
सड़कों पर सफर करने वाले राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार और नगर प्रशासन ने एक ऐतिहासिक व जनहितैषी कदम उठाया है। अब देश भर के किसी भी छोटे-बड़े होटल, रेस्तरां, ढाबे या पेट्रोल पंप पर आम नागरिक बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी शुल्क के शौचालय (Washroom/Toilet) और पीने के साफ पानी की सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। अक्सर यह देखा जाता था कि सड़कों पर सार्वजनिक शौचालयों की कमी के चलते राहगीरों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता था। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान या होटल यह कहकर लोगों को प्रवेश देने से मना कर देते थे कि वे उनके ग्राहक नहीं हैं। सरकार द्वारा जारी नए सख्त दिशा-निर्देशों के बाद अब यह बहाना पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है।
इस आदेश की कानूनी जड़ें भारत के ऐतिहासिक ‘द सराय एक्ट, 1867’ (The Sarais Act, 1867) और आधुनिक ‘स्वच्छ भारत मिशन’ (शहरी व ग्रामीण) की गाइडलाइंस में निहित हैं। सराय अधिनियम के तहत किसी भी होटल, सराय या धर्मशाला के लिए यह अनिवार्य वैधानिक शर्त है कि वह किसी भी राहगीर को मुफ्त में पीने का स्वच्छ पानी और शौचालय का उपयोग करने की अनुमति दे।
शहरी विकास मंत्रालय और विभिन्न राज्य सरकारों के नगर विकास विभागों ने स्वच्छता और नागरिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए इस प्रावधान को नए सिरे से कड़ाई से लागू करने का आदेश जारी किया है। नगर निगमों के अनुसार, शहर की स्वच्छता, खुले में शौच से मुक्ति (ODF++) और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जनहित में अपनी बुनियादी सुविधाओं को सार्वजनिक रूप से साझा करना होगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ‘मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस’ (MDG) के तहत देश के सभी अधिकृत पेट्रोल पंपों (IOCL, BPCL, HPCL, Reliance आदि) पर निम्नलिखित सुविधाएं आम नागरिकों को पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराना अनिवार्य है:
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साफ और स्वच्छ शौचालय: महिला एवं पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग, सुव्यवस्थित और स्वच्छ वॉशरूम होना अनिवार्य है।
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पेयजल की उपलब्धता: आरओ या साफ पीने के पानी की निरंतर व्यवस्था होनी चाहिए।
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इमरजेंसी कॉल और फर्स्ट एड: आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा किट और फोन कॉल की सुविधा।
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मुफ्त हवा: वाहनों के टायरों में हवा भरने की निःशुल्क सुविधा।
यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक शौचालय पर ताला लगाकर रखता है या ‘आउट ऑफ सर्विस’ का झूठा बोर्ड लगाकर आम जनता को उपयोग करने से रोकता है, तो इसे डीलरशिप समझौते का सीधा उल्लंघन माना जाता है।
सरकार के हालिया आदेश ने स्थिति को बिल्कुल शीशे की तरह साफ कर दिया है। किसी भी व्यक्ति को किसी 5-स्टार, 3-स्टार, बजट होटल, कैफे या रेस्टोरेंट में केवल शौचालय का उपयोग करने या पानी पीने के लिए कोई भोजन या पेय पदार्थ खरीदना जरूरी नहीं है।
यदि आप किसी बाजार, हाईवे या मुख्य मार्ग से गुजर रहे हैं और आपको प्राकृतिक क्रिया के लिए जाना है, तो आप सीधे किसी भी नजदीकी प्रतिष्ठान में जा सकते हैं। कोई भी बाउंसर, सुरक्षा गार्ड या होटल स्टाफ आपको गेट पर यह कहकर नहीं रोक सकता कि यह सुविधा सिर्फ ‘डाइनिंग कस्टमर्स’ के लिए आरक्षित है। ऐसा करना न केवल प्रशासनिक आदेश की अवहेलना है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों और मानवीय गरिमा का भी खुला हनन है।
नए प्रशासनिक आदेश में यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो भी होटल, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप आम जनता को वॉशरूम का उपयोग करने से रोकेगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी:
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ट्रेड और हेल्थ लाइसेंस का निलंबन: नगर निगम या स्थानीय निकाय संबंधित होटल या रेस्टोरेंट का ट्रेड लाइसेंस और फूड सेफ्टी (FSSAI) लाइसेंस निलंबित कर सकते हैं।
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आर्थिक जुर्माना: पहली बार शिकायत मिलने पर प्रतिष्ठान पर 10,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर दुकान या आउटलेट को सील किया जा सकता है।
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पेट्रोल पंप की डीलरशिप पर एक्शन: पेट्रोल पंप द्वारा सुविधा न देने पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा पंप की सप्लाई अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है और जुर्माने की राशि सीधे डीलर के कमीशन से काटी जा सकती है।
यदि किसी नागरिक को किसी होटल, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप पर शौचालय का उपयोग करने से मना किया जाता है या उनसे बदसलूकी की जाती है, तो वे तुरंत इन माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
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स्वच्छता ऐप (Swachhata App): केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ‘स्वच्छता ऐप’ पर उस प्रतिष्ठान की लोकेशन और फोटो के साथ तत्काल शिकायत दर्ज की जा सकती है, जिस पर नगर निगम की टीम को 24 घंटे के भीतर संज्ञान लेना होता है।
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स्थानीय नगर निगम हेल्पलाइन: अपने शहर के नगर निगम, नगर पालिका या जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर पर कॉल करके प्रतिष्ठान के नाम और पते की सीधी शिकायत दर्ज कराएं।
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पेट्रोल पंप शिकायत निवारण पोर्टल: पेट्रोल पंप की रसीद या बोर्ड पर लिखे ऑयल कंपनी के टोल-फ्री नंबर (जैसे IOCL: 1800 2333 555, BPCL: 1800 22 4344) अथवा पेट्रोलियम मंत्रालय के ‘CPGRAMS’ पोर्टल पर सीधी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
सरकार के इस आदेश से आम लोगों, विशेषकर कामकाजी महिलाओं, गर्भवती माताओं, बच्चों और लंबी यात्रा करने वाले मुसाफिरों को शहरों और राजमार्गों पर एक बड़ी मानसिक व शारीरिक राहत मिली है।
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