‘100 मर्दों के सामने उतारने पड़े थे कपड़े’: दीया मिर्जा ने याद किया 22 साल पुराना गाना शूट, बोलीं— उस एक पल ने मुझे हिचकिचाहट और बंधनों से किया आजाद

बॉलीवुड की खूबसूरत और मंझी हुई अभिनेत्री दीया मिर्जा ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर और फिल्मी सफर से जुड़ा एक बेहद साहसिक व अनसुना किस्सा साझा किया है। साल 2001 में ‘रहना है तेरे दिल में’ से डेब्यू करने वाली दीया ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उनके लिए एक गाने की शूटिंग करना सबसे मुश्किल चुनौतियों में से एक था। इस गाने में उन्हें सेट पर मौजूद सैकड़ों क्रू मेंबर्स और जूनियर आर्टिस्ट्स के सामने अपने कपड़े उतारने पड़े थे। हालांकि, दीया का मानना है कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें जिंदगी में कई तरह के मानसिक बंधनों, झिझक और सामाजिक सोच से पूरी तरह आजाद कर दिया।

दीया मिर्जा ने हालिया इंटरव्यू में साल 2004 में रिलीज हुई अनुराग बसु और मोहित सूरी निर्देशित फिल्म ‘तुमसा नहीं देखा: अ लव स्टोरी’ का जिक्र किया, जिसमें उनके साथ इमरान हाशमी मुख्य भूमिका में थे।

फिल्म के सुपरहिट रोमांटिक ट्रैक ‘मुझे तुमसे मोहब्बत है’ की शूटिंग को याद करते हुए दीया ने कहा कि इस गाने की कोरियोग्राफी वैभवी मर्चेंट ने की थी। स्क्रिप्ट की मांग के अनुसार, दीया को इस सीन में अपने कपड़े उतारकर केवल इनरवियर (ब्रा और अंडरवियर) में शॉट देना था। दीया ने बताया, “एक लड़की के तौर पर मेरे लिए यह अपनी जिंदगी का सबसे मुश्किल काम था, क्योंकि सेट पर मेरे सामने 100 से ज्यादा पुरुष (क्रू और क्रॉड) मौजूद थे”।

दीया मिर्जा ने साझा किया कि वह हैदराबाद के एक बहुत ही रूढ़िवादी और पारंपरिक परिवार से ताल्लुक रखती थीं। शुरुआत में वह अपने शरीर और शारीरिक बनावट (Body Image) को लेकर बहुत ज्यादा आश्वस्त नहीं थीं।

दीया ने कहा, “उस फिल्म में काम करते समय मेरे दिमाग में कई तरह की पूर्व-धारणाएं (Preconceived Notions) और झिझक थीं, जिन्हें मैंने तोड़ा। मैं अपने शरीर को लेकर बहुत शर्मीली थी। लेकिन उस एक गाने ‘मुझे तुमसे मोहब्बत है’ की शूटिंग ने मुझे मेरी ही इनसिक्योरिटीज से पूरी तरह मुक्त (Unshackled) कर दिया और मुझे अपने शरीर पर भरोसा करना सिखाया”।

दीया ने इस अनुभव को ‘एम्पावरिंग’ (सशक्तिकरण) बताते हुए कहा कि सेट पर मौजूद टीम ने उन्हें बेहद सुरक्षित महसूस कराया।

उन्होंने कहा, “महेश भट्ट, इमरान हाशमी और पूरी टीम ने मुझे पूरा सम्मान दिया। उस दिन मुझे एहसास हुआ कि मैं पुरुषों की नजरों से बेपरवाह हो सकती हूं। किसी की नजर मुझे असहज या कमतर महसूस नहीं करा सकती। मैंने अपनी फेमिनिन एनर्जी और अपनी सुंदरता को खुलकर स्वीकार करना और उसका जश्न मनाना सीखा”।

इंटरव्यू के दौरान दीया मिर्जा ने फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों पर लगातार खूबसूरत दिखने के पड़ने वाले दबाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हर वक्त सुंदर और परफेक्ट दिखने की चाहत की एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है और वह कीमत होती है आपके ‘मन की शांति’।

दीया ने कहा, “25 साल के इस सफर में मैंने खुद पर काम किया है। मैं खूबसूरती के इस अंधी दौड़ वाले जाल में नहीं फंसना चाहती, बल्कि एक ऐसे इंसान के तौर पर जीना चाहती हूं जो भीतर से शांत और संतुष्ट हो”।

दीया मिर्जा हाल ही में 1999 के कारगिल युद्ध पर आधारित नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में नजर आई हैं और सामाजिक व पर्यावरण के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहती हैं।