
आज के समय में जब भी आप किसी बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) में होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं, तो लेंडर सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) चेक करता है। 300 से 900 अंकों के बीच आंका जाने वाला यह स्कोर यह दर्शाता है कि आप पुराने कर्जों और बिलों के भुगतान में कितने अनुशासित रहे हैं।
यदि आपका सिबिल स्कोर 750 से कम या 600 के आसपास है, तो बैंक आपके आवेदन को या तो तुरंत रिजेक्ट कर देते हैं या फिर अत्यधिक ऊंची ब्याज दरों पर लोन ऑफर करते हैं। हालांकि, अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो चुका है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। सही वित्तीय रणनीति, समय पर भुगतान और अनुशासित दृष्टिकोण अपनाकर आप अगले 6 महीनों के भीतर अपने सिबिल स्कोर को 750 के सुरक्षित स्तर तक पहुंचा सकते हैं।
क्रेडिट स्कोर की गणना में सबसे बड़ा 35% वजन (Weightage) आपके पेमेंट हिस्ट्री (Payment History) का होता है।
-
देरी से बचें: क्रेडिट कार्ड का न्यूनतम बकाया (Minimum Amount Due) भरने के बजाय हर महीने पूरी बकाया राशि की तय तारीख (Due Date) से पहले भुगतान करें।
-
ऑटो-डेबिट चालू करें: सभी लोन ईएमआई के लिए बैंक खाते में ऑटो-डेबिट (NACH Mandate) एक्टिव रखें और खाते में किस्त कटने से 2 दिन पहले पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें। केवल 6 महीने तक बिना किसी चूक के लगातार समय पर भुगतान करने से स्कोर में तेजी से उछाल देखने को मिलता है।
क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो का अर्थ है कि आपको मिली कुल क्रेडिट कार्ड लिमिट में से आप हर महीने कितने प्रतिशत का उपयोग कर रहे हैं।
यदि आपके कार्ड की कुल लिमिट ₹1,00,000 है और आप हर महीने ₹70,000 से ₹80,000 खर्च कर देते हैं, तो क्रेडिट ब्यूरो आपको ‘क्रेडिट का भूखा’ (Credit Hungry) मानता है। सिबिल स्कोर को तेजी से सुधारने के लिए अपने खर्च को कुल लिमिट के 30% से कम (यानी ₹30,000 के अंदर) रखें। यदि आपका खर्च ज्यादा है, तो बैंक से संपर्क करके अपनी क्रेडिट लिमिट बढ़वा लें या खर्च को एक से अधिक कार्डों में बांट लें।
यदि आपका स्कोर बहुत कम है और कोई भी बैंक नया क्रेडिट कार्ड या लोन देने को तैयार नहीं है, तो सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड (Secured Credit Card) सबसे कारगर हथियार साबित होता है।
-
बैंक में ₹20,000 से ₹50,000 की फिक्स्ड डिपॉजिट कराएं और उसके आधार पर मिलने वाला सिक्योर्ड कार्ड हासिल करें।
-
इस कार्ड से रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्च (जैसे पेट्रोल, ग्रॉसरी या बिल पेमेंट) करें और हर महीने समय पर बिल भरें।
-
यह नियमित भुगतान हिस्ट्री सीधे सिबिल, एक्सपेरियन और इक्विफैक्स जैसी क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट होती है, जिससे 4 से 6 महीने में नया और मजबूत क्रेडिट ट्रैक रिकॉर्ड तैयार हो जाता है।
कई बार किसी बैंक की तकनीकी गलती या गलत पहचान के चलते किसी अन्य व्यक्ति का डिफॉल्ट आपके सिबिल रिकॉर्ड में जुड़ जाता है।
-
साल में एक बार मिलने वाली मुफ्त क्रेडिट रिपोर्ट को CIBIL की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें।
-
अपनी पर्सनल डिटेल, बंद हो चुके पुराने लोन्स के स्टेटस और एक्टिव अकाउंट्स की सावधानीपूर्वक जांच करें।
-
यदि कोई ऐसा लोन दिख रहा है जो आपने कभी लिया ही नहीं, या कोई बंद लोन अभी भी ‘ओपन’ या ‘राइट ऑफ’ (Written Off) दिख रहा है, तो तुरंत CIBIL के पोर्टल पर ऑनलाइन डिस्प्यूट (Dispute) दर्ज करें। गलती सुधरते ही स्कोर में 40 से 80 अंकों की तत्काल बढ़ोतरी हो सकती है।
जब भी आप किसी बैंक में लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक आपकी रिपोर्ट पर एक हार्ड इन्क्वायरी (Hard Inquiry) करता है।
-
एक साथ 4-5 अलग-अलग बैंकों या लोन ऐप्स में आवेदन करने से बचें, क्योंकि बार-बार होने वाली हार्ड इन्क्वायरी से सिबिल स्कोर तेजी से गिरता है।
-
पुराने चालू क्रेडिट कार्ड खातों को अचानक बंद न करें, क्योंकि पुराना खाता आपकी ‘क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई’ (Length of Credit History) को मजबूत दिखाता है।
-
अपने पोर्टफोलियो में सिक्योर्ड लोन (जैसे गोल्ड या ऑटो लोन) और अनसिक्योर्ड लोन (पर्सनल लोन) का संतुलित मिश्रण (Healthy Credit Mix) बनाए रखें।
क्रेडिट स्कोर रातों-रात नहीं सुधरता, लेकिन 180 दिनों का वित्तीय अनुशासन इसे पूरी तरह बदल सकता है। यदि आप नियमित भुगतान, कम क्रेडिट उपयोग और रिपोर्ट की गलतियों को ठीक करने के नियमों पर टिके रहते हैं, तो 6 महीने बाद आपका सिबिल स्कोर न केवल 750 से ऊपर पहुंच जाएगा, बल्कि भविष्य में आपको सबसे सस्ती ब्याज दरों पर आसानी से लोन भी मिल सकेगा।
girls globe