑपरेटिंग कॉस्ट) में अकेले 40 फीसदी से अधिक हिस्सा ईंधन का होता है। एयर इंडिया और अकासा एयर ने अपने आधिकारिक बयानों में स्पष्ट किया है कि वे बढ़े हुए ईंधन खर्च का पूरा बोझ यात्रियों पर डालने के बजाय केवल लागत का आंशिक हिस्सा सरचार्ज के रूप में वसूल रहे हैं। इसके साथ ही ईंधन की कीमतों और बाजार की परिस्थितियों की समय-समय पर समीक्षा की जाती रहेगी, जिससे भविष्य में राहत मिलने की संभावना भी बनी रहेगी।
घरेलू रूटों पर उड़ानों को दूरी के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिससे छोटी दूरी से लेकर लंबी दूरी की उड़ानों पर अलग-अलग अतिरिक्त शुल्क लगेगा:
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0 से 500 किलोमीटर की दूरी: एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस पर इस स्लैब के लिए प्रति टिकट ₹400 का फ्यूल सरचार्ज लागू होगा, जबकि अकासा एयर इस श्रेणी के लिए ₹375 अतिरिक्त वसूलेगी।
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501 से 1,000 किलोमीटर की दूरी: इस दायरे में आने वाली उड़ानों के लिए एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर दोनों ने समान रूप से ₹600 का अधिभार निर्धारित किया है।
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1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी: एयर इंडिया समूह ने इस दूरी के लिए ₹850 तय किए हैं, जबकि अकासा एयर में यात्रियों को ₹900 का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
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1,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी: एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 1,501 से 2,000 किमी और उससे अधिक लंबी उड़ानों पर अधिकतम ₹1,200 का फ्यूल सरचार्ज लगेगा। वहीं अकासा एयर में 1,500 किमी से ऊपर के सभी रूटों के लिए यह अधिभार ₹1,150 तय किया गया है।
घरेलू उड़ानों के साथ-साथ विदेश जाने वाले मुसाफिरों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ डाला गया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने गंतव्य क्षेत्र (रीजन) के आधार पर सरचार्ज तय किया है। भारत से उत्तरी अमेरिका (यूएस, कनाडा) जाने वाले यात्रियों को एकतरफा टिकट पर 215 डॉलर (लगभग ₹18,000) का फ्यूल चार्ज देना होगा। वहीं ऑस्ट्रेलिया रूट पर 210 डॉलर, ब्रिटेन सहित पूरे यूरोप के लिए 135 डॉलर और पश्चिम एशिया/खाड़ी देशों (मिडिल ईस्ट) की यात्रा पर 55 डॉलर का सरचार्ज लगेगा। दूसरी ओर अकासा एयर ने अपनी चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों—जैसे दोहा, जेद्दा, रियाद, अबू धाबी, कुवैत सिटी, फुकेत और हनोई रूट के लिए प्रति टिकट फ्लैट ₹2,500 का संशोधित फ्यूल सरचार्ज निर्धारित किया है।
दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे महानगरों से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर आने वाली उड़ानों की मांग त्योहारी सीजन में अपने चरम पर रहती है। दिल्ली से लखनऊ या वाराणसी की हवाई दूरी 500 से 700 किलोमीटर के दायरे में आती है, जिस पर अब सीधे ₹600 का अतिरिक्त सरचार्ज जुड़ेगा। वहीं दिल्ली से पटना, दरभंगा या गुवाहाटी जैसे 1,000 किमी से अधिक दूरी वाले शहरों के लिए टिकट में ₹850 से ₹900 तक की सीधी बढ़ोतरी हो जाएगी। यदि कोई यात्री मुंबई, बेंगलुरु या चेन्नई से लखनऊ, अयोध्या या गोरखपुर आ रहा है, तो 1,500 किमी से अधिक दूरी होने के चलते उसे प्रति टिकट ₹1,150 से ₹1,200 का अधिकतम सरचार्ज देना होगा। ट्रेनों में कन्फर्म सीट न मिलने के कारण जो लोग फ्लाइट की ओर रुख कर रहे थे, उनके लिए अब परिवार सहित सफर करना काफी महंगा साबित होगा।
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