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‘राइज एंड फॉल’ में शहजाद पूनावाला पर हाथ छोड़ना सिवेट तोमर को पड़ा भारी, मारपीट के बाद शो से बाहर

प्राइम वीडियो के रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ के तीसरे एपिसोड में सत्ता, रणनीति और व्यक्तिगत अहंकार के टकराव ने एक बेहद अप्रत्याशित और हिंसक मोड़ ले लिया है। वीरेंद्र सहवाग द्वारा होस्ट किए जा रहे इस हाई-स्टेक गेम शो के टॉवर में सत्ता समीकरण उस वक्त पूरी तरह बिखर गए जब पेंटहाउस में दो प्रमुख कंटेस्टेंट्स—सिवेट तोमर और राजनीतिक विश्लेषक शहजाद पूनावाला—के बीच जुबानी जंग ने अचानक हिंसक रूप धारण कर लिया। टॉवर में शक्ति संतुलन साधने की कवायद के बीच हुई इस हाथापाई ने पूरे शो के डायनामिक्स को उलट-पुलट कर रख दिया। शो के आयोजकों और मेकर्स (बनिजय एशिया) ने हिंसा को लेकर अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का पालन करते हुए सिवेट तोमर को तत्काल प्रभाव से टॉवर छोड़ने यानी शो से बाहर करने का फरमान सुना दिया।

यह ड्रामा केवल एक कंटेस्टेंट के निष्कासन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरे पेंटहाउस पर देखने को मिला। सिवेट के एविक्शन के विरोध में बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर और जाने-माने टीवी अभिनेता करण पटेल ने शो के प्रबंधन और नियमों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। दोनों सितारों ने प्रबंधन के एकतरफा फैसले का कड़ा विरोध करते हुए सिवेट के समर्थन में खुद भी टॉवर से बाहर जाने का निर्णय लिया। एक ही झटके में तीन प्रमुख चेहरों के वॉकआउट और निष्कासन से ‘राइज एंड फॉल’ के प्रशंसकों और दर्शकों के बीच भारी हलचल मच गई है।

एपिसोड की शुरुआत में टॉवर के भीतर दो गुटों—रूलर्स (शासक) और वर्कर्स (श्रमिक)—के बीच रणनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। बेसमेंट में जहां वर्कर्स आगामी नॉमिनेशन को लेकर अपना गणित बैठा रहे थे, वहीं पेंटहाउस में मौजूद रूलर्स यह आकलन कर रहे थे कि कौन सा प्रतियोगी उनकी गद्दी के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसी बीच रूलर्स के सामने ‘अल्टीमेट रूलर’ बनने की रेस का ऐलान किया गया। इस खिताब को जीतने वाले प्रतिभागी को न केवल टॉवर के सबसे महत्वपूर्ण फैसले लेने का पूर्ण एकाधिकार मिलना था, बल्कि वह उस सप्ताह एलिमिनेशन की तलवार से भी सुरक्षित हो जाता।

हालांकि, इस मुख्य रेस के शुरू होने से पहले एक कड़ा ट्विस्ट रखा गया कि सभी रूलर्स को आपसी सहमति और वोटिंग के जरिए यह तय करना होगा कि उनके बीच निर्णय लेने में सबसे कमजोर कौन है, और उस प्रतियोगी को रेस से सीधे बाहर कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान सिवेट तोमर सभी के निशाने पर आ गए। अधिकांश रूलर्स ने उन्हें सबसे कमजोर डिसीजन-मेकर करार दिया, जिससे सिवेट बुरी तरह झल्ला गए। विशेषकर शहजाद पूनावाला के रुख से वह आहत दिखे क्योंकि दोनों ने शुरुआत में मिलकर खेलने का अनकहा गठबंधन बनाया था। सिवेट ने शहजाद पर सीधा हमला बोलते हुए तीखी टिप्पणी की और उन्हें पीठ पीछे वार करने वाला बताया। सिवेट ने तंज कसते हुए कहा कि जब स्वरा के सामने खड़े होने की बात आई थी तब हाथ जोड़कर साथ मांगा गया था, इसलिए जुबान की कीमत समझना जरूरी है।

