
कन्नड़ सिनेमा से निकलकर पूरे विश्व में ‘रॉकी भाई’ के नाम से अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले रॉकिंग स्टार यश अपनी अगली महात्वाकांक्षी फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ (Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups) को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं। ‘केजीएफ चैप्टर 1’ और ‘केजीएफ चैप्टर 2’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद दर्शक यश को एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेताब हैं। लेकिन इस बार यश किसी पारंपरिक मास-एक्शन हीरो के रूप में नहीं, बल्कि बेहद डार्क, रॉ, और अनफिल्टर्ड किरदार में नजर आने वाले हैं।
हाल ही में फिल्म के कंटेंट, बोल्डनेस और स्क्रीनप्ले को लेकर फिल्म जगत और सोशल मीडिया पर एक नई चर्चा छिड़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘टॉक्सिक’ में कई गहन, संवेदी और इंटीमेट (अंतरंग) सीन्स शामिल किए गए हैं, जो यश की पिछली पारिवारिक और पारंपरिक एक्शन इमेज से बिल्कुल उलट हैं। इस पर अपनी बेबाक राय रखते हुए यश ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में कभी स्क्रीन पर टिपिकल ‘किसिंग सीन’ या जबरन बोल्डनेस को बढ़ावा नहीं दिया, लेकिन ‘टॉक्सिक’ की कहानी और आज के दर्शकों की समझ एक बिल्कुल अलग स्तर की मांग करती है। यश के इस बयान ने सिनेमा प्रेमियों और युवाओं के बीच भारी हलचल मचा दी है।
‘ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’: नाम में ही छिपा है फिल्म का एडल्ट और डार्क जॉनर
फिल्म ‘टॉक्सिक’ की घोषणा के समय से ही इसका टैगलाइन ‘ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ (वयस्कों के लिए एक परियों की कहानी) हर किसी का ध्यान खींच रहा था। यश और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक गीतू मोहनदास ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यह फिल्म बच्चों या सामान्य फॉर्मूला फिल्मों की तरह नहीं बनाई जा रही है। यह एक ‘ए-रेटेड’ (वयस्क) साइकोलॉजिकल एक्शन ड्रामा है, जिसकी कहानी अपराध, सत्ता, मानवीय लालच, जुनून और जटिल प्रेम संबंधों के इर्द-गिर्द घूमती है।
फिल्म के नैरेटिव में बोल्डनेस किसी सनसनी (सेंसेशनलिज्म) के लिए नहीं, बल्कि कहानी की स्वाभाविक मांग के तौर पर बुनी गई है। यश का मानना है कि जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर की डार्क थ्रिलर फिल्म बना रहे हों, तो भावनाओं, क्रोध और प्रेम को सतही तौर पर नहीं दिखाया जा सकता। कहानी के किरदारों में जो कड़वाहट, आकर्षण और क्रूरता है, उसे पर्दे पर जीवंत करने के लिए निर्देशक ने मानवीय संबंधों के अंतरंग पहलुओं को बेहद यथार्थवादी तरीके से पेश किया है।
पुरानी इमेज बनाम मॉडर्न सिनेमा: यश ने क्यों बदली अपनी ऑन-स्क्रीन नो-किसिंग पॉलिसी?
भारतीय सिनेमा में कई बड़े सुपरस्टार्स अपनी एक तय ‘नो-किसिंग’ या ‘नो-इंटीमेसी’ पॉलिसी के लिए जाने जाते हैं। यश ने भी अपनी शुरुआती कन्नड़ फिल्मों से लेकर ‘केजीएफ’ तक हमेशा मुख्यधारा के पारिवारिक सिनेमा के दायरे में काम किया था। ऐसे में जब उनसे पूछा गया कि क्या ‘टॉक्सिक’ में उनकी इस इमेज में बदलाव देखने को मिलेगा, तो यश ने बेहद परिपक्वता से जवाब दिया।
यश ने स्पष्ट किया कि सिनेमा समय के साथ बदलता है। एक अभिनेता का काम किसी एक सांचे में बंधकर रहना नहीं है। उन्होंने कहा कि पुराने दौर में प्रेम को दो फूलों के मिलने या प्रतीकात्मक दृश्यों से दिखाया जाता था, लेकिन आज का दर्शक वैश्विक सिनेमा से जुड़ा हुआ है। यदि कहानी में दो किरदारों के बीच गहरा भावनात्मक या शारीरिक तनाव है, तो उसे बनावटी तरीके से छिपाना कला के साथ बेईमानी होगी। यश के अनुसार, ‘टॉक्सिक’ में शामिल हर एक बोल्ड या तीव्र दृश्य पटकथा की आत्मा से जुड़ा हुआ है और दर्शक जब इसे बड़े पर्दे पर देखेंगे तो वे समझ पाएंगे कि यह किसी ग्लैमर का हिस्सा नहीं बल्कि कहानी का दर्द और जुनून है।
ड्रग माफिया और इंटरनेशनल क्राइम थ्रिलर: क्या है ‘टॉक्सिक’ की असली दुनिया?
