
वैश्विक स्तर पर उतार-चढ़ाव भरे संकेतों के बावजूद भारतीय घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। त्योहारी सीजन से पहले ज्वैलर्स की स्थानीय मांग और रुपये में आई हलचल के चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने के भाव में नया उछाल देखा गया है। दिल्ली के खुदरा बाजार में आभूषण निर्माण में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना ₹1,40,810 प्रति 10 ग्राम (लगभग ₹14,081 प्रति ग्राम) के स्तर पर पहुंच गया है।
वहीं शुद्धता के उच्चतम मानक यानी 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,53,600 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। घरेलू बाजार में रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंचे इन भावों ने शादी-ब्याह और आगामी त्योहारों के लिए जेवर खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है।
देश के विभिन्न महानगरों में स्थानीय टैक्स, ऑक्ट्रॉय और ढुलाई शुल्क के आधार पर सोने के ताजा भाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:
| शहर / महानगर | 22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) |
| दिल्ली | ₹1,40,810 | ₹1,53,600 |
| मुंबई | ₹14,0650 | ₹1,53,440 |
| कोलकाता | ₹14,0650 | ₹1,53,440 |
| चेन्नई | ₹1,41,200 | ₹1,54,040 |
नोट: स्थानीय आभूषण निर्माताओं द्वारा मेकिंग चार्ज (Making Charges) और 3% जीएसटी (GST) जोड़े जाने के बाद अंतिम खुदरा बिल की रकम इससे अधिक होती है।
घरेलू तेजी के विपरीत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के हाजिर भाव में नरमी का रुख देखने को मिला है। कॉमेक्स (COMEX) और लंदन बुलियन मार्केट में सोना ऊपरी स्तरों से फिसलकर लाल निशान में कारोबार करता नजर आया।
वैश्विक नरमी के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण काम कर रहे हैं:
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डॉलर इंडेक्स में मजबूती: अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) द्वारा सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखने और डॉलर इंडेक्स (DXY) में आए उछाल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने की खरीद महंगी हो गई है, जिससे विदेशी निवेशकों ने मुनाफावसूली की है।
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बॉन्ड यील्ड में तेजी: अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के ऊंचे स्तरों पर टिके रहने के कारण बिना ब्याज वाले सुरक्षित निवेश विकल्प (Non-yielding asset) यानी सोने से फंड निकलकर डेट मार्केट की तरफ शिफ्ट हुआ है।
वैश्विक बाजारों में सुस्ती के बावजूद भारत में सोने के दाम बढ़ने के पीछे स्थानीय मांग का कारक सबसे मजबूत है:
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फेस्टिव व वेडिंग सीजन की तैयारी: गणेशोत्सव, नवरात्रि, करवाचौथ और दिवाली से पहले देश भर के सर्राफा व्यापारियों और खुदरा खरीदारों द्वारा अग्रिम बुकिंग और भौतिक सोने की इन्वेंट्री बढ़ाई जा रही है।
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रुपये में कमजोरी और आयात लागत: भारतीय रुपये में डॉलर के मुकाबले आ रहे उतार-चढ़ाव से भारत में सोने का आयात महंगा पड़ रहा है। सीमा शुल्क (Customs Duty) और आयात प्रीमियम जुड़ने से घरेलू कीमतें वैश्विक स्तर की गिरावट को नजरअंदाज करते हुए ऊपर चढ़ रही हैं।
सोने में निवेश या जेवरात खरीदते समय ग्राहकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है:
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HUID कोड की जांच: ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) के नियमानुसार केवल 6 अंकों के अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) कोड वाले जेवर ही खरीदें।
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22 कैरेट बनाम 24 कैरेट: 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है, जो बिस्कुट या सिक्कों के लिए उपयुक्त है। आभूषणों के लिए 22 कैरेट (91.6% शुद्ध) या 18 कैरेट (75% शुद्ध) का चयन किया जाता है।
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बिल पर स्पष्टता: पक्के बिल में सोने का शुद्ध वजन, कैरेट, लागू मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी की मद अलग-अलग दर्ज करवाएं ताकि भविष्य में एक्सचेंज या पुनर्विक्रय (Resale) के समय पूरी वैल्यू मिल सके।
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