कमजोर फैसला लेने वाला घोषित किए जाने के बावजूद सिवेट को गेम को प्रभावित करने का एक अंतिम अधिकार दिया गया, जिसके तहत उन्होंने शहजाद को सबसे कमजोर बताकर बदला लिया। इसके बाद शहजाद ने करण, करण ने स्वरा और स्वरा ने राज ग्रोवर को बाहर का रास्ता दिखाया। इस तरह अल्टीमेट रूलर के ताज की अंतिम दौड़ में केवल तीन नाम—प्रियंका चाहर चौधरी, तेज प्रताप यादव और इरीना रुदाकोवा—ही शेष बचे। प्रतियोगिता से बाहर होने के बाद सिवेट और स्वरा भास्कर के समीकरण में अचानक बदलाव आया। पहले स्वरा से कभी बात न करने की कसम खाने वाले सिवेट उनके साथ बैठकर चर्चा करते नजर आए।

शहजाद पूनावाला ने सिवेट के इस बदले हुए रुख को ‘दोगलापन’ और डबल स्टैंडर्ड करार दिया और उन पर खुलकर तंज कसा। बस यही बात सिवेट को नागवार गुजरी और दोनों के बीच कहासुनी गाली-गलौज और तीखी नोकझोंक में बदल गई। गुस्सा इस कदर बेकाबू हो गया कि सिवेट ने अचानक शहजाद की गर्दन पकड़ ली और उन्हें पूरी ताकत से नीचे धक्का दे दिया। इस अचानक हुए शारीरिक हमले में शहजाद के कपड़े फट गए और उन्हें शारीरिक चोटें भी आईं। पेंटहाउस में मौजूद अन्य कंटेस्टेंट्स ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया, लेकिन तब तक सीमाएं पूरी तरह लांघी जा चुकी थीं।

टॉवर के सख्त संविधान के तहत किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा को सबसे गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे में शो के नियमों के तहत लिफ्ट के दरवाजे खुले और सिवेट तोमर को तुरंत बैग पैक कर बाहर जाने का निर्देश दिया गया। लेकिन इसी मोड़ पर स्वरा भास्कर ने प्रबंधन के फैसले को चुनौती दे दी। स्वरा ने साफ शब्दों में तर्क दिया कि ताली एक हाथ से नहीं बजती; अगर सिवेट पर हाथ उठाने के लिए कार्रवाई हो रही है, तो जानबूझकर लगातार उकसाने और स्थिति को भड़काने के लिए शहजाद पूनावाला को भी समान परिणाम भुगतने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक शहजाद पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह फैसला पूरी तरह अनुचित है।

करण पटेल ने भी स्वरा के सुर में सुर मिलाते हुए सिवेट का खुला समर्थन किया। करण ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर सिवेट को निकाला जा रहा है तो वे भी अपनी मर्जी से शो छोड़ देंगे, क्योंकि जिसने सामने वाले को उकसाया उसे उसी के किए का नतीजा मिला था। जब सिवेट लिफ्ट की तरफ बढ़े, तो उनके पीछे-पीछे स्वरा भास्कर और करण पटेल भी अपनी मर्जी से टॉवर से बाहर निकल गए। तीन बड़े रूलर्स का एक साथ इस तरह बाहर हो जाना शो के इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर बन गया है।

इस अप्रत्याशित ड्रामे और निष्कासन के बाद टॉवर के भीतर कंटेस्टेंट्स की स्थिति में बड़ा फेरबदल हुआ है। एपिसोड के समापन तक पेंटहाउस (रूलर्स) के दायरे में अब तेज प्रताप यादव, शहजाद पूनावाला, प्रियंका चाहर चौधरी, इरीना रुदाकोवा और राज ग्रोवर मुख्य भूमिका में बने हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ, बेसमेंट में संघर्ष कर रहे वर्कर्स की टोली में निहारिका तिवारी, कायरा अनु, अनीश भगत, सारा गुरपाल, मनीष कश्यप, गौतम गुलाटी और काजल राघवानी शामिल हैं।

बनिजय एशिया द्वारा निर्मित और पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग द्वारा संचालित यह शो हर दिन दोपहर 12 बजे प्राइम वीडियो पर दर्शकों के लिए स्ट्रीम किया जाता है। सिवेट के एविक्शन और दो बड़े सितारों के वॉकआउट के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मेकर्स स्वरा और करण को मनाने में सफल होंगे या फिर अल्टीमेट रूलर की रेस में बचे हुए दावेदार टॉवर पर अपनी हुकूमत की नई इबारत लिखेंगे।