
नई दिल्ली। वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के तहत आयकर विभाग के वैधानिक कैलेंडर में अक्टूबर का महीना व्यक्तिगत करदाताओं, व्यापारियों, कंपनियों और टैक्स पेशेवरों के लिए अत्यधिक व्यस्त और महत्वपूर्ण रहता है। जहां गैर-ऑडिट श्रेणी वाले सामान्य वेतनभोगी और छोटे करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की सामान्य तारीख 31 जुलाई को समाप्त हो चुकी होती है, वहीं ऑडिट के दायरे में आने वाले व्यवसायियों, फर्मों और कंपनियों के लिए आयकर रिटर्न (ITR) जमा करने की अंतिम समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तय है। इसके अतिरिक्त, दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) के टीडीएस/टीसीएस रिटर्न और विभिन्न चालान-कम-स्टेटमेंट दाखिल करने की नियत तिथियां भी इसी महीने आ रही हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के नियमों के अनुसार समय पर टैक्स अनुपालन न करने पर धारा 234F के तहत लेट फीस और धारा 234A/B/C के तहत ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। इसके साथ ही देरी से रिटर्न दाखिल करने पर व्यापारिक और पूंजीगत हानियों (Losses) को आगे ले जाने (Carry Forward) का अधिकार भी छिन जाता है। किसी भी प्रकार के वित्तीय दंड और नोटिस से बचने के लिए करदाताओं को अक्टूबर 2026 की सभी जरूरी नियत तिथियों पर नजर रखनी चाहिए।
अक्टूबर महीने की सबसे बड़ी और अहम डेडलाइन 31 अक्टूबर 2026 है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत निम्नलिखित करदाताओं को अपना आयकर रिटर्न अनिवार्य रूप से 31 अक्टूबर तक दाखिल करना होगा:
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टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले कारोबारी व पेशेवर: ऐसे व्यवसाय जिनका वार्षिक टर्नओवर निर्धारित सीमा (धारा 44AB) से अधिक है और ऐसे प्रोफेशनल्स जिनकी सकल प्राप्तियां सीमा पार करती हैं, उन्हें अपना ऑडिटेड रिटर्न (ITR-3 / ITR-5) 31 अक्टूबर तक जमा करना होगा। (ध्यान रहे कि इनके लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फॉर्म 3CA/3CB और 3CD जमा करने की नियत तारीख 30 सितंबर होती है)।
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कॉर्पोरेट करदाता (कंपनियां): सभी प्राइवेट और पब्लिक लिमिटेड कंपनियों (ITR-6) के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।
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ऑडिटेड फर्मों के साझेदार: किसी ऐसी पार्टनरशिप फर्म या एलएलपी (LLP) के भागीदार, जिनके खातों का ऑडिट अनिवार्य है, उनके व्यक्तिगत रिटर्न की अंतिम तिथि भी 31 अक्टूबर ही मान्य होती है।
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ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट (फॉर्म 3CEB): जिन अंतरराष्ट्रीय या विशिष्ट घरेलू लेनदेन वाली संस्थाओं पर ट्रांसफर प्राइसिंग लागू होती है, उनके लिए धारा 92E के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा फॉर्म 3CEB अपलोड करने की नियत तिथि 31 अक्टूबर 2026 है (इनका अंतिम ITR 30 नवंबर तक भरा जाता है)।
कर कटौतीकर्ताओं (Tax Deductors) और संग्राहकों के लिए अक्टूबर महीने में टीडीएस और टीसीएस से जुड़े कई जरूरी कंप्लायंस निर्धारित हैं:
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07 अक्टूबर 2026: सितंबर 2026 के महीने में काटे गए या एकत्र किए गए सभी प्रकार के टीडीएस (TDS) और टीसीएस (TCS) को सरकारी खाते में चालान 281 के जरिए जमा कराने की अंतिम तिथि।
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15 अक्टूबर 2026: वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2026) के लिए टीसीएस विवरण (Form 27EQ) दाखिल करने की अंतिम तारीख।
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30 अक्टूबर 2026: दूसरी तिमाही (Q2) के लिए एकत्रित किए गए टैक्स का टीसीएस सर्टिफिकेट (Form 27D) जारी करने की आखिरी तारीख।
