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UP Weather Alert: बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से यूपी में आफत, 30 से ज्यादा जिलों में मूसलाधार बारिश और बाढ़ का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के मध्य भारत से होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने के कारण राज्य भर में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप ले लिया है। पिछले 48 से 60 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश से प्रदेश के कई शहरों में रिकॉर्ड जलभराव हो चुका है और कई नदियां उफान पर हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी कर तराई, मध्य और पूर्वी यूपी के जिलों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के रास्ते आगे बढ़ा डिप्रेशन सिस्टम अब पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर केंद्रित हो रहा है। इस सिस्टम के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से लगातार प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है। मौसम केंद्र लखनऊ के डॉप्लर रडार से इस मानसूनी तंत्र पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके प्रभाव से कई इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की प्रबल आशंका बनी हुई है।

आईएमडी और आपदा प्रबंधन विभाग ने संवेदनशील जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं:

  • तराई और पश्चिमी यूपी: लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, पीलीभीत, बरेली, रामपुर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और बिजनौर में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल सीमा से सटे होने और पहाड़ी पानी के दबाव के चलते इन इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा बढ़ गया है।

  • मध्य व अवध क्षेत्र: लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, हरदोई, कन्नौज, अमेठी और अयोध्या में लगातार रुक-रुक कर तेज बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

  • पूर्वी यूपी और पूर्वांचल: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, गोंडा, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, प्रयागराज और वाराणसी में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।

लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा, यमुना, घाघरा, सरयू और शारदा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। निचले और कछारी इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो गई है। लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद और बरेली जैसे बड़े शहरों में ड्रेनेज ओवरफ्लो होने से सड़कें जलमग्न हो गई हैं। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की वजह से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और राहत आयुक्त कार्यालय को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित जिलों में राहत शिविर स्थापित करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट सक्रिय किए गए हैं। खराब मौसम और भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए कई जनपदों में स्कूलों को अस्थायी तौर पर बंद रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें और जलभराव वाले रास्तों पर आवागमन से बचें।