
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही भारतीय शेयर बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुका है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और भू-राजनीतिक तनावों के बीच घरेलू शेयर बाजार पर दबाव देखा जा रहा है। तकनीकी विश्लेषकों और प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स के अनुसार, मौजूदा गिरावट के दौर में निफ्टी 50 के लिए 21,400 का स्तर एक बेहद मजबूत और निर्णायक सपोर्ट का काम कर रहा है। जब तक निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिका रहता है, तब तक लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह करेक्शन एक शानदार खरीदारी का मौका बन सकता है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इंडेक्स में सीमित उतार-चढ़ाव के बावजूद चुनिंदा सेक्टर्स में काफी बेहतर वैल्यूएशन और ग्रोथ की संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में अगर बाजार 21,400 के स्तर पर बेस बनाता है, तो अगले 3 से 4 महीनों में यहां से एक तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है।
अक्टूबर के दौरान बाजार की चाल काफी हद तक दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजों और त्योहारी मांग पर निर्भर करेगी। ब्रोकरेज हाउस के रडार पर सबसे पहले बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयर हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार और त्योहारी सीजन के चलते टू-व्हीलर और पैसेंजर व्हीकल्स की रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद है।
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टाटा मोटर्स (Tata Motors): घरेलू कमर्शियल व्हीकल मार्केट और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में कंपनी का दबदबा बरकरार है। ब्रोकरेज के मुताबिक 3 से 4 महीनों के नजरिए से यह शेयर नई ऊंचाई छू सकता है।
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एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank): विलय के बाद बैंक के क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो में लगातार सुधार आ रहा है। प्राइवेट बैंकिंग स्पेस में आकर्षक वैल्यूएशन के चलते ब्रोकरेज इसे ‘बाय ऑन डिप्स’ का बेहतरीन विकल्प मान रहे हैं।
सरकार के पूंजीगत व्यय (Capex) और बुनियादी ढांचे के विस्तार की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है। देश के हर हिस्से में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से ऑर्डर बुक लगातार बढ़ रही है।
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लार्सन एंड टुब्रो (L&T): भारत के साथ-साथ पश्चिम एशिया (Middle East) से मिल रहे बड़े ऑर्डर्स ने कंपनी की स्थिति को बेहद मजबूत बनाया हुआ है। तकनीकी चार्ट्स पर भी यह स्टॉक स्थिर नजर आ रहा है और 3-4 महीने में मजबूत रिटर्न दे सकता है।
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भेल (BHEL): थर्मल पावर और न्यूक्लियर एनर्जी के नए प्रोजेक्ट्स के चलते इस पीएसयू शेयर में मजबूत री-रेटिंग की उम्मीद जताई जा रही है। ब्रोकरेज फर्म्स ने इसे मध्यम अवधि के पोर्टफोलियो के लिए पसंदीदा पिक बताया है।
बाजार में जब भी अनिश्चितता का माहौल बनता है, तब डिफेंसिव सेक्टर्स जैसे आईटी और फार्मास्युटिकल्स को पोर्टफोलियो को स्थिरता देने के लिए चुना जाता है।
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इन्फोसिस (Infosys): लार्ज-कैप आईटी सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एआई-संचालित डील्स के चलते इन्फोसिस पर ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा है। डॉलर के मुकाबले रुपये के रुझान से भी कंपनी के मार्जिन को सपोर्ट मिल रहा है।
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सन फार्मा (Sun Pharma): स्पेशियलिटी पोर्टफोलियो और अमेरिकी बाजार में मजबूत पकड़ के चलते सन फार्मा लगातार आउटपरफॉर्म कर रहा है। हेल्थकेयर सेक्टर में सुरक्षित निवेश के लिए यह ब्रोकरेज की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
चाहे आप लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, जयपुर या मुंबई से ट्रेड कर रहे हों, इस समय आक्रामक ट्रेडिंग के बजाय नपे-तुले तरीके से फंड एलोकेट करना समझदारी होगी। 21,400 के सपोर्ट को स्टॉपलॉस के स्तर के तौर पर ध्यान में रखते हुए निवेशकों को एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय किस्तों में (Staggered Manner) खरीदारी करनी चाहिए। अगले 3 से 4 महीनों में त्योहारी मांग, बजट पूर्व की चर्चाएं और तिमाही नतीजों का सकारात्मक असर इन क्वालिटी शेयरों पर साफ देखने को मिल सकता है।
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