
भारतीय शेयर बाजार में लगातार बढ़ती जागरूकता के बीच म्यूचुअल फंड निवेश लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। खासकर सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी ने आम आदमी के लिए निवेश के रास्ते बेहद आसान कर दिए हैं। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, देश के चुनिंदा टॉप 5 एसआईपी फंड्स ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। मात्र 100 रुपये जैसी छोटी सी शुरुआती रकम से निवेश का सफर शुरू करने वाले निवेशकों को इन शानदार फंड्स ने 24.4% तक का दमदार रिटर्न दिया है। अगर आप भी कम पैसों में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है क्योंकि हम आपको ऐसे ही बेहतरीन विकल्पों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
म्यूचुअल फंड और एसआईपी का बढ़ता क्रेज और इसके मायने
आज के दौर में जहां महंगाई लगातार बढ़ रही है, वहीं पारंपरिक निवेश विकल्पों जैसे बैंक एफडी या सेविंग अकाउंट्स पर मिलने वाला रिटर्न कई बार पर्याप्त नहीं होता। ऐसे में म्यूचुअल फंड्स ने निवेशकों को महंगाई को मात देने का शानदार मौका दिया है। एसआईपी के जरिए निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपको एक साथ बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। आप अपनी सुविधा के अनुसार हर महीने एक छोटी राशि जैसे कि 500 या यहां तक कि 100 रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। रुपया-लागत औसत यानी रुपी कॉस्ट एवरेजिंग और चक्रवृद्धि ब्याज यानी पावर ऑफ कंपाउंडिंग की ताकत मिलकर लंबे समय में आपके छोटे निवेश को एक विशाल कोष में बदल देती है।
जानिए क्या है टॉप 5 एसआईपी का यह शानदार गणित
हालिया वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर जिन पांच प्रमुख म्यूचुअल फंड योजनाओं ने निवेशकों को सबसे आकर्षित किया है, उन्होंने औसतन 20% से लेकर 24.4% तक का सालाना रिटर्न दर्ज किया है। इन फंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों ने अनुशासित तरीके से हर महीने पैसे डाले और उसका परिणाम यह हुआ कि अल्पकालिक बाजार उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्हें बेहतरीन मुनाफा मिला। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि जब आप लंबी अवधि के नजरिए से एसआईपी में निवेश करते हैं, तो बाजार की गिरावट आपके लिए और अधिक यूनिट्स खरीदने का मौका बन जाती है। यही कारण है कि इन टॉप 5 फंड्स ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को मजबूती दी है और उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है।
कम निवेश से कैसे तैयार होता है बड़ा फंड
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या छोटी सी बचत से भी करोड़ों का फंड बनाया जा सकता है? इसका जवाब हां है, बशर्ते आपका निवेश का तरीका सही और अनुशासित हो। मान लीजिए कि आप ₹100 या कुछ हजार रुपये हर महीने की एसआईपी शुरू करते हैं और उसे 10 से 15 साल या उससे अधिक समय के लिए जारी रखते हैं, तो पावर ऑफ कंपाउंडिंग अपना चमत्कार दिखाना शुरू कर देती है। शुरुआत में भले ही रिटर्न छोटा लगे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, आपके द्वारा जमा किए गए मूलधन पर मिलने वाला ब्याज भी ब्याज कमाने लगता है। यही वजह है कि इन टॉप परफॉर्मिंग फंड्स ने छोटे निवेशकों को भी बड़े रिटर्न का स्वाद चखाया है और उन्हें वित्तीय लक्ष्यों को पाने में मदद की है।
निवेश करने से पहले किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान
किसी भी म्यूचुअल फंड या एसआईपी में पैसे लगाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे और सही समय पर सही मुनाफा मिल सके। सबसे पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम लेने की क्षमता यानी रिस्क एपेटाइट को अच्छी तरह समझ लें। इसके अलावा, फंड के पिछले 3 से 5 साल के ट्रैक रिकॉर्ड, फंड मैनेजर के अनुभव और उस स्कीम के एक्सपेंस रेशियो की भी जांच कर लें। बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि कभी भी शॉर्टकट अपनाकर या सिर्फ पिछले रिटर्न को देखकर आँख मूंदकर निवेश न करें। यदि जरूरत महसूस हो, तो किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लेकर ही अपने पोर्टफोलियो का चुनाव करें ताकि भविष्य में आपको किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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