
हाथों की खूबसूरती बