
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार कहे जाने वाले बुध ग्रह को बुद्धि, तर्कशास्त्र, वाणी, व्यापार, अर्थव्यवस्था, संचार और गणना का कारक माना गया है। जब भी बुध अपनी स्थिति या राशि में बदलाव करते हैं, तो इसका सीधा असर बाजार, व्यापारिक गतिविधियों और सभी 12 राशियों के जातकों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
पंचांग गणनाओं के अनुसार, 7 सितंबर को बुध देव अपनी स्वराशि और परम उच्च राशि कन्या में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिषीय नियमों के तहत जब बुध अपनी उच्च राशि कन्या में केंद्र भावों में विराजमान होते हैं, तो पंचमहापुरुष राजयोगों में शामिल सबसे शुभ और प्रभावशाली ‘भद्र राजयोग’ (Bhadra Mahapurush Rajyog) का निर्माण होता है। इस अत्यंत दुर्लभ राजयोग के प्रभाव से 5 चुनिंदा राशियों के जातकों पर धन की जबरदस्त वर्षा होगी और उनके जीवन में समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कुंडली के लग्न या केंद्र भावों (1, 4, 7 या 10वें भाव) में बुध अपनी स्वराशि मिथुन या अपनी मूल त्रिकोण व उच्च राशि कन्या में स्थित होते हैं, तब भद्र राजयोग का निर्माण होता है।
कन्या राशि में बुध को सर्वाधिक बलशाली और उच्च माना जाता है। इस राजयोग के प्रभाव से व्यक्ति की तार्किक क्षमता, व्यापारिक सूझबूझ और निर्णय लेने की शक्ति में अद्भुत निखार आता है। बैंकिंग, आईटी, मीडिया, शेयर मार्केट, अकाउंटिंग और बड़े व्यापार से जुड़े लोगों को इस दौरान अप्रत्याशित सफलता और मुनाफा प्राप्त होता है।
1. कन्या राशि (Virgo): लग्न में बनेगा राजयोग, हर काम में मिलेगी जबरदस्त सफलता
बुध का गोचर कन्या राशि के लग्न भाव (प्रथम भाव) में ही होने जा रहा है, जिससे भद्र राजयोग का सबसे अधिक और प्रत्यक्ष लाभ इसी राशि के जातकों को मिलेगा।
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धन और व्यापार: व्यापार में लंबे समय से अटकी हुई कोई बड़ी व्यावसायिक डील फाइनल हो सकती है, जिससे मोटा मुनाफा मिलेगा।
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करियर और साख: नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (प्रमोशन), वेतन वृद्धि और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलने के प्रबल योग हैं। आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर रहेगा।
2. वृषभ राशि (Taurus): 5वें भाव में गोचर से अचानक धन लाभ के योग
वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर कुंडली के पांचवें भाव (संतान, बुद्धि और अचानक लाभ स्थान) में होगा।
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आर्थिक लाभ: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या पुराने किसी गुप्त स्रोत से अचानक बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है।
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विद्यार्थी और परीक्षा: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवाओं को मेहनत का शानदार फल मिलेगा और शुभ समाचार की प्राप्ति होगी।
3. मिथुन राशि (Gemini): चौथे भाव में राजयोग, वाहन और नए मकान का सपना होगा पूरा
मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं और यह गोचर आपकी राशि से चौथे भाव (सुख, संपत्ति, वाहन और माता) में होगा।
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भौतिक सुख-सुविधाएं: रियल एस्टेट, नया मकान, जमीन या लग्जरी वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं।
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पारिवारिक शांति: घर-परिवार में लंबे समय से चला आ रहा तनाव दूर होगा, माता की सेहत में सुधार होगा और पैतृक संपत्ति से धन लाभ मिलेगा।
4. धनु राशि (Sagittarius): कर्म भाव में गोचर, करियर में आएगा गोल्डन पीरियड
धनु राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर दसवें भाव (कर्म, पद-प्रतिष्ठा और करियर) में होने जा रहा है।
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नौकरी में उछाल: कार्यस्थल पर उच्च अधिकारी आपके काम और रणनीतियों की खुलकर प्रशंसा करेंगे। मनचाहा ट्रांसफर या नई आकर्षक नौकरी का ऑफर मिल सकता है।
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मान-सम्मान: समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी तथा व्यापारिक यात्राएं अत्यधिक फलदायी साबित होंगी।
5. मकर राशि (Capricorn): भाग्य स्थान में बुध खोलेंगे बंद किस्मत के ताले
मकर राशि वालों के लिए यह राजयोग नौवें भाव यानी भाग्य और धर्म के स्थान में बनने जा रहा है।
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भाग्य का पूरा साथ: आपके जो भी काम पिछले कई महीनों से कानूनी अड़चनों या पैसों की कमी से रुके हुए थे, वे अचानक गति पकड़ेंगे।
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विदेश यात्रा और आय वृद्धि: विदेश से जुड़े व्यापार, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट या उच्च शिक्षा के सिलसिले में यात्रा से बड़ा आर्थिक फायदा होगा। आय के नए-नए स्रोत बनेंगे।
यदि आप इस गोचर के दौरान बुध ग्रह के शुभ प्रभावों को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित आसान उपाय अवश्य करें:
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मंत्र जाप: प्रतिदिन या विशेष रूप से बुधवार के दिन ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ बीज मंत्र का 108 बार जाप करें।
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गणेश जी की पूजा: बुधवार की सुबह भगवान श्री गणेश को 21 दूर्वा (घास) की गांठें और बेसन या बूंदी के मोदक अर्पित करें।
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दान-पुण्य: बुधवार के दिन किसी जरूरतमंद को साबुत हरी मूंग की दाल, हरी सब्जियां या हरे रंग के वस्त्र का दान करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं, पंचांग और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली में ग्रहों की स्थिति और दशा के आधार पर परिणामों में भिन्नता हो सकती है।)
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