
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) देश के अन्नदाताओं को प्रत्यक्ष वित्तीय संबल प्रदान करने वाली केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और सफल जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता ₹2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। योजना की 23वीं किस्त का सफल वितरण जून 2026 में किया गया था, जिसके तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग ₹18,880 करोड़ की धनराशि भेजी गई थी। अब देश भर के करोड़ों लाभार्थी किसान अगस्त-नवंबर 2026 की चार-मासिक अवधि के लिए 24वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन (दशहरा और दिवाली) से पूर्व अक्टूबर माह के दौरान 24वीं किस्त की राशि किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए जाने की पूरी संभावना है। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि यह राशि केवल उन्हीं किसानों को प्राप्त होगी जिनके दस्तावेजों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है। यदि किसी किसान के खाते में आधार सीडिंग या ई-केवाईसी लंबित है, तो उसका नाम लाभार्थी सूची से बाहर किया जा सकता है।
पीएम किसान योजना की शुरुआत के समय कई अपात्र और गैर-कृषक व्यक्तियों द्वारा गलत तरीके से लाभ उठाने के मामले सामने आए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, बिचौलिया-मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया था। मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उनका भुगतान बैंक स्तर पर ही तकनीकी रूप से रोक (Hold) दिया जाएगा।
किसान भाई अपनी सुविधानुसार निम्नलिखित तीन सरल माध्यमों से अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं:
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ओटीपी आधारित ऑनलाइन ई-केवाईसी (घर बैठे): सबसे पहले पीएम किसान के आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ‘Farmers Corner’ में जाकर ‘e-KYC’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और ‘Search’ पर क्लिक करें। आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे स्क्रीन पर दर्ज कर सबमिट करते ही आपकी ई-केवाईसी तुरंत पूर्ण हो जाएगी।
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बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (CSC केंद्र): यदि आपके आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या अंगूठे का निशान काम नहीं कर रहा है, तो आप नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC / सहज जन सेवा केंद्र) पर जाकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर के जरिए अपनी ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए संचालक को मात्र ₹15 का सरकारी शुल्क देय होता है।
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चेहरे से सत्यापन (Face Authentication via PM-KISAN App): जिन बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट मिट चुके हैं या मोबाइल ओटीपी नहीं आ पा रहा है, उनके लिए सरकार ने आधिकारिक PM KISAN GoI मोबाइल ऐप पर ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ की अत्याधुनिक सुविधा दी है। ऐप में लॉगिन कर किसान अपने स्मार्टफोन के कैमरे से अपना चेहरा स्कैन करके बिना किसी ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के अपनी ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।
केवल ई-केवाईसी कराने से ही किस्त की गारंटी नहीं मिलती। पीएम किसान पोर्टल पर तकनीकी कारणों से लाखों किसानों की किस्तें इसलिए अटक जाती हैं क्योंकि उनके प्रोफाइल स्टेटस में दो अन्य महत्वपूर्ण शर्तें पूरी नहीं होतीं। यदि आप चाहते हैं कि 24वीं किस्त बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आए, तो इन दो बिंदुओं की जांच तुरंत करें:
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भूलेख अंकन (Land Seeding): आपकी कृषि भूमि के स्वामित्व का रिकॉर्ड राज्य के राजस्व रिकॉर्ड और पीएम किसान डेटाबेस से लिंक होना अनिवार्य है। यदि आपके स्टेटस में ‘Land Seeding: No’ दिख रहा है, तो इसका मतलब है कि राजस्व विभाग में आपकी खतौनी या जमीन का सत्यापन अटका हुआ है। इसके लिए आपको अपनी जमीन की अद्यतन खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति अपने तहसील के लेखपाल (पटवारी) या उप-कृषि निदेशक कार्यालय में जमा कराकर पोर्टल पर ‘Yes’ अपडेट कराना होगा।
