
भारतीय सर्राफा बाजार में इस त्योहारी सीजन में एक बड़ा और दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। लगातार आसमान छू रही सोने की कीमतों के कारण आम आदमी और मिडिल क्लास अब शादियों और त्योहारों की खरीदारी के लिए सोने के विकल्प के रूप में चांदी की और तेजी से रुख कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी एनालिस्ट्स का मानना है कि इस बार दिवाली के पावन अवसर पर चांदी की खुदरा और निवेश मांग में पिछले साल के मुकाबले 18 प्रतिशत तक का जबरदस्त उछाल आ सकता है। सोने के दाम बजट से बाहर होने के बाद मध्यम वर्ग के लिए चांदी न सिर्फ परंपरा को निभाने का जरिया बन रही है, बल्कि यह एक मजबूत और किफायती निवेश विकल्प के रूप में भी उभर रही है।
सोने की बढ़ती कीमतें और आम आदमी का बदलता रुख
भारतीय बाजारों में पिछले कुछ महीनों के दौरान सोने के भाव में रिकॉर्ड तोड़ तेजी दर्ज की गई है, जिसके चलते आम consommateurs की पहुंच से सोना धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है। मिडिल क्लास परिवारों के लिए शादियों के सीजन और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर सोने के गहने खरीदना अब काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। यही मुख्य वजह है कि उपभोक्ता अब सोने के मुकाबले चांदी के आभूषणों, सिक्कों और सिल्लियों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि इस साल त्योहारी सीजन में सोने की बिकवाली की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है, जबकि चांदी के काउंटर पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ने की पूरी उम्मीद है। मध्यम वर्ग के इस बदलते रुझान से बाजार का पूरा समीकरण ही बदलता नजर आ रहा है।
त्योहारी सीजन में चांदी की मांग में 18% तक के उछाल के अनुमान
कमोडिटी बाजार के जानकारों और विभिन्न ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल दिवाली की खरीदारी के दौरान चांदी की मांग में लगभग 18% तक की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। केवल पारंपरिक आभूषण ही नहीं, बल्कि सिल्वर ईटीएफ (Silver ETFs) और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी निवेशक बड़े पैमाने पर चांदी में पैसा लगा रहे हैं। त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए ज्वेलर्स ने भी अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जानकारों का मानना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड के साथ-साथ खुदरा बाजार में आभूषण प्रेमियों की दिलचस्पी बढ़ने से चांदी की चमक इस दिवाली बाजार में सोने पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है, जिससे व्यापारियों में भी काफी उत्साह है।
चांदी क्यों बन रही है मिडिल क्लास और निवेशकों की पहली पसंद
चांदी के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ने के पीछे इसके किफायती दाम के अलावा इसकी मजबूत निवेश क्षमता भी है। आर्थिक जानकारों का तर्क है कि गोल्ड-सिल्वर रेश्यो में आए बदलाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की लगातार घटती सप्लाई के चलते निवेशकों को इसमें बेहतर रिटर्न की उम्मीद नजर आ रही है। जहां एक तरफ सोने की ऊंची कीमतों ने आम आदमी के हाथ बांध दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ चांदी कम बजट में एक बड़ा निवेश विकल्प बनकर सामने आई है। इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग ने भी इसके भविष्य को और अधिक सुरक्षित बना दिया है, जिससे आम निवेशक इसे खरीदने में ज्यादा हिचकिचाहट महसूस नहीं कर रहे हैं।
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