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Noida International Airport Direct Flights: जेवर से कोलकाता और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ानों का ऐलान, जानें पूरा शेड्यूल, किराया और तारीख

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों हवाई यात्रियों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जेवर स्थित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों के नेटवर्क का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब देश के दो प्रमुख महानगरों—पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और दक्षिण भारत के आईटी हब बेंगलुरु—के लिए सीधी नॉन-स्टॉप उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर अक्सर रहने वाले भारी ट्रैफिक, टर्मिनल की भीड़भाड़ और सुरक्षा जांच की लंबी कतारों से परेशान यात्रियों के लिए यह नई सेवा एक बेहतरीन और समय बचाने वाला विकल्प बनेगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा के यात्रियों को अब फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाने की मजबूरी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

एयरलाइंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिली जानकारी के अनुसार, अकासा एयर (Akasa Air) और इंडिगो (IndiGo) ने अपने विंटर और पोस्ट-मॉनसून शेड्यूल में इन दोनों प्रमुख रूट्स को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IATA कोड: DXN) से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CCU) और बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (BLR) के लिए सीधी दैनिक (Daily) नॉन-स्टॉप उड़ानों का संचालन शुरू किया जा रहा है। इन दोनों रूट्स के लिए प्रमुख एयरलाइंस के ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स और ओटीए पोर्टल्स पर फ्लाइट्स की बुकिंग विंडो भी ओपन कर दी गई है। शुरुआती दौर में दोनों महानगरों के लिए रोजाना सुबह और शाम के समय स्लॉट दिए गए हैं ताकि कॉर्पोरेट प्रोफेशनेल्स और बिजनेस ट्रैवलर्स एक ही दिन में अपनी मीटिंग्स निपटाकर वापस लौट सकें।

नोएडा से बेंगलुरु और कोलकाता के लिए नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स शुरू होने से यात्रा के समय में भारी कटौती होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेंगलुरु (DXN to BLR) के लिए नॉन-स्टॉप हवाई सफर लगभग 2 घंटे 35 मिनट से 2 घंटे 50 मिनट के बीच पूरा होगा। वहीं कोलकाता (DXN to CCU) की दूरी महज 2 घंटे 15 मिनट से 2 घंटे 20 मिनट के भीतर तय की जा सकेगी। किराए की बात करें तो शुरुआती प्रमोशनल ऑफर के तहत नोएडा से कोलकाता की एक तरफ की इकोनॉमी क्लास का किराया लगभग ₹6,900 से ₹8,000 के दायरे में रखा गया है। वहीं, नोएडा से बेंगलुरु का शुरुआती बेस फेयर लगभग ₹7,800 से ₹8,500 के बीच निर्धारित किया गया है। त्योहारी सीजन जैसे दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए टिकटों के दाम में गतिशील किराया प्रणाली (Dynamic Pricing) के अनुसार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

बेंगलुरु को भारत की सिलिकॉन वैली माना जाता है, जहां हर हफ्ते हजारों सॉफ्टवेयर प्रोफेशनेल्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और टेक एक्सपर्ट्स दिल्ली-एनसीआर से आते-जाते हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा खुद देश के सबसे बड़े आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित हो चुके हैं। ऐसे में जेवर से बेंगलुरु की डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने से कॉर्पोरेट सेक्टर को जबर्दस्त बूस्ट मिलेगा। इसी तरह, पूर्वी भारत के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र कोलकाता के साथ सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होने से चमड़ा उद्योग, कपड़ा कारोबार, सर्राफा बाजार और हैंडीक्राफ्ट्स से जुड़े पश्चिमी यूपी के व्यापारियों के लिए माल ढुलाई और व्यापारिक आवाजाही बेहद सुगम हो जाएगी। यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाले 2 से 3 घंटे के सड़क जाम से भी सीधी बचत होगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा पहले ही तैयार किया जा चुका है। यह एयरपोर्ट सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है, जिससे आगरा और मथुरा से आने वाले वाहन सीधे बिना किसी ट्रैफिक लाइट के एयरपोर्ट टर्मिनल तक पहुंच सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वल्लभगढ़ और फरीदाबाद को जोड़ने वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के जरिए हरियाणा के गुड़गांव, पलवल और कुंडली से आने वाले मुसाफिर भी आसानी से जेवर पहुंच सकते हैं। एयरपोर्ट को भविष्य में दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन) और नमो भारत (आरआरटीएस) नेटवर्क से भी जोड़ने की परियोजना पर काम तेज गति से चल रहा है।

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) की योजना के मुताबिक, एयरपोर्ट के पहले चरण में हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की गई है। मुंबई, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद और श्रीनगर के बाद अब कोलकाता और बेंगलुरु जैसे व्यस्त मेट्रो रूट्स जुड़ने से एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आने वाले महीनों में चेन्नई, गोवा, गुवाहाटी, पटना और वाराणसी के लिए भी अतिरिक्त घरेलू उड़ानें शुरू करने की तैयारी चल रही है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन भी यहां से हरी झंडी पा सकेगा।