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LoC पार कर भारतीय सीमा में घुसी PoJK की 17 वर्षीय युवती: नौशेरा के लाम सेक्टर में सेना ने पकड़ा, सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती राजौरी जिले से बड़ी सुरक्षा हलचल सामने आई है। नियंत्रण रेखा (LoC) के अग्रिम क्षेत्र नौशेरा के लाम सेक्टर में भारतीय सेना के मुस्तैद जवानों ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) से आई एक 17 वर्षीय युवती को पकड़ा है। शनिवार की सुबह सीमा पार से संदिग्ध हलचल दिखने के बाद गश्ती दल ने तुरंत घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। प्राथमिक सूचना के अनुसार, युवती ने नियंत्रण रेखा को पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था। सेना और खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह सीमा पार घुसपैठ अनजाने में रास्ता भटकने की वजह से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति है।

अधिकारियों के अनुसार, लाम सेक्टर के संवेदनशील इलाके में तैनात भारतीय सेना की फॉरवर्ड पोस्ट के जवानों ने बाड़ और नियंत्रण रेखा के पास एक व्यक्ति की संदिग्ध आवाजाही दर्ज की। जवानों ने बिना किसी देरी के संयम और सतर्कता बरतते हुए उसे रुकने की चेतावनी दी और सुरक्षित रूप से अपनी हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपनी उम्र लगभग 17 वर्ष बताई और खुद को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के निकटवर्ती सीमावर्ती गांव का निवासी बताया। सीमा पार से किसी अन्य संदिग्ध या घुसपैठिये के आने की संभावना को पूरी तरह खारिज करने के लिए सेना और स्थानीय पुलिस ने आसपास के जंगली व दुर्गम रास्तों पर सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

हिरासत में ली गई युवती को स्थानीय प्रशासनिक व सैन्य कैंप में ले जाया गया है, जहां महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उससे प्रारंभिक पूछताछ की जा रही है। खुफिया एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि युवती पारिवारिक विवाद, तनाव या घने कोहरे व जंगली रास्ते की वजह से अनजाने में भारतीय सीमा में दाखिल हुई है, अथवा कोई अन्य कारण रहा है। विगत में भी पीर पंजाल के पुंछ और राजौरी सेक्टरों में मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति, किशोर और मवेशी चराने वाले स्थानीय ग्रामीण अनजाने में जीरो लाइन पार कर जाते रहे हैं, जिनकी पुष्टि होने पर फ्लैग मीटिंग के जरिए मानवीय आधार पर स्वदेश वापसी कराई जाती है।

सैन्य और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। संयुक्त पूछताछ पूरी होने और युवती की वास्तविक पहचान व निवास की पुष्टि होने के बाद उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। यदि जांच में यह पूरी तरह साबित हो जाता है कि युवती गलती से भटक कर सीमा पार आई है और उसके पास कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है, तो सैन्य स्तर पर हॉटलाइन और फ्लैग मीटिंग के जरिए पाकिस्तानी सेना से संपर्क कर उसे सकुशल वापस सौंपने (Repatriation) की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।