Apple Obsolete List: एपल ने अपने इस बेहद लोकप्रिय आईफोन को किया ‘कबाड़’ घोषित, अब नहीं मिलेगा ऑफिशियल सपोर्ट और पार्ट्स

टेक डेस्क ग्राउंड रिपोर्ट: एपल की नई सूची से लाखों पुराने आईफोन यूजर्स को झटका ग्लोबल टेक दिग्गज एपल (Apple) ने अपनी आधिकारिक विंटेज और ऑब्सोलिट (Obsolete) प्रोडक्ट्स की सूची को अपडेट करते हुए अपने बेहद लोकप्रिय पुराने आईफोन मॉडल को आधिकारिक तौर पर ‘अप्रचलित’ यानी ऑब्सोलिट श्रेणी में डाल दिया है। टेक की दुनिया में इस कदम को आम बोलचाल में प्रोडक्ट की ‘आधिकारिक विदाई’ माना जाता है। एपल की इस नीति के तहत, जब कोई डिवाइस अपनी बिक्री बंद होने के सात साल से अधिक का समय पूरा कर लेता है, तो कंपनी उसे पूरी तरह से हार्डवेयर और सर्विस सपोर्ट से बाहर कर देती है।

भारत सहित दुनिया भर के उन लाखों यूजर्स के लिए यह एक बड़ा झटका है जो अपने इस पुराने लेकिन मजबूत आईफोन का इस्तेमाल सेकेंडरी फोन, म्यूजिक प्लेयर या दैनिक कॉलिंग डिवाइस के तौर पर कर रहे थे। अब इस डिवाइस के लिए एपल के आधिकारिक सर्विस सेंटर के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं।

क्या होता है ‘Obsolete’ का मतलब: एपल की पॉलिसी को समझें एपल अपने पुराने प्रोडक्ट्स को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटता है, जिन्हें समझना हर यूजर के लिए बेहद जरूरी है:

  • Vintage (विंटेज श्रेणी): जब किसी डिवाइस की बिक्री बंद हुए 5 साल से अधिक लेकिन 7 साल से कम समय हुआ हो, तो एपल उसे ‘विंटेज’ घोषित करता है। इस दौरान सर्विस सेंटर में पार्ट्स की उपलब्धता (Inventory) के आधार पर रिपेयरिंग की सुविधा मिलती रहती है।

  • Obsolete (अप्रचलित श्रेणी): जब किसी डिवाइस की बिक्री बंद हुए पूरे 7 साल बीत जाते हैं, तो वह ‘ऑब्सोलिट’ बन जाता है। इस श्रेणी में आते ही एपल अपने ऑथराइज्ड सर्विस प्रोवाइडर्स और एपल स्टोर्स को उस डिवाइस के लिए स्पेयर पार्ट्स देना और कोई भी हार्डवेयर रिपेयर सर्विस देना पूरी तरह बंद कर देता है। केवल चुनिंदा मैक लैपटॉप की बैटरी के मामलों में ही कुछ सीमित शर्तें लागू होती हैं।

मौजूदा यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा: क्या फोन चलना तुरंत बंद हो जाएगा? अगर आपके पास यह आईफोन मॉडल है, तो घबराने की जरूरत नहीं है कि फोन अचानक ऑन होना बंद हो जाएगा। आपका डिवाइस पहले की तरह ही चालू रहेगा और कॉलिंग, बेसिक ऐप्स व मीडिया प्लेबैक का काम करता रहेगा। हालांकि, व्यवहारिक तौर पर आपको इन प्रमुख मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा:

  • कोई आधिकारिक हार्डवेयर रिपेयर नहीं: अगर फोन की स्क्रीन टूट जाती है, बैटरी खराब हो जाती है या मदरबोर्ड में खराबी आती है, तो एपल का कोई भी आधिकारिक सर्विस सेंटर इसे रिपेयर नहीं करेगा।

  • ओरिजिनल पार्ट्स की कमी: मार्केट में इस मॉडल के ओरिजिनल जेन्युइन पार्ट्स मिलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा और यूजर्स को केवल थर्ड-पार्टी या लोकल रिपेयर शॉप्स पर निर्भर रहना होगा।

  • सॉफ्टवेयर और ऐप सपोर्ट का अंत: इस डिवाइस को नए iOS अपडेट और सिक्योरिटी पैच पहले ही मिलना बंद हो चुके हैं। आने वाले समय में व्हाट्सएप, बैंकिंग ऐप्स और यूट्यूब जैसे जरूरी ऐप्स भी पुराने ओएस वर्जन पर काम करना बंद कर देंगे।

सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर बड़ा जोखिम किसी पुराने स्मार्टफोन के आधिकारिक तौर पर रिटायर होने के बाद सबसे बड़ा खतरा उसकी डेटा सुरक्षा को लेकर होता है। चूंकि एपल अब इस डिवाइस के लिए कोई सिक्योरिटी अपडेट या वल्नरैबिलिटी फिक्स जारी नहीं करेगा, ऐसे में यह फोन साइबर फ्रॉड, मैलवेयर और हैकिंग के प्रति संवेदनशील हो जाता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि इस तरह के पुराने और अनसपोर्टेड डिवाइस पर कभी भी नेट बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट्स, पर्सनल ईमेल या संवेदनशील वित्तीय लेनदेन नहीं करने चाहिए।

यूजर्स के पास अब क्या हैं विकल्प: अपग्रेड करने का सही समय यदि आप अभी भी इस पुराने आईफोन पर निर्भर हैं, तो आपके पास मुख्य रूप से निम्नलिखित विकल्प बचते हैं:

  • नये मॉडल पर अपग्रेड करें: यदि यह आपका प्राथमिक (Primary) फोन है, तो डेटा बैकअप लेकर नए आईफोन या किसी आधुनिक बजट स्मार्टफोन पर स्विच करना सबसे सुरक्षित फैसला होगा।

  • सेकेंडरी डिवाइस बनाएं: जब तक फोन की हार्डवेयर कंडीशन ठीक है, तब तक इसे बिना किसी संवेदनशील डेटा के घर पर केवल कॉलिंग, अलार्म या ऑफलाइन मीडिया प्लेयर के रूप में इस्तेमाल करें।

  • लोकल रिपेयरिंग का सहारा: अगर बैटरी लाइफ कम हो चुकी है और आप फोन को चालू रखना चाहते हैं, तो किसी भरोसेमंद लोकल रिपेयर सेंटर से थर्ड-पार्टी बैटरी रिप्लेस करवा सकते हैं, हालांकि इसकी परफॉर्मेंस ओरिजिनल जैसी नहीं होगी।

एपल द्वारा अपनी विंटेज और ऑब्सोलिट लिस्ट को समय-समय पर अपडेट करना एक नियमित तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है, ताकि कंपनी अपने नए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम पर ध्यान केंद्रित कर सके। जिन यूजर्स के पास यह फोन अभी सुरक्षित चल रहा है, वे इसका सामान्य उपयोग जारी रख सकते हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से एक आधुनिक डिवाइस पर स्विच करने की योजना बनाना अब बेहद जरूरी हो गया है।