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31 अक्टूबर 2026 (Q2 TDS रिटर्न): जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए त्रैमासिक टीडीएस रिटर्न—वेतनभोगियों के लिए फॉर्म 24Q और गैर-वेतन भुगतानों (ठेकेदारों, वेंडर्स, रेंट, प्रोफेशनल फीस आदि) के लिए फॉर्म 26Q व 27Q—दाखिल करने की वैधानिक अंतिम तारीख।
जो व्यक्ति रियल एस्टेट या उच्च मूल्य वाले भुगतानों पर टीडीएस काटते हैं, उनके लिए 30 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण है:
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30 अक्टूबर 2026 (फॉर्म 26QB): सितंबर 2026 में ₹50 लाख से अधिक की अचल संपत्ति (Immovable Property) खरीदने पर धारा 194-IA के तहत काटे गए टीडीएस का चालान-सह-विवरण (Challan-cum-statement) जमा करने की अंतिम तिथि।
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30 अक्टूबर 2026 (फॉर्म 26QC): व्यक्तिगत करदाताओं या एचयूएफ द्वारा प्रति माह ₹50,000 से अधिक किराया देने पर धारा 194-IB के तहत सितंबर में काटे गए टीडीएस को फॉर्म 26QC में जमा करने की नियत तिथि।
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30 अक्टूबर 2026 (फॉर्म 26QD): व्यक्तियों द्वारा ठेकेदारों या पेशेवरों को एक वित्तीय वर्ष में ₹50 लाख से अधिक का भुगतान करने पर धारा 194M के तहत काटे गए टैक्स को जमा कराने की डेडलाइन।
करदाताओं की सुविधा के लिए पूरे महीने की अनिवार्य समय-सीमाओं को इस तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| नियत तिथि | फॉर्म / कंप्लायंस | विवरण एवं प्रयोजन |
| 07 अक्टूबर 2026 | चालान 281 | सितंबर 2026 में काटे गए सरकारी व गैर-सरकारी TDS/TCS को जमा करना। |
| 15 अक्टूबर 2026 | फॉर्म 27EQ | दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए त्रैमासिक TCS रिटर्न। |
| 30 अक्टूबर 2026 | फॉर्म 27D | जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए TCS प्रमाणपत्र जारी करना। |
| 30 अक्टूबर 2026 | 26QB / 26QC / 26QD | सितंबर माह में संपत्ति, किराये या अनुबंध भुगतानों पर काटे गए TDS का चालान। |
| 31 अक्टूबर 2026 | ITR (ऑडिट केस) | कंपनियों और टैक्स ऑडिट वाले व्यापारियों के लिए AY 2026-27 का ITR फाइलिंग। |
| 31 अक्टूबर 2026 | 24Q / 26Q / 27Q | Q2 (जुलाई-सितंबर) के लिए वेतन व गैर-वेतन TDS रिटर्न दाखिल करना। |
| 31 अक्टूबर 2026 | फॉर्म 3CEB | अंतरराष्ट्रीय/घरेलू लेनदेन के लिए ट्रांसफर प्राइसिंग सीए रिपोर्ट। |
यदि निर्धारित तारीख तक आईटीआर या टीडीएस रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है, तो करदाताओं को भारी वित्तीय भार वहन करना पड़ सकता है:
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धारा 234F के तहत लेट फीस: समय पर आईटीआर न भरने पर ₹5,000 तक की पेनल्टी लगती है। हालांकि, ₹5 लाख से कम आय वाले करदाताओं के लिए यह लेट फीस ₹1,000 सीमित रहती है।
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बकाया टैक्स पर मासिक ब्याज: देय कर पर धारा 234A के तहत प्रति माह 1% की दर से साधारण ब्याज देय होता है।
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TDS रिटर्न में देरी पर ₹200 प्रतिदिन का शुल्क: धारा 234E के अनुसार, नियत तिथि के बाद टीडीएस रिटर्न दाखिल करने पर चूक जारी रहने तक ₹200 प्रतिदिन की लेट फाइलिंग फीस काटी जाती है।
करदाताओं और लेखाकारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि के तकनीकी ट्रैफिक या सर्वर धीमा होने के जोखिम से बचने के लिए अपने खातों का समाधान (Reconciliation) पहले ही पूरा कर लें और समय रहते ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना कंप्लायंस पूर्ण करें।
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