कोटक महिंद्रा और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने जारी किए दूसरी तिमाही के नतीजे, लोन और डिपॉजिट में शानदार उछाल

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय परिणामों के सीजन से पहले प्रमुख निजी बैंकों ने अपने प्रोविजनल बिजनेस अपडेट (Business Update) जारी करने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में देश के दो बड़े निजी बैंकों—कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank)—ने अपने कारोबार के आंकड़े साझा किए हैं।

इन आंकड़ों के मुताबिक, दोनों ही बैंकों के लोन पोर्टफोलियो और कुल डिपॉजिट में मजबूत और स्थिर ग्रोथ देखने को मिली है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र में मजबूत मांग का संकेत देती है। आइए जानते हैं दोनों बैंकों के इन ताजा कारोबारी आंकड़ों की विस्तृत जानकारी।

कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा जारी किए गए दूसरी तिमाही के बिजनेस अपडेट के अनुसार, बैंक के समग्र कारोबार में शानदार तेजी दर्ज की गई है:

  • नेट एडवांसेज (Net Advances): समीक्षाधीन तिमाही के अंत तक बैंक के कुल लोन और एडवांस (End of Period) सालाना आधार पर 24.7% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ पर पहुंच गए हैं।

  • कुल डिपॉजिट (Total Deposits): बैंक के कुल डिपॉजिट में भी सालाना आधार पर 23.2% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई है, जिससे कुल जमा बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गई है।

  • CASA डिपॉजिट: बैंक के CASA (करेंट अकाउंट सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट में सालाना आधार पर 11.3% की ग्रोथ दर्ज की गई है और यह बढ़कर ₹2.49 लाख करोड़ रहा है।

दूसरी ओर, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) ने भी अपने निवेशकों और शेयर बाजारों को दूसरी तिमाही के बेहद उत्साहजनक आंकड़े सौंपे हैं:

  • कस्टमर और कुल डिपॉजिट: बैंक के कुल डिपॉजिट्स में सालाना आधार पर 17% की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर ₹3.24 लाख करोड़ पर पहुंच गए हैं। वहीं, केवल कस्टमर डिपॉजिट्स में सालाना आधार पर 17.6% की ग्रोथ दर्ज की गई है, जो बढ़कर ₹3.17 लाख करोड़ हो गया है।

  • लोन और एडवांसेज: समीक्षाधीन अवधि के दौरान बैंक के कुल लोन और एडवांसेज में सालाना आधार पर 20.4% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई, जिससे यह आंकड़ा बढ़कर ₹3.14 लाख करोड़ हो गया है।

  • CASA रेशियो: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का CASA रेशियो दूसरी तिमाही में सुधरकर 51.3% पर पहुंच गया है, जो कि पिछले साल की समान तिमाही में 50.1% और पिछली तिमाही में 50.8% था।

वित्तीय बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन मजबूत प्रोविजनल आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि त्योहारी सीजन से ठीक पहले बैंकों का ऋण वितरण और जमा संग्रह दोनों ही मोर्चों पर प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। आगामी आधिकारिक वित्तीय परिणामों में इनके मुनाफे के आंकड़े तय करेंगे कि शेयर बाजार में इन शेयरों की चाल कैसी रहने वाली है।