
भारत को वैश्विक विनिर्माण, आपूर्ति श्रृंखला और वित्तीय हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण उच्चस्तरीय आधिकारिक दौरे पर सिंगापुर पहुंची हैं। इस रणनीतिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य आसियान क्षेत्र के सबसे बड़े वित्तीय केंद्र सिंगापुर से भारत में दीर्घकालिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के प्रवाह को गति देना है। इस दौरे के दौरान वित्त मंत्री वैश्विक संस्थागत निवेशकों, सॉवरेन वेल्थ फंड्स (जैसे टेमासेक और जीआईसी), प्रमुख पेंशन फंड्स, फिनटेक कंपनियों और तकनीकी उद्योगपतियों के साथ सिलसिलेवार राउंडटेबल और आमने-सामने (One-on-One) बैठकें करेंगी।
वैश्विक चिप सप्लाई चेन में सिंगापुर की स्थापित तकनीकी विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए, इस दौरे में ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के तहत सहयोग को गहरा करने पर प्राथमिक फोकस रहेगा।
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चिप असेंबली और टेस्टिंग (ATMP/OSAT): भारत सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, टेस्टिंग और वेफर फैब्रिकेशन यूनिट्स की स्थापना के लिए सिंगापुर की प्रमुख चिप निर्माताओं को भारत में उपलब्ध 50% वित्तीय प्रोत्साहन (Financial Subsidies) और अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र की पेशकश करेगा।
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इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम: भारत और सिंगापुर के बीच हस्ताक्षरित सेमीकंडक्टर साझेदारी के तहत कार्यबल प्रशिक्षण (Skill Development), तकनीकी हस्तांतरण और कंपोनेंट सप्लाई चेन को सुदृढ़ बनाने पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा होगी।
सिंगापुर भारत में विदेशी पोर्टफोलियो और संस्थागत पूंजी का सबसे बड़ा जरिया रहा है। वित्त मंत्रालय भारतीय पूंजी बाजार में विदेशी निवेशकों की सीधी भागीदारी को और सुगम बनाने के लिए नीतिगत सुधारों को निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करेगा:
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गिफ्ट निफ्टी और क्रॉस-बॉर्डर ट्रेडिंग: गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City IFSC) में संचालित एनएसई IX-एसजीएक्स (NSE IX-SGX GIFT Connect) की प्रगति की समीक्षा होगी। निवेशकों को भारत के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में फंड स्थापित करने के टैक्स प्रोत्साहनों की जानकारी दी जाएगी।
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सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड: भारत के राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP), रेलवे, पोर्ट्स और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए सिंगापुर के सॉवरेन फंड्स से दीर्घावधि पूंजी जुटाने पर चर्चा की जाएगी।
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कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट में निवेश: वैश्विक बॉन्ड सूचकांकों (जैसे जेपी मॉर्गन बॉन्ड इंडेक्स) में भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) के शामिल होने के बाद सिंगापुर के संस्थागत निवेशकों के लिए भारत के डेट मार्केट में नए अवसरों को रेखांकित किया जाएगा।
भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और सिंगापुर के PayNow के सफल जुड़ाव के बाद दोनों देश डिजिटल वित्तीय नवाचारों में अग्रणी भागीदार बनकर उभरे हैं।
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दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बीच सीमा-पार त्वरित भुगतान, कम लागत वाले प्रेषण (Remittance) और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के संभावित क्रॉस-बॉर्डर परीक्षणों पर बातचीत आगे बढ़ेगी।
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भारतीय फिनटेक स्टार्टअप्स को सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजार में विस्तार के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने और नियामक समन्वय पर भी चर्चा होगी।
वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत की मजबूत जीडीपी विकास दर, नियंत्रित मुद्रास्फीति और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार को निवेशकों के सामने एक सुरक्षित और उच्च-प्रतिफल वाले गंतव्य के रूप में रखा जाएगा। वित्त मंत्री सिंगापुर की सरकार के शीर्ष नेतृत्व और उप-प्रधानमंत्री से भी मुलाकात कर द्विपक्षीय आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं की समीक्षा करेंगी।
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