
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की बुजुर्ग मां इंद्रावती देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उनके शरीर से जेवर गायब होने के मामले ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर एक नया सियासी घमासान छेड़ दिया है। घटना सामने आते ही समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़े किए। सपा प्रमुख ने लिखा, “अंबेडकरनगर में एक आईपीएस अधिकारी की माता जी की हत्या का दुखद समाचार आया है। उत्तर प्रदेश में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, दुर्भाग्यपूर्ण!” अखिलेश यादव के इस बयान के बाद मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि जब राज्य में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का परिवार ही अपने पुश्तैनी घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
घर में संदिग्ध हालात में मिला था 94 वर्षीय इंद्रावती का शव: शरीर से गायब मिले सोने के जेवर
घटना अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रूढ़ा धमरूआ की है। उत्तर प्रदेश पुलिस में एसपी (पुलिस भवन कल्याण, लखनऊ) के पद पर तैनात प्रमोटेड आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 94 वर्षीय मां इंद्रावती अपने पैतृक आवास पर अकेली रहती थीं।
जैसा कि Jansatta की रिपोर्ट और Navbharat Times की खबर में बताया गया है, रविवार की सुबह जब बुजुर्ग महिला की देखभाल करने वाली घरेलू सहायिका (नौकरानी) काम करने पहुंची, तो घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद (कुंडी लगी हुई) मिला। जब वह अंदर गई तो हॉल में स्थित बेड पर इंद्रावती का शव पड़ा देखकर उसके होश उड़ गए।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, मृतका के मुंह से खून निकला हुआ था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि बुजुर्ग महिला के शरीर से उनके रोजाना पहनने वाले सभी कीमती आभूषण गायब थे। उनके गले से सोने के दानों वाली तुलसी की माला, नाक की सोने की कील, कान के टॉप्स और पैरों में पहनी जाने वाली चांदी की पायल गायब मिलीं। परिजनों ने आशंका जताई है कि अज्ञात बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से घर में घुसकर मुंह दबाकर या गला घोंटकर उनकी हत्या की और जेवर लेकर फरार हो गए।
15 अगस्त को बेटे के साथ कार्यक्रम में हुई थीं शामिल: रात 10 बजे हुई थी आखिरी बातचीत
आईपीएस आशुतोष मिश्रा को जब उनके चाचा सचिंद्र मिश्रा ने फोन पर इस अनहोनी की सूचना दी, तो वे आनन-फानन में लखनऊ से अंबेडकरनगर के लिए रवाना हुए। बताया जा रहा है कि शनिवार को स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर आईपीएस आशुतोष मिश्रा अपने गांव आए थे और अपनी मां के साथ गांव के एक स्थानीय स्कूल में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
कार्यक्रम संपन्न होने के बाद आशुतोष मिश्रा शनिवार देर शाम अपनी ड्यूटी के लिए लखनऊ लौट गए थे, जबकि स्कूल में चल रहे कुछ अधूरे निर्माण कार्य की देखरेख के लिए उनकी मां गांव में ही रुक गई थीं। शनिवार रात करीब 10:00 बजे आईपीएस अधिकारी की अपनी मां से फोन पर सामान्य बातचीत भी हुई थी। इसके बाद रविवार सुबह यह दुखद और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई।
पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने संभाला मोर्चा: पोस्टमार्टम और विसरा से खुलेगा मौत का राज
घटना की गंभीरता और हाई-प्रोफाइल प्रकृति को देखते हुए अयोध्या रेंज के डीआईजी/आईजी सोमेन वर्मा और अंबेडकरनगर की पुलिस अधीक्षक (SP) प्राची सिंह भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड की टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाए हैं।
India TV की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस मामले की दोतरफा जांच कर रही है—पहला यह कि क्या यह लूट के इरादे से की गई हत्या है, और दूसरा यह कि क्या वृद्धा की मौत स्वाभाविक थी और उसके बाद किसी ने मौके का फायदा उठाकर जेवर पार किए।
मालीपुर थाने में लूटपाट और संदिग्ध परिस्थितियों के तहत तहरीर दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम में मौत की वजह पूरी तरह स्पष्ट न होने पर मेडिकल बोर्ड ने विसरा सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजने का फैसला किया है ताकि किसी भी रासायनिक या विषाक्त पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि हो सके।
विपक्ष का हमला तेज, पूर्व मंत्रियों ने भी कानून-व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
अखिलेश यादव के अलावा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अंबेडकरनगर में आईपीएस अधिकारी की मां की इस प्रकार की संदिग्ध मौत और घर से जेवर गायब होना अत्यंत स्तब्धकारी और दिल दहला देने वाला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब राजधानी लखनऊ में बैठे पुलिस अधिकारियों के बुजुर्ग परिजन अपने गृह जनपद में असुरक्षित हैं, तो राज्य सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस ऑन क्राइम’ का दावा पूरी तरह खोखला साबित होता है।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के लिए कई विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। गांव और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द इस पूरे मामले का निष्पक्ष खुलासा किया जाएगा।
girls globe