
देश के मध्य और पूर्वी राज्यों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठे गहरे दबाव (Depression) और झारखंड व उससे सटे गंगा के मैदानी इलाकों के ऊपर बने मजबूत चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के चलते उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान तीनों राज्यों के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश: पूर्वी और तराई बेल्ट में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और तराई के जिलों में बारिश का दायरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, चंदौली, गाजीपुर, गोरखपुर और बस्ती सहित आसपास के इलाकों में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना है। राजधानी लखनऊ, कानपुर और मध्य यूपी के क्षेत्रों में भी घने बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। भारी बारिश के चलते शहरी इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश: 20 से अधिक जिलों में अलर्ट, नदी-नाले उफान पर
मध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम का सबसे गहरा असर देखने को मिल रहा है। रीवा, सतना, पन्ना, अनूपपुर, बालाघाट, सागर, दमोह, छतरपुर, जबलपुर और ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश से नर्मदा, बेतवा, चंबल और तवा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने बांधों के कैचमेंट एरिया में जलभराव को देखते हुए कई बांधों के गेट खोलने की तैयारी की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और पिकनिक स्पॉट व नदी तटों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड: गहरे दबाव से कई इलाकों में लगातार बारिश
झारखंड के ऊपर बने मानसूनी दबाव के चलते राज्य के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, संताल परगना और कोल्हान प्रमंडल में व्यापक वर्षा दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। कई पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में कच्ची सड़कों और खेतों में पानी भरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने लोगों से आंधी-बारिश और बादलों की गड़गड़ाहट के समय खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त अपील की है।
सावधानी और प्रशासनिक दिशा-निर्देश
मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है। यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक मौसम बुलेटिन और ट्रैफिक अपडेट जरूर जांच लें। बिजली के खंभों, पुराने व जर्जर मकानों तथा जलमग्न सड़कों और अंडरपास से दूरी बनाए रखें। राज्य आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF व NDRF) को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील जिलों में अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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