SCSS vs Post Office MIS: रिटायरमेंट के बाद कौन-सी स्कीम देगी ज्यादा रेगुलर इनकम? समझिए ब्याज, निवेश सीमा और टैक्स का पूरा गणित

सेवानिवृत्ति के बाद हर वरिष्ठ नागरिक की पहली प्राथमिकता पूंजी की सुरक्षा और बिना किसी जोखिम के स्थिर मासिक या त्रैमासिक आय प्राप्त करना होता है। भारत सरकार द्वारा समर्थित दो सबसे लोकप्रिय बचत योजनाएं—सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) हैं। दोनों में सरकारी सॉवरेन गारंटी मिलती है, लेकिन ब्याज दर, पेआउट फ्रीक्वेंसी, टैक्स छूट और अधिकतम जमा सीमा में बड़ा अंतर है।

विशेषता सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) पोस्ट ऑफिस MIS (POMIS)
वर्तमान ब्याज दर 8.20% प्रति वर्ष 7.40% प्रति वर्ष
पेआउट फ्रीक्वेंसी त्रैमासिक (Quarterly) मासिक (Monthly)
अधिकतम निवेश सीमा ₹30 लाख (प्रति व्यक्ति) ₹9 लाख (एकल) / ₹15 लाख (संयुक्त)
पात्रता आयु 60+ वर्ष (रिटायरमेंट पर 55+) 18+ वर्ष (कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं)
परिपक्वता अवधि 5 वर्ष (3-3 साल के लिए विस्तार संभव) 5 वर्ष
टैक्स छूट (Section 80C) ₹1.5 लाख तक उपलब्ध (ओल्ड टैक्स रिजीम) कोई 80C छूट नहीं

यदि कोई वरिष्ठ नागरिक ₹15 लाख का एकमुश्त निवेश करता है, तो दोनों योजनाओं में मिलने वाली आय का अंतर इस प्रकार होगा:

₹15 लाख के निवेश पर SCSS में हर साल ₹12,000 अधिक ब्याज मिलता है (5 साल में ₹60,000 का अतिरिक्त लाभ)।

  • SCSS में अधिकतम ₹30 लाख जमा करने पर:

    • सालाना आय = ₹2,46,000

    • हर तिमाही पेआउट = ₹61,500

    • मासिक औसत समतुल्य = ₹20,500

  • POMIS में अधिकतम ₹9 लाख (सिंगल खाता) जमा करने पर:

    • सालाना आय = ₹66,600

    • हर महीने पेआउट = ₹5,550

  • SCSS चुनें यदि: आपकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, आपके पास ₹9 लाख से अधिक का बड़ा रिटायरमेंट कॉर्पस है, आप अधिकतम रिटर्न (8.2%) पाना चाहते हैं और त्रैमासिक पेआउट से खर्च प्रबंधित कर सकते हैं।

  • POMIS चुनें यदि: आपकी उम्र 60 वर्ष से कम है, या आपको घर खर्च, दवाइयों व बिलों के लिए अनिवार्य रूप से हर महीने की 1 तारीख को फिक्स्ड कैशफ्लो की जरूरत है।

  • स्मार्ट हाइब्रिड रणनीति: यदि आपके पास ₹39 लाख तक का कॉर्पस है, तो ₹30 लाख SCSS (8.2%) में और ₹9 लाख POMIS (7.4%) में लगाकर हर महीने ₹26,050 की प्रभावी नियमित आय बनाई जा सकती है।