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केरल में भारी बारिश का तांडव: लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड से 3 की मौत, देखें तबाही का खौफनाक मंज़र

दक्षिण भारत के तटीय राज्य केरल में एक बार फिर कुदरत का भीषण कहर देखने को मिल रहा है। पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य के कई पहाड़ी और निचले इलाकों में हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं। बादलों की लगातार गड़गड़ाहट और तेज बहाव के बीच कई स्थानों पर अचानक आई बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड और भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आई हैं। मलबे की चपेट में आने और पानी के तेज बहाव में बहने से अब तक कम से कम 3 लोगों की दुखद मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई ग्रामीण घायल बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर सामने आ रहे तबाही के खौफनाक वीडियो राज्य की गंभीर स्थिति को बयां कर रहे हैं।

केरल के संवेदनशील पहाड़ी जिलों—वायनाड, इडुक्की, कोट्टायम और कोझिकोड में बारिश का सबसे भीषण असर देखा जा रहा है। इडुक्की और वायनाड के सुदूर इलाकों में रात के समय भारी भूस्खलन हुआ, जहां पहाड़ों से अचानक लाखों टन मिट्टी और विशालकाय बोल्डर नीचे स्थित बस्तियों पर आ गिरे। मलबे के इस सैलाब में कई रिहायशी मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मरने वालों में एक ही परिवार के लोग भी शामिल हैं जो रात में सोते समय मलबे की चपेट में आ गए। कई संपर्क सड़कें और छोटे पुल बह जाने के कारण राहत व बचाव दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर गिरे हुए पेड़ों और मलबे को हटाने में लगे हुए हैं ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

लगातार हो रही बारिश के कारण पेरियार, भरतपुझा और पम्बा सहित राज्य की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही हैं। कई इलाकों में नदियों के अचानक उफान पर आने से फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति पैदा हो गई। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे पानी का तेज रेला सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों, ऑटो-रिक्शा और दुकानों के सामान को तिनके की तरह बहा ले जा रहा है।

निचले इलाकों के कस्बों और गांवों में पानी भर चुका है, जिससे हजारों घरों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई मुख्य राज्य राजमार्गों पर पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। केएसआरटीसी (KSRTC) की कई बसें और निजी वाहन रास्तों पर फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई प्रमुख बांधों के गेट चरणबद्ध तरीके से खोलने पड़े हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है।

आपदा की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाई और प्रभावित जिलों में अलर्ट जारी किया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की कई टीमों को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों से सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित निकालकर अस्थायी राहत शिविरों में पहुंचा दिया है। शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है। जिला कलेक्टरों ने पहाड़ी और नदी तटीय इलाकों में अनावश्यक आवाजाही, रात के समय ड्राइविंग और ट्रेकिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के कई जिलों में आगामी 24 से 48 घंटों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। अरब सागर में बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र और मजबूत मानसूनी हवाओं के कारण तटीय और पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता फिलहाल कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और जब तक बहुत जरूरी न हो, अपने घरों से बाहर न निकलें। मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है। राज्य भर के संवेदनशील जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है और हेल्पलाइन नंबर 24×7 सक्रिय कर दिए गए हैं।