
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय प्रवाह और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से हिमालयी राज्यों—उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के साथ भूस्खलन (Landslide), बोल्डर गिरने और नदियों के उफान पर आने का गंभीर जोखिम बना हुआ है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने स्थानीय जनजीवन और यातायात को प्रभावित किया है:
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उत्तराखंड: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पर्वतीय राजमार्गों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा और पहाड़ों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को संवेदनशील रास्तों पर सफर करते समय अत्यधिक सतर्क रहने और मौसम अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने के निर्देश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और चंबा के संवेदनशील इलाकों में तीव्र बारिश और अचानक जलभराव (Flash Flood) की संभावना को देखते हुए स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने टीमों को अलर्ट पर रखा है।
मैदानी और मध्य भारत के राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं:
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ओडिशा: बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक आकाशीय बिजली चमकने और व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।
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बिहार और झारखंड: गंगा के मैदानी क्षेत्रों, विशेषकर झारखंड और बिहार के कई जिलों में बादलों की आवाजाही और मध्यम से भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी हवाओं की सक्रियता से असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ लगातार भारी बारिश दर्ज की जा रही है। भारी वर्षा के चलते ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि असम और मेघालय के पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी धंसने और सड़क संपर्क टूटने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान के दौरान लोगों से सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है:
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गरज-चमक और बिजली गिरने के समय खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान नदी-नालों के किनारों और संभावित लैंडस्लाइड प्रोन जोन्स (Landslide Prone Zones) से दूर रहें।
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जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास में वाहन चलाने से बचें तथा स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
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