
सनातन पंचांग के अनुसार, सावन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी ‘सावन पुत्रदा एकादशी’ (पवित्रा एकादशी) का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से इस वर्ष की सावन पुत्रदा एकादशी बेहद खास बन गई है, क्योंकि ग्रहों और नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति के चलते इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और प्रीति योग का एक दुर्लभ त्रिवेणी संयोग निर्मित हुआ है। इन महाशुभ योगों के प्रभाव से 5 चुनिंदा राशियों के जातकों के लिए धन, पद-प्रतिष्ठा और करियर में अप्रत्याशित लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं।
सावन पुत्रदा एकादशी पर बने 3 शुभ योगों का धार्मिक महत्व
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सर्वार्थ सिद्धि योग: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग में किए गए सभी धार्मिक, वित्तीय और व्यावसायिक कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता प्राप्त होती है और बिगड़े हुए काम आसानी से बन जाते हैं।
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रवि योग: सूर्य देव के विशेष प्रभाव वाले इस योग से कुंडली के कई अशुभ दोष स्वतः समाप्त होते हैं और समाज में मान-सम्मान व प्रभाव में वृद्धि होती है।
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प्रीति योग: यह योग पारिवारिक संबंधों में मधुरता, आपसी समझ और मानसिक शांति प्रदान करने वाला माना गया है।
इन 5 भाग्यशाली राशियों पर बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा
1. मेष राशि (Aries): करियर में तरक्की और अटका हुआ धन वापस मिलेगा
मेष राशि के जातकों के लिए यह एकादशी नई ऊर्जा लेकर आई है। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा समर्थन मिलेगा। यदि आपका कोई पुराना पेमेंट या अटका हुआ धन फंसा हुआ था, तो आज उसके वापस मिलने के प्रबल योग हैं। व्यापार से जुड़े जातकों को बड़ा ऑर्डर या नया पार्टनर मिल सकता है।
2. मिथुन राशि (Gemini): आमदनी के नए स्रोत और व्यापारिक मुनाफा
मिथुन राशि के जातकों के लिए शुभ योगों का यह संयोग आर्थिक मजबूती लेकर आया है। आपकी आय के अतिरिक्त स्रोत बनेंगे और पहले किए गए निवेश से तगड़ा मुनाफा मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
3. सिंह राशि (Leo): पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि और नई जिम्मेदारियां
सूर्य के स्वामित्व वाली सिंह राशि के जातकों को रवि योग का सर्वाधिक लाभ मिलेगा। समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी साख बढ़ेगी। जो लोग सरकारी नौकरी या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे और पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है।
4. तुला राशि (Libra): कारोबार में विस्तार और संतान पक्ष से शुभ समाचार
तुला राशि के जातकों के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी रहेगा। जो दंपत्ति लंबे समय से संतान सुख की कामना कर रहे हैं, उनके लिए यह एकादशी विशेष शुभ समाचार लेकर आ सकती है। रियल एस्टेट, शेयर मार्केट या व्यापार में किए गए नए फैसले भारी मुनाफा देंगे। भौतिक सुख-सुविधाओं में इजाफा होगा।
5. धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का पूरा साथ और रुके हुए कार्यों में तेजी
धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, जो भगवान विष्णु के परम प्रिय हैं। इस राशि के जातकों को भाग्य का 100% साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। विदेश यात्रा या लंबी दूरी की लाभदायक व्यावसायिक यात्रा के योग बन रहे हैं। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मन शांत रहेगा।
पुत्रदा एकादशी पर करें ये 3 विशेष ज्योतिषीय उपाय
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पंचामृत और तुलसी दल का भोग: भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं और पीले फल व पंजीरी का भोग लगाते समय उसमें तुलसी दल अवश्य शामिल करें।
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विष्णु सहस्रनाम और मंत्र जाप: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ महामंत्र का 108 बार जाप करें अथवा श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
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पीली वस्तुओं का दान: एकादशी के पावन दिन जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी, केले या पीले मिष्ठान का दान करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और धन-समृद्धि बढ़ती है।
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