
केंद्र सरकार के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से अब तक कितना काम पूरा हो चुका है। आपको बता दें कि 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए कुल 18 महीने का समय मिला था, जिसमें से ठीक 9 महीने का वक्त बीत चुका है और अब आयोग के पास रिपोर्ट तैयार करने के लिए केवल 9 महीने का समय शेष बचा है। कर्मचारियों की नजरें लगातार इस बात पर टिकी हैं कि बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता (DA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर आयोग किन प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।
सरकार ने संसद में क्या दी है समय-सीमा की जानकारी?
पिछले साल नवंबर में गठित किए गए 8वें वेतन आयोग के पास अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने के लिए मई 2027 तक का समय है। हाल ही में संसद में वित्त मंत्रालय की तरफ से दिए गए एक लिखित जवाब में यह स्पष्ट किया गया था कि आयोग तय समय-सीमा के भीतर ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि अभी तक आयोग की तरफ से सरकार को कोई अंतरिम सलाह या रिपोर्ट नहीं दी गई है, और न ही सरकार ने 18 महीने का कार्यकाल पूरा होने से पहले रिपोर्ट सौंपने को लेकर कोई जल्दबाजी दिखाई है। तय समय सीमा के भीतर ही सभी पहलुओं पर व्यापक अध्ययन के बाद रिपोर्ट पेश की जाएगी।
कर्मचारियों की निगाहें फिटमेंट फैक्टर और बेसिक सैलरी पर
8वें वेतन आयोग की पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चर्चा जिस एक बात की हो रही है, वह है ‘फिटमेंट फैक्टर’ (Fitment Factor)। यदि इतिहास पर नजर डालें तो छठे वेतन आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर 1.86 था, जिसे बढ़ाकर 7वें वेतन आयोग में 2.57 कर दिया गया था। अब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की तरफ से अलग-अलग और बड़ी मांगें सामने आ रही हैं। कुछ यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की है, यदि ऐसा होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से छलांग लगाकर सीधे 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसी फिटमेंट फैक्टर के गुणांक (Multiplier) पर कर्मचारियों की नई सैलरी और पेंशन की फाइनल कैलकुलेशन तय होनी है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में संगठनों के साथ हो रही हैं बैठकें
फिलहाल 8वां वेतन आयोग देश भर के विभिन्न राज्यों और शहरों में जाकर सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों तथा पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न यूनियनों और संगठनों के साथ मैराथन बैठकें कर रहा है। हाल ही में 7 और 10 अगस्त को आयोग की महत्वपूर्ण बैठकें राजधानी दिल्ली में संपन्न हुई हैं। इससे पहले आयोग ने जम्मू-कश्मीर, लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों का दौरा कर वहां के कर्मचारियों की राय जानी है। आने वाले दिनों में आयोग की तरफ से चंडीगढ़, चेन्नई और पुडुचेरी में भी बैठकें प्रस्तावित हैं, जहां विभिन्न पक्षों के सुझावों को दर्ज किया जाएगा।
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