
क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट में जब भी महान बल्लेबाजों की बात होती है, तो भारत के ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और इंग्लैंड के आधुनिक युग के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का नाम सबसे ऊपर आता है। जैसे-जैसे जो रूट अपने करियर के पड़ाव पार कर रहे हैं, उनकी तुलना सीधे तौर पर सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स से की जाने लगी है। क्रिकेट प्रेमियों के मन में हमेशा यह सवाल रहता है कि जब दोनों खिलाड़ियों ने अपने करियर के एक समान पड़ाव यानी 305 पारियों का सामना किया था, तब उनके आंकड़े कैसे थे और किसका प्रदर्शन अधिक प्रभावी रहा था?
305 पारियों के बाद सचिन तेंदुलकर के आंकड़े
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने शानदार टेस्ट करियर के दौरान अपनी बल्लेबाजी से दुनियाभर के गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा किया था। अगर बात उनके शुरुआती 305 पारियों के आंकड़ों की की जाए, तो उनका बल्ला जमकर रन बरसा रहा था। इस मुकाम तक पहुंचने पर सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट फॉर्मेट में लगभग 15,288 से अधिक रन दर्ज थे। उन्होंने इन पारियों में करीब 56 की बेहतरीन औसत से रन बनाए थे। उनके नाम इस चरण तक 51 से ज्यादा शतक और अनगिनत अर्धशतक दर्ज हो चुके थे, जो यह साबित करने के लिए काफी हैं कि अपने प्राइम टाइम में सचिन कितने आक्रामक और निरंतर प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाज थे।
जो रूट का मौजूदा प्रदर्शन और रन मशीन का सफर
दूसरी तरफ, इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान जो रूट ने भी टेस्ट क्रिकेट में रनों का अंबार लगा दिया है। जो रूट ने अपनी 305 पारियों के सफर के दौरान निरंतरता का एक नया आयाम स्थापित किया है। हालांकि सचिन तेंदुलकर के मुकाबले उनके कुल रनों और शतकों की संख्या थोड़ी भिन्न है, लेकिन आधुनिक युग की कठिन पिचों और चुनौतीपूर्ण गेंदबाजी आक्रमण के सामने रूट ने जिस प्रकार रन बनाए हैं, उसने सभी को प्रभावित किया है। जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में 14,000 से अधिक रनों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है और उनका बल्लेबाजी औसत भी 50 के आसपास का रहा है, जो वर्तमान पीढ़ी के बल्लेबाजों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
शतकों और अर्धशतकों का रोमांचक मुकाबला
रिकॉर्ड्स की इस जंग में शतकों के मामले में सचिन तेंदुलकर का पलड़ा भारी नजर आता है, क्योंकि सचिन ने अपने शुरुआती दौर में तेजी से शतक लगाकर शतकों का पहाड़ खड़ा कर दिया था। हालांकि, अर्धशतक लगाने के मामलों में जो रूट ने हाल ही में सचिन तेंदुलकर के कई बड़े रिकॉर्ड्स की बराबरी कर ली है। रूट ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 41 से ज्यादा शतक और 68 के करीब अर्धशतक जड़ दिए हैं। यह आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि जो रूट क्रीज पर टिककर लंबी पारियां खेलने में माहिर हैं और खराब दौर से गुजर रही अंग्रेजी टीम के लिए सबसे बड़े संकटमोचन साबित हुए हैं।
एरा और कंडीशंस का अंतर: कौन किस पर भारी?
विशेषज्ञों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर और जो रूट की सीधी तुलना करते समय दोनों के खेलने के दौर (Era) को भी ध्यान में रखना चाहिए। सचिन ने एक ऐसे समय में बल्लेबाजी की जब दुनिया भर की पिचों पर बेहतरीन स्पिनर्स और खतरनाक तेज गेंदबाजों का दबदबा था, इसके बावजूद उनका विदेशों में औसत बेजोड़ था। वहीं, जो रूट ने एक ऐसे दौर में क्रिकेट खेला है जहां आधुनिक क्रिकेट की तेज रफ्तार, स्विंग और मुश्किल पिचों पर टिकना बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा है। इसके बावजूद, रूट ने हर परिस्थिति में रन बनाए हैं। निष्कर्ष यही निकलता है कि रनों के मामले में सचिन आगे हैं, लेकिन आधुनिक क्रिकेट की मुश्किल चुनौतियों के बीच रूट की निरंतरता उन्हें किसी भी तरह से कम नहीं आंकने देती।
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