Thursday , October 8 2026

क्या एक FASTag दो गाड़ियों में कर सकते हैं इस्तेमाल? एक टैग को दो कारों में लगाने पर लगेगा भारी जुर्माना और होगी कार्रवाई, जानें नियम

देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने फास्टैग (FASTag) को हर चार पहिया व भारी वाहन के लिए अनिवार्य कर रखा है। वाहन चालकों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि यदि उनके घर में दो कारें हैं, तो क्या वे एक ही फास्टैग को दोनों कारों में अदल-बदल कर इस्तेमाल कर सकते हैं? इसका सीधा और स्पष्ट जवाब है—बिल्कुल नहीं। मोटर वाहन नियमों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एक फास्टैग को केवल और केवल एक ही पंजीकृत वाहन के लिए जारी किया जाता है। एक वाहन का फास्टैग निकालकर दूसरी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर चिपकाना या हाथ में लेकर टोल पार करना पूरी तरह गैरकानूनी है।

टोल प्लाजा पर होने वाली वित्तीय विसंगतियों, टैक्स चोरी और सुरक्षा जोखिमों को समाप्त करने के लिए एनएचएआई ने आधिकारिक तौर पर ‘One Vehicle, One FASTag’ (एक वाहन, एक फास्टैग) नियम लागू किया हुआ है। इस नीति के मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं:

  • वाहन पंजीकरण से सीधा जुड़ाव: हर फास्टैग आरएफआईडी (RFID) चिप तकनीक पर काम करता है। जब बैंक या अधिकृत एजेंसी फास्टैग जारी करती है, तो वह टैग आईडी को वाहन के चेसिस नंबर, इंजन नंबर, व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) और वाहन की विशिष्ट श्रेणी (जैसे कार, जीप, बस या ट्रक) से डिजिटल रूप से मैप कर देती है।

  • कई गाड़ियों में एक टैग अमान्य: एक ही फास्टैग को दो या उससे अधिक वाहनों से कभी भी लिंक नहीं किया जा सकता।

  • एक गाड़ी पर कई टैग की मनाही: इसी नियम के तहत एक ही वाहन पर बैंक बदलने के चक्कर में एक से अधिक सक्रिय फास्टैग रखना भी प्रतिबंधित है। पुरानी आरएफआईडी चिप को डीएक्टिवेट कराकर ही नया टैग लगाया जा सकता है।

यदि कोई वाहन चालक चालाकी दिखाने की कोशिश करते हुए एक कार का फास्टैग निकालकर दूसरी कार में लगाता है, तो टोल प्लाजा के आधुनिक ऑटोमैटिक सिस्टम से वह बच नहीं सकता। ऐसा करने पर निम्नलिखित गंभीर परिणाम भुगतने होंगे:

  • कैमरा और एएनपीआर (ANPR) से तुरंत पकड़: देश भर के टोल प्लाजा पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और बूम बैरियर लगे होते हैं। जैसे ही फास्टैग रीडर टैग को स्कैन करता है, कैमरा कार की नंबर प्लेट को रीड कर लेता है। यदि टैग में दर्ज गाड़ी का नंबर और कैमरे द्वारा पकड़ी गई नंबर प्लेट आपस में मेल नहीं खाते, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है।

  • फास्टैग तुरंत होगा ब्लैकलिस्ट (Blacklist): नंबर प्लेट मिसमैच होते ही बैंक और एनपीसीआई का सर्वर उस फास्टैग को ‘फ्रॉड’ या ‘डिफॉल्ट’ श्रेणी में डालकर तुरंत ब्लैकलिस्ट कर देगा। एक बार ब्लैकलिस्ट होने के बाद वह टैग पहली गाड़ी के लिए भी बेकार हो जाएगा।

  • दोगुना टोल टैक्स (Double Toll Penalty): राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रहण) नियमों के अनुसार, यदि किसी वाहन में अवैध, अमान्य या मिसमैच फास्टैग पाया जाता है, तो चालक को संबंधित टोल प्लाजा पर लागू दर का दोगुना नकद या यूपीआई जुर्माना (Double Cash Penalty) भरना पड़ेगा।

  • वाहन जब्ती व कानूनी धाराएं: यदि कोई भारी वाहन (जैसे कॉमर्शियल ट्रक) पर कार का फास्टैग लगाकर कम टोल देने की धोखाधड़ी करता है, तो टोल प्रबंधन स्थानीय पुलिस को सूचना देकर वाहन को जब्त करा सकता है और जालसाजी की धाराओं में चालान कट सकता है।

तकनीकी दृष्टि से भी फास्टैग को एक कार से उखाड़कर दूसरी कार में सुरक्षित लगाना असंभव बनाया गया है। फास्टैग का निर्माण ‘टैम्पर-एविडेंट’ (Tamper-Evident) तकनीक से किया जाता है। इसका मतलब यह है कि जब आप फास्टैग को कार की विंडस्क्रीन के अंदरूनी हिस्से पर चिपकाते हैं, तो उसकी आरएफआईडी एंटीना कॉइल शीशे की सतह से चिपक जाती है। यदि आप इसे खुरचकर या खींचकर हटाने की कोशिश करेंगे, तो चिप का आंतरिक सर्किट और एंटीना टूटकर नष्ट हो जाएगा। नतीजतन, वह टैग पूरी तरह ‘Dead’ यानी निष्क्रिय हो जाएगा और किसी भी टोल स्कैनर द्वारा रीड नहीं किया जा सकेगा।

यदि आपके पास दो कारें हैं, तो कानून सम्मत और सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि आप दोनों गाड़ियों के लिए अलग-अलग फास्टैग जारी करवाएं। दोनों टैग अलग होने के बावजूद आप चाहें तो उन दोनों को अपने एक ही बैंक खाते, पेटीएम वॉलेट या यूपीआई आईडी से लिंक कर सकते हैं। इससे आपका वॉलेट बैलेंस साझा (Common Balance) रहेगा और दोनों गाड़ियों का टोल उसी एक वॉलेट से कटता रहेगा। नया फास्टैग बनवाना बेहद आसान है—आप मात्र ₹100 से ₹200 के मामूली शुल्क में अपनी दूसरी गाड़ी की आरसी (RC), आधार कार्ड और पैन कार्ड देकर किसी भी बैंक (SBI, HDFC, ICICI आदि), अमेजन, गूगल पे या टोल प्लाजा के पीओएस काउंटर से नया फास्टैग ले सकते हैं। कुछ रुपयों की बचत के चक्कर में एक फास्टैग को दो गाड़ियों में इस्तेमाल करने का जोखिम न उठाएं, क्योंकि यह आपको दोगुने जुर्माने और ब्लैकलिस्टिंग के झंझट में डाल सकता है।