
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और बादलों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 अगस्त को राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रदेश के मौसम तंत्र में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून ट्रफ के प्रभाव से मौसम विभाग ने 26 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) और 31 जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के बढ़ते जलस्तर और यातायात बाधित होने का संकट गहरा गया है।
ऑरेंज अलर्ट वाले 26 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का खतरा
मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, प्रदेश के 26 प्रमुख जिलों में बादलों का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, जहां मूसलाधार बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है। इन जिलों में रामपुर, मुरादाबाद, संभल, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, वाराणसी, गाजीपुर, संत रविदास नगर (भदोही) और बस्ती शामिल हैं। इन क्षेत्रों के निवासियों को बिना किसी आवश्यक कार्य के खुले में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
येलो अलर्ट के तहत 31 जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका
राजधानी लखनऊ सहित 31 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी किया गया है। इन इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। येलो अलर्ट वाले जिलों में लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, अमेठी, कौशांबी, प्रयागराज, बलरामपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, चित्रकूट, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, संत कबीर नगर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, कन्नौज और औरैया शामिल हैं। मौसम विभाग ने इन जिलों के स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन से बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ रेखा वर्तमान में अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर यूपी के ऊपर से गुजर रही है। इसके साथ ही वायुमंडल के निचले व मध्य स्तरों में बने तीव्र चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है। इस मजबूत मौसमी सिस्टम के चलते पूरे उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर बादलों की गर्जना और तेज बारिश का दौर अगले 48 से 72 घंटों तक जारी रहने की प्रबल संभावना है।
शहरी इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में इजाफा
लगातार हो रही बारिश से जहां एक ओर उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई बड़े शहरों में मुख्य सड़कों, कॉलोनियों और अंडरपास में भारी जलभराव देखने को मिल रहा है, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई है। वहीं दूसरी तरफ गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे तटीय व निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा मंडराने लगा है।
प्रशासन की एडवाइजरी: बाहर निकलने से पहले बरतें ये सावधानियां
आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने आम जनता के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है:
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बारिश और तेज आंधी के दौरान पुराने, जर्जर मकानों, कमजोर दीवारों और बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लें।
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आकाशीय बिजली चमकने के समय खुले मैदान, खेत, पानी के स्रोतों और बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और जलजमाव वाले रास्तों पर गाड़ी धीमी गति से चलाएं।
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किसान भाई मौसम साफ होने तक खेतों में खुले में काम करने और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
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यात्रा पर निकलने से पहले अपने रूट का ट्रैफिक और मौसम अपडेट जरूर चेक करें तथा प्रशासनिक हेल्पलाइन नंबरों को अपने पास रखें।
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