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Bank FD Return Calculator: इन बैंकों में मिल रहा तगड़ा ब्याज; जानें ₹5 लाख की FD पर 1, 3 और 5 साल में कितनी होगी कमाई

भारतीय परिवारों और निवेशकों के बीच पूंजी की पूर्ण सुरक्षा और सुनिश्चित रिटर्न के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से पहली पसंद रहा है। शेयर बाजार की अस्थिरता और म्यूचुअल फंड्स के जोखिम से दूर रहकर जो लोग एक तय समय पर निश्चित ब्याज कमाना चाहते हैं, उनके लिए एफडी एक आदर्श साधन है।

हाल के समय में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट स्थिर रखे जाने के बाद अधिकांश बड़े सरकारी, प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) ने अपनी एफडी ब्याज दरों को 6.50% से लेकर 8.25% प्रति वर्ष तक के आकर्षक दायरे में रखा हुआ है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% तक का अतिरिक्त ब्याज लाभ मिलता है।

बैंकों की ब्याज दरें उनके आकार, लिक्विडिटी की जरूरत और जमा की अवधि (Tenure) पर निर्भर करती हैं। वर्तमान में मुख्य धारा के बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक इस प्रकार ब्याज दरें दे रहे हैं:

बैंक / संस्थान सामान्य नागरिक (अधिकतम दर) वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen)
State Bank of India (SBI) 6.45% – 6.60% 6.95% – 7.10%
HDFC Bank 6.45% – 6.50% 6.95% – 7.00%
ICICI Bank 6.50% 7.00% – 7.10%
Punjab National Bank (PNB) 6.60% 7.10%
Bank of Baroda (BoB) 6.75% – 7.15% 7.25% – 7.65%
DCB / Bandhan Bank 7.45% – 7.50% 7.95% – 8.00%
Suryoday / Unity Small Finance Bank 8.00% – 8.25% 8.25% – 8.50%

(नोट: बैंक एफडी पर ब्याज तिमाही आधार पर कंपाउंड (Quarterly Compounding) होता है, जिससे वास्तविक वार्षिक यील्ड मूल ब्याज दर से थोड़ी अधिक प्राप्त होती है।)

यदि आप किसी बैंक में ₹5,00,000 की एकमुश्त फिक्स्ड डिपॉजिट (Cumulative FD) करते हैं, तो अलग-अलग ब्याज दरों और अवधियों पर मिलने वाला अनुमानित रिटर्न नीचे दिए अनुसार होगा:

1. सरकारी और बड़े प्राइवेट बैंक (औसत ब्याज दर ~ 6.50% p.a.)

  • 1 साल की अवधि पर:

    • कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹33,300

    • कुल मैच्योरिटी राशि: ₹5,33,300

  • 3 साल की अवधि पर:

    • कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹1,06,700

    • कुल मैच्योरिटी राशि: ₹6,06,700

  • 5 साल की अवधि पर:

    • कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹1,90,200

    • कुल मैच्योरिटी राशि: ₹6,90,200

2. स्मॉल फाइनेंस बैंक या स्पेशल टेन्योर (उच्च ब्याज दर ~ 8.00% p.a.)

  • 1 साल की अवधि पर:

    • कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹41,200

    • कुल मैच्योरिटी राशि: ₹5,41,200

  • 3 साल की अवधि पर:

    • कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹1,34,100

    • कुल मैच्योरिटी राशि: ₹6,34,100

  • 5 साल की अवधि पर:

    • कुल ब्याज कमाई: लगभग ₹2,42,970

    • कुल मैच्योरिटी राशि: ₹7,42,970

स्पष्ट है कि 8% ब्याज दर पर 5 साल में ₹5 लाख की राशि बढ़कर ₹7.42 लाख से अधिक हो जाती है, यानी आपको केवल ब्याज के रूप में लगभग ₹2.43 लाख का शुद्ध लाभ मिलता है।

वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे अधिक) को लगभग सभी बैंक 0.50% का अतिरिक्त ब्याज देते हैं। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की दर से ₹5 लाख 5 वर्ष के लिए जमा करता है, तो:

  • कुल ब्याज लाभ: लगभग ₹2,61,000

  • कुल मैच्योरिटी राशि: ₹7,61,000

यह सामान्य नागरिकों की तुलना में लगभग ₹18,000 से ₹20,000 अधिक मुनाफा प्रदान करता है, जो रिटायरमेंट फंड के सुरक्षित निवेश के लिए एक भरोसेमंद विकल्प है।

एफडी कराते समय बैंक दो प्रकार के विकल्प देते हैं:

  1. Cumulative FD (री-इन्वेस्टमेंट प्लान): इसमें मिलने वाला ब्याज हर तिमाही मूलधन में जुड़ता जाता है और मैच्योरिटी के समय पूरा पैसा एक साथ मिलता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो लंबी अवधि में वेल्थ बनाना चाहते हैं।

  2. Non-Cumulative FD (मासिक या तिमाही भुगतान): इसमें ब्याज का भुगतान मासिक, त्रैमासिक या छमाही आधार पर सीधे निवेशक के बचत खाते में जमा कर दिया जाता है। यह विकल्प पेंशनभोगियों और नियमित आय चाहने वालों के लिए उपयुक्त है। उदाहरण के लिए, 7.30% वार्षिक दर पर ₹5 लाख की एफडी से हर महीने लगभग ₹3,040 की नियमित आय प्राप्त की जा सकती है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की सहायक संस्था DICGC (डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन) के नियमों के तहत देश के सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (सरकारी, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंक) में प्रत्येक जमाकर्ता का मूलधन और ब्याज मिलाकर ₹5 लाख तक का डिपॉजिट 100% बीमित और पूरी तरह सुरक्षित होता है।

इसलिए यदि आप किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8% या उससे अधिक ब्याज का लाभ उठाना चाहते हैं, तो एक बैंक में ₹5 लाख तक की मूल राशि जमा करना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।

बैंक एफडी पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-योग्य (Taxable) होता है और यह आपकी वार्षिक आय में जोड़कर आपके संबंधित इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स किया जाता है:

  • TDS सीमा: एक वित्तीय वर्ष में यदि एफडी से मिलने वाला ब्याज सामान्य नागरिकों के लिए ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,00,000 से अधिक होता है, तो बैंक 10% की दर से टीडीएस काटते हैं।

  • Form 15G / 15H: यदि आपकी कुल वार्षिक आय मूल छूट सीमा से कम है और आपकी कर देयता शून्य बनती है, तो आप बैंक में फॉर्म 15G (सामान्य नागरिक) या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिक) जमा करके टीडीएस कटने से रोक सकते हैं।

  • Tax-Saving FD: 5 साल की लॉक-इन अवधि वाली टैक्स सेवर एफडी में इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकता है (ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत)।