सरकारी कॉलेजों में DM और SP पढ़ाएंगे UPSC-PCS की बारीकियां, इंजीनियर-डॉक्टर कराएंगे JEE-NEET की तैयारी; योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक

उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और क्रांतिकारी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार करने के लिए एक नई युवा नीति लेकर आ रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और स्कूलों में ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ का दायरा व्यापक स्तर पर बढ़ाया जा रहा है। अब यूपी के सरकारी संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि देश और समाज के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और पेशेवर एक्सपर्ट्स उन्हें सफलता के गुर सिखाएंगे।

IAS, IPS और डॉक्टर्स-इंजीनियर्स संभालेंगे पढ़ाई की कमान

योगी सरकार की इस अनूठी योजना के तहत अब जिलों में तैनात आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और आईएफएस (IFS) जैसे वरिष्ठ अधिकारी सीधे स्कूल-कॉलेज पहुंचकर छात्रों से संवाद करेंगे और उन्हें अपने अनुभवों से प्रशिक्षित करेंगे। इतना ही नहीं, तकनीकी और मेडिकल क्षेत्र की तैयारी के लिए आईआईटी (IIT) पास इंजीनियर और जाने-माने डॉक्टर भी छात्रों की क्लास लेंगे। यह पूरी कोचिंग व्यवस्था वर्चुअल (Virtual) और फिजिकल (Physical) दोनों माध्यमों से चलाई जाएगी, जिससे दूर-दराज के छात्र भी इसका पूरा लाभ उठा सकें।

यूपीएससी से लेकर नीट-जेईई तक हर बड़ी परीक्षा की मिलेगी फ्री कोचिंग

सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी को सही समय पर सटीक मार्गदर्शन देना है ताकि वे बिना किसी भटकाव के अपने लक्ष्य को हासिल कर सकें। इस कोचिंग के दौरान छात्रों को यूपीएससी (UPSC), यूपीपीएससी (UPPSC), यूपीएसएसएससी (UPSSC), एनडीए (NDA), जेईई (JEE), नीट (NEET) और सीयूईटी (CUET) जैसी तमाम प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए विशेष रणनीति सिखाई जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को टाइम मैनेजमेंट, कम समय में बेहतरीन पढ़ाई के तरीके, उच्च शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता (Entrepreneurship) और स्टार्टअप से जुड़ी बारीकियों से भी अवगत कराया जाएगा।

मानसिक विकास और स्किल डेवलपमेंट पर भी रहेगा पूरा जोर

इस व्यापक शैक्षिक कार्यक्रम में केवल किताबों या परीक्षा के सिलेबस तक ही फोकस नहीं रखा जाएगा, बल्कि छात्रों के समग्र विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों को वित्तीय कौशल (Financial Skills), संचार कौशल (Communication Skills), व्यापार प्रबंधन, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता, नशामुक्ति अभियान, तनाव प्रबंधन (Stress Management) और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे जरूरी विषयों पर भी प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की युवा कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी छात्रों को दी जाएगी।

डीएम तैयार करेंगे हर महीने का खास कैलेंडर, होगी सख्त मॉनिटरिंग

इस योजना को जमीन पर पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ उतारने के लिए जिलाधिकारियों (DM) को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर जिले के डीएम हर महीने होने वाले कार्यक्रमों का एक विस्तृत कैलेंडर तैयार करेंगे। इसमें जिले में तैनात सभी युवा अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इन सभी कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण हर महीने की पांच तारीख तक अनिवार्य रूप से माध्यमिक शिक्षा विभाग को भेजना होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रदेश के हर छात्र तक इसका पूरा लाभ पहुंच रहा है।