
रियल एस्टेट लेन-देन को पूरी तरह पारदर्शी, बिचौलिया-मुक्त और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में तमिलनाडु सरकार के पंजीकरण विभाग ने एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व नीतिगत फैसला लिया है। नए नियमों के अनुसार, राज्य भर में अनुमोदित लेआउट प्लॉट्स (Approved Layout Plots) और नवनिर्मित बहुमंजिला इमारतों के फ्लैट्स की पहली बिक्री यानी पहले पंजीकरण (First Registration) की पूरी प्रक्रिया अब अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। इस क्रांतिकारी कदम के बाद घर खरीदारों और निवेशकों को दस्तावेज जमा करने, फोटो खिंचवाने और लंबी कागजी औपचारिकताओं के लिए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों (SRO) के चक्कर काटने और कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पहले पंजीकरण को ऑनलाइन करने के पीछे क्या है उद्देश्य?
तमिलनाडु में रियल एस्टेट परियोजनाओं के विकास के दौरान अक्सर देखा गया है कि लेआउट या अपार्टमेंट्स की पहली बिक्री के समय डेवलपर्स और खरीदारों को भारी प्रशासनिक जटिलताओं का सामना करना पड़ता था। कई बार एक ही संपत्ति के दोहरे पंजीकरण या अनधिकृत लेआउट्स की अवैध बिक्री जैसी समस्याएं भी सामने आती थीं। सीएमडीए (CMDA) और डीटीसीपी (DTCP) जैसे आधिकारिक योजना प्राधिकरणों के डेटाबेस को सीधे राज्य के पंजीकरण पोर्टल से जोड़कर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि केवल वैध, स्वीकृत और कानूनी रूप से प्रमाणित संपत्तियों की ही पहली बिक्री दर्ज हो सके। इससे न केवल धोखाधड़ी पर शत-प्रतिशत लगाम लगेगी, बल्कि आम जनता के समय और धन की भी बड़ी बचत होगी।
‘TN Star’ पोर्टल और ऑनलाइन प्रक्रिया का स्वरूप
इस पूरी डिजिटल व्यवस्था को तमिलनाडु सरकार के उन्नत पंजीकरण पोर्टल (STAR 2.0 / 3.0 Platform) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इस नई प्रणाली के तहत प्रक्रिया कुछ इस प्रकार काम करेगी:
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डेवलपर द्वारा प्रोजेक्ट का प्री-वेरिफिकेशन: बिल्डर या प्रमोटर अपने प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी, लेआउट अप्रूवल, रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन और डीड का ड्राफ्ट पहले से पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
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ऑनलाइन डॉक्यूमेंटेशन और डीड ड्राफ्टिंग: खरीदार और विक्रेता घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से बिक्री विलेख (Sale Deed) तैयार कर सकेंगे।
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डिजिटल ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन: खरीदार, विक्रेता और गवाहों की पहचान का सत्यापन सुरक्षित डिजिटल ई-केवाईसी और फेस या ओटीपी ऑथेंटिकेशन के जरिए किया जाएगा।
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ऑनलाइन स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क: स्टांप शुल्क (Stamp Duty) और पंजीकरण फीस का भुगतान नेट बैंकिंग, यूपीआई या अधिकृत पेमेंट गेटवे के जरिए सीधे ऑनलाइन किया जाएगा।
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डिजिटल हस्ताक्षरित दस्तावेज: आवेदन के डिजिटल सत्यापन के बाद सब-रजिस्ट्रार द्वारा इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षरयुक्त आधिकारिक पंजीकरण प्रमाणपत्र और विलेख सीधे खरीदार के डिजिटल लॉकर या ईमेल पर जारी कर दिया जाएगा।
घर खरीदारों और निवेशकों को मिलने वाले प्रमुख लाभ
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बिचौलियों और रिश्वतखोरी का अंत: पूरी प्रक्रिया फेसलेस और पेपरलेस होने के कारण सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में अनधिकृत दलालों और अतिरिक्त अवैध वसूली की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
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तत्काल एनकंबरेंस सर्टिफिकेट (EC): ऑनलाइन पंजीकरण पूरा होते ही संपत्ति का भार-मुक्त प्रमाणपत्र (Encumbrance Certificate – EC) स्वतः अपडेट हो जाएगा, जिससे भविष्य में संपत्ति पर लोन लेना या दोबारा बेचना बेहद आसान होगा।
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अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए बड़ी सुविधा: विदेश या अन्य राज्यों में रहने वाले खरीदारों को पहली बिक्री के पंजीकरण के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की बाध्यता से बड़ी राहत मिलेगी।
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रीयल-टाइम अप्रूवल: फाइलों के भौतिक सत्यापन में लगने वाले दिनों के समय की जगह अब कुछ ही घंटों में अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़ेगा निवेशकों का भरोसा
तमिलनाडु सरकार के इस आधुनिक कदम का क्रेडाई (CREDAI) और रियल एस्टेट उद्योग से जुड़े प्रमुख संगठनों ने स्वागत किया है। पहली बिक्री के ऑनलाइन होने से चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै और त्रिची जैसे प्रमुख टियर-1 और टियर-2 शहरों में संपत्ति का कारोबार और अधिक संगठित होगा। जब संपत्तियों की खरीद-बिक्री की कानूनी प्रक्रिया इतनी सहज और सुरक्षित हो जाती है, तो घरेलू और संस्थागत निवेशकों का भरोसा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और राजस्व दोनों को नई गति मिलना तय है।
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