सिनेमाई गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, ‘टॉक्सिक’ की पृष्ठभूमि 1950 से 1970 के दशक के बीच गोवा और अंतरराष्ट्रीय तटीय इलाकों में फैले खतरनाक ड्रग्स और स्मगलिंग सिंडिकेट पर आधारित है। फिल्म में यश एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं जो अपराध की दुनिया के गहरे दलदल में फंसा हुआ है, जहां वफादारी, प्यार और विश्वासघात के मायने हर पल बदलते हैं।
निर्देशक गीतू मोहनदास, जो अपनी रियलिस्टिक और आर्ट-हाउस सिनेमाई दृष्टि (‘लायर्स डाइस’, ‘मूथॉन’) के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने इस कमर्शियल एक्शन फिल्म में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का रियलिज्म डाला है। फिल्म में न केवल खतरनाक एक्शन सीन्स होंगे, बल्कि इंसानी रिश्तों की सबसे अंधेरी परतों को भी बेपरदा किया जाएगा। इस तरह की कहानियों में किरदारों का बोल्ड और अनैतिक होना स्वाभाविक है, और यही वजह है कि यश का किरदार स्क्रीन पर बिना किसी फिल्टर के अपनी पूरी कच्ची ऊर्जा के साथ नजर आएगा।
स्टार-स्टडेड फीमेल कास्ट और ग्लोबल स्केल: बॉलीवुड से साउथ तक का महासंगम
‘टॉक्सिक’ सिर्फ अपने विषय की वजह से ही नहीं, बल्कि अपनी विशाल स्टार कास्ट के चलते भी देश की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बन चुकी है। फिल्म में यश के साथ भारतीय सिनेमा की कई दिग्गज अभिनेत्रियों के जुड़ने की खबरें हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और श्रुति हासन जैसे बड़े नाम अलग-अलग और बेहद शक्तिशाली किरदारों में नजर आने वाले हैं।
फिल्म में महिला किरदारों को केवल शो-पीस या हीरो के पीछे नाचने वाली भूमिकाओं तक सीमित नहीं रखा गया है। गीतू मोहनदास ने हर महिला किरदार को कहानी की धुरी बनाया है, जिनकी अपनी महत्वाकांक्षाएं, रहस्य और ताकत हैं। यश के साथ इन अभिनेत्रियों के किरदारों के बीच की केमिस्ट्री बेहद तीव्र, अप्रत्याशित और बोल्ड होने वाली है, जो पारंपरिक भारतीय फिल्मों के रोमांस से कोसों दूर एक नया पैमाना तय करेगी।
आज के युवाओं की सोच और सिनेमाई परिपक्वता: यश का बेबाक नजरिया
यश ने अपने हालिया बयानों में यह बात प्रमुखता से कही कि आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z और मिलेनियल्स) सिनेमा को एक नए नजरिए से देखती है। आज का युवा नेटफ्लिक्स, एचबीओ और अंतरराष्ट्रीय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ‘पीकी ब्लाइंडर्स’, ‘नारकोस’ और ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ जैसी विश्वस्तरीय सीरीज देखकर बड़ा हुआ है। वह जानता है कि कला और यथार्थ में क्या फर्क होता है।
यश का मानना है कि भारतीय युवाओं को उपदेश देने या उनसे हकीकत छिपाने का दौर अब खत्म हो चुका है। युवा दर्शक स्क्रीन पर सच्चाई, कच्ची भावनाएं और वास्तविक जीवन के संघर्ष देखना चाहते हैं। जब पश्चिमी सिनेमा बिना किसी झिझक के जटिल मानवीय रिश्तों और डार्क थीम्स को पेश कर सकता है, तो भारतीय सिनेमा को भी अपने दायरे से बाहर निकलना होगा। ‘टॉक्सिक’ भारतीय युवाओं को यह अहसास कराएगी कि हमारा सिनेमा भी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिना किसी समझौते के व्यस्क, परिपक्व और वैश्विक स्तर की कहानियों को कहने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचने की तैयारी: क्या ‘KGF 2’ का रिकॉर्ड तोड़ेगी ‘टॉक्सिक’?
केवीएन प्रोडक्शंस (KVN Productions) और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले बन रही ‘टॉक्सिक’ को कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में रिलीज करने की तैयारी की जा रही है। फिल्म का बजट विशाल है और इसके तकनीकी क्रू में हॉलीवुड के एक्शन डायरेक्टर्स और विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘केजीएफ 2’ के बाद यश का जो ग्लोबल फैन बेस बना है, वह ‘टॉक्सिक’ को बॉक्स ऑफिस पर एक ऐतिहासिक ओपनिंग दिलाने के लिए काफी है। हालांकि, फिल्म का ए-रेटेड और बोल्ड मिजाज इसे एक नया दर्शक वर्ग भी देगा जो हॉलीवुड स्टाइल डार्क क्राइम ड्रामा का दीवाना है। यश का यह निडर और लीक से हटकर उठाया गया कदम साबित करता है कि वे एक सुरक्षित सुपरस्टार की छवि में कैद रहने के बजाय एक सच्चे वैश्विक अभिनेता के रूप में खुद को लगातार री-इन्वेंट करने का दम रखते हैं।
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