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बैंक खाता आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग: कई किसान यह समझते हैं कि उनके बैंक खाते में आधार कार्ड लगा है, तो काम पूरा हो गया। लेकिन सरकारी सब्सिडी और डीबीटी का पैसा केवल उन्हीं बैंक खातों में पहुंचता है जो नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के सर्वर पर ‘Aadhaar Payment Bridge System’ (APBS) से मैप होते हैं। यदि आपका बैंक खाता एनपीसीआई से सक्रिय रूप से लिंक नहीं है, तो ‘Payment Failed’ का एरर आ जाएगा। इसके लिए अपनी बैंक शाखा में जाकर ‘DBT Aadhaar Mandate Form’ भरें या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) में नया डीबीटी सक्षम खाता खुलवाएं।
पीएम किसान योजना के तहत अपनी पात्रता और पिछली किस्तों का पूरा रिकॉर्ड देखने के लिए आपको किसी दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन से ही 2 मिनट के भीतर अपना लाइव स्टेटस चेक कर सकते हैं:
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सबसे पहले अपने ब्राउज़र में आधिकारिक पोर्टल https://pmkisan.gov.in खोलें।
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होमपेज पर दाईं ओर दिए गए ‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाएं और ‘Know Your Status’ (अपना स्टेटस जानें) विकल्प पर क्लिक करें।
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अब निर्धारित बॉक्स में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें।
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यदि आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो ऊपर दिए गए ‘Know Your Registration Number’ लिंक पर क्लिक करें। वहां अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी सत्यापित करें, जिससे आपका रजिस्ट्रेशन नंबर स्क्रीन पर आ जाएगा।
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रजिस्ट्रेशन नंबर डालने के बाद ‘Get Data’ बटन पर क्लिक करें।
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आपकी स्क्रीन पर आपका संपूर्ण विवरण खुल जाएगा। यहां मुख्य रूप से ‘Eligibility Status’ टैब को खोलकर देखें:
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Land Seeding: YES होना चाहिए
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e-KYC Status: YES होना चाहिए
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Aadhaar Bank Account Seeding Status: YES होना चाहिए
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यदि इन तीनों कॉलम के आगे हरे रंग का ‘YES’ लिखा हुआ है, तो आपको निश्चिंत रहने की जरूरत है; 24वीं किस्त जारी होते ही ₹2,000 सीधे आपके खाते में क्रेडिट हो जाएंगे।
कई बार तकनीकी जांच के दौरान अपात्र पाए जाने पर नाम सूची से हटा दिए जाते हैं। अपने ग्राम पंचायत के सभी वैध लाभार्थियों की सूची देखने की प्रक्रिया इस प्रकार है:
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पीएम किसान पोर्टल के ‘Farmers Corner’ में जाकर ‘Beneficiary List’ पर क्लिक करें।
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ड्रॉप-डाउन मेन्यू से अपने राज्य (State), जिला (District), उप-जिला / तहसील (Sub-District), ब्लॉक (Block) और गांव (Village) का चयन करें।
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इसके बाद ‘Get Report’ पर क्लिक करें।
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आपके गांव के सभी पात्र किसानों की वर्णमाला (Alphabetical) क्रम में पूरी सूची स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी। यदि इस सूची में आपका नाम मौजूद है, तो आपकी किस्त सुरक्षित है। यदि नाम गायब है, तो तुरंत अपने ब्लॉक कृषि अधिकारी से संपर्क कर त्रुटि सुधार के लिए आवेदन करें।
यदि पिछली कोई किस्त नहीं आई है या स्टेटस में कोई त्रुटि दिखाई दे रही है, तो किसान भाई केंद्र सरकार के आधिकारिक सहायता तंत्र का उपयोग कर सकते हैं:
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टोल-फ्री हेल्पलाइन: किसी भी तकनीकी या भुगतान संबंधी समस्या के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 155261 अथवा 1800-11-5526 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय हेल्पडेस्क का टेलीफोन नंबर 011-24300606 भी कार्यशील है।
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एआई चैटबॉट ‘किसान ई-मित्र’ (Kisan e-Mitra): पोर्टल पर उपलब्ध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ‘किसान ई-मित्र’ से किसान अपनी स्थानीय भाषा (हिंदी, बांग्ला, तमिल, मराठी आदि) में बोलकर या लिखकर अपनी किस्त और आवेदन की ताजा स्थिति तुरंत जान सकते हैं।
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ऑनलाइन ग्रीवेंस (Grievance Redressal): पोर्टल पर ‘Helpdesk’ विकल्प के माध्यम से किसान अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं, जिसका निस्तारण जिला कृषि विभाग द्वारा निर्धारित समयसीमा में किया जाता है।
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