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ट्रेन के AC कोच में ठंड लगे तो मांग सकते हैं एक्स्ट्रा कंबल, जानें क्या देना होगा अतिरिक्त चार्ज और क्या हैं रेलवे के नियम

भारतीय रेलवे के वातानुकूलित यानी एसी कोच (AC Coaches) में सफर करते समय कई यात्रियों के साथ यह समस्या अक्सर देखने को मिलती है कि रात के वक्त बोगी का तापमान जरूरत से ज्यादा ठंडा हो जाता है। खासकर 3rd AC और 2nd AC में खिड़की या एसी वेंट के पास वाली बर्थ पर सोने वाले यात्रियों, बच्चों और बुजुर्गों को दिए गए एक कंबल में भी कंपकंपी महसूस होने लगती है। ऐसे में अधिकांश मुसाफिरों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या कोच अटेंडेंट से दूसरा कंबल मांगा जा सकता है और क्या इसके लिए कोई अतिरिक्त पैसा या चार्ज चुकाना पड़ता है।

इसका सीधा और स्पष्ट उत्तर है: नहीं, आपको एक्स्ट्रा कंबल के लिए एक भी रुपया अतिरिक्त नहीं देना होता है।

भारतीय रेलवे के आधिकारिक नियमों के मुताबिक, जब आप एसी कोच (1st AC, 2nd AC, 3rd AC और 3E) का कन्फर्म टिकट बुक करते हैं, तो उस किराए में बेडरोल (बिस्तर, चादर, तकिया और कंबल) का शुल्क पहले से ही शामिल होता है। यदि यात्रा के दौरान आपको ज्यादा ठंड लग रही है, आपकी तबीयत खराब लग रही है या आपको दिए गए कंबल की मोटाई पर्याप्त नहीं लग रही है, तो आप अपने कोच अटेंडेंट से अतिरिक्त कंबल की मांग कर सकते हैं।

यह सुविधा पूरी तरह से मुफ्त होती है। रेलवे का कोई भी कोच अटेंडेंट या स्टाफ अतिरिक्त कंबल या चादर देने के एवज में आपसे टिप या अतिरिक्त चार्ज की मांग कानूनी रूप से नहीं कर सकता।

मुफ्त सुविधा होने के बावजूद एक्स्ट्रा कंबल मिलना पूरी तरह से ट्रेन में कंबल की उपलब्धता (Availability) पर निर्भर करता है। रेलवे का लिनेन प्रबंधन निम्नलिखित व्यवस्था के तहत काम करता है:

  • बेडरोल का कोटा: प्रत्येक एसी कोच में यात्रियों की कुल संख्या के हिसाब से बेडरोल के पैकेट लोड किए जाते हैं। इसके साथ ही आपातकालीन या अतिरिक्त जरूरत के लिए कुछ एक्स्ट्रा सेट (बफर स्टॉक) भी कोच में रखे जाते हैं।

  • उपलब्धता के आधार पर वितरण: यदि बोगी में अतिरिक्त कंबल उपलब्ध हैं, तो अटेंडेंट बिना किसी हिचकिचाहट के आपको दूसरा कंबल दे देता है। हालांकि, यदि ट्रेन पूरी तरह पैक है और अतिरिक्त कंबल सीमित हैं, तो अटेंडेंट पहले बीमार व्यक्तियों, छोटे बच्चों या बुजुर्ग यात्रियों को प्राथमिकता देते हैं।

  • अतिरिक्त चादर का विकल्प: कई बार जब अतिरिक्त कंबल उपलब्ध नहीं होते, तो कोच अटेंडेंट यात्री को एक अतिरिक्त सूती चादर (Bedsheet) उपलब्ध करा देते हैं, जिसे कंबल के ऊपर डालकर ठंड के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सिर्फ कंबल मांगना ही समाधान नहीं है; रेलवे नियमों के अनुसार एसी कोच का तापमान भी तय मानकों के भीतर होना चाहिए।

भारतीय रेलवे के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, एसी कोच के भीतर का तापमान सामान्यतः 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच नियंत्रित रखा जाना चाहिए। यदि कोच में बहुत ज्यादा ठंड लग रही है और तापमान इस सीमा से काफी नीचे चला गया है, तो आप कोच अटेंडेंट या ऑन-ड्यूटी एसी तकनीशियन (AC Mechanic/Escorting Staff) से तापमान को री-एडजस्ट (बढ़ाने) का अनुरोध कर सकते हैं। तकनीशियन कंट्रोल पैनल से तापमान को सामान्य स्तर पर सेट कर देते हैं जिससे बोगी में सभी यात्रियों को राहत मिलती है।

यदि कोच अटेंडेंट आपके पास अतिरिक्त कंबल होने के बावजूद देने से मना करता है, बदतमीजी करता है या एक्स्ट्रा कंबल के बदले पैसों की मांग करता है, तो आप तुरंत इन आधिकारिक माध्यमों से शिकायत दर्ज करवा सकते हैं:

  • रेल मदद हेल्पलाइन (RailMadad 139): अपने मोबाइल से 139 डायल करें और अपनी सीट, कोच नंबर व पीएनआर साझा करते हुए शिकायत दर्ज कराएं। यह 24×7 सक्रिय सेवा है जिस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है।

  • रेल मदद ऐप या वेबसाइट: ‘RailMadad’ ऐप या पोर्टल (railmadad.indianrailways.gov.in) पर जाकर ‘Coax Linen/Bedroll’ श्रेणी में शिकायत दर्ज करें।

  • सोशल मीडिया (X / ट्विटर): अपने पीएनआर नंबर, ट्रेन नंबर और कोच नंबर के साथ @RailMinIndia और संबंधित जोनल रेलवे को टैग करते हुए पोस्ट करें। रेलवे की सोशल मीडिया विंग चलती ट्रेन में ही अटेंडेंट तक समस्या पहुंचाकर उसका समाधान करवाती है।