यूपी-बिहार के लिए अगले 24 घंटे भारी! IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश और वज्रपात का बड़ा अलर्ट, चेक करें अपने जिले का हाल

उत्तर भारत और पूर्वी भारत में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश हिस्सों के लिए अगले 24 घंटे अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण बताए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल में सक्रिय मानसूनी ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम पुरवैया हवाओं के कारण दोनों राज्यों में मूसलाधार बारिश, 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाले तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। कई संवेदनशील जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

यूपी के 30 से अधिक जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्यवर्ती हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान बादलों की जोरदार गर्जना के साथ व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, पूर्वांचल के वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, आजमगढ़, बस्ती और संतकबीरनगर जिलों में मध्यम से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

इसके साथ ही राजधानी लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, बाराबंकी, सीतापुर, गोंडा और बहराइच समेत तराई के इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और किसानों को आकाशीय बिजली से सावधान रहने की हिदायत दी है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में वज्रपात से जान-माल का नुकसान देखा गया है।

बिहार में उत्तर से दक्षिण तक मूसलाधार बारिश: उफान पर नदियां

बिहार में मानसूनी गतिविधियां चरम पर हैं। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के उत्तर और पूर्वी जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और अन्य हिस्सों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजधानी पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय और नालंदा में गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। भारी बारिश के चलते गंगा, कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा मंडरा रहा है।

मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का संयुक्त असर

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की मुख्य ट्रफ रेखा इस समय उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर से गुजर रही है। इसके अतिरिक्त, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के वायुमंडल में एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है। यह मौसमी सिस्टम बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी खींच रहा है, जिसके चलते घने गरज वाले बादलों (Cumulonimbus Clouds) का निर्माण हो रहा है। यही कारण है कि अचानक तेज हवाओं के साथ सीमित समय में अत्यधिक पानी बरसने और आकाशीय बिजली चमकने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

प्रशासन की चेतावनी: आंधी-तूफान के समय बरतें ये जरूरी सावधानियां

मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है:

  • पेड़ों और खंभों से दूरी: तेज आंधी और बारिश के दौरान पुराने पेड़ों, जर्जर दीवारों, टीन शेड और बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के नीचे बिल्कुल भी शरण न लें।

  • खेतों में काम करने वाले किसान रखें ध्यान: आसमान में बिजली कड़कने पर खुले खेतों, तालाबों या जलस्रोतों के पास खड़े रहने के बजाय पक्के मकानों में चले जाएं।

  • शहरी जलभराव और ट्रैफिक: शहरों में निचले इलाकों और अंडरपास में भारी जलभराव हो सकता है, इसलिए वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है।

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग: वज्रपात के समय घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और लैंडलाइन या मेटल की चीजों के सीधे संपर्क से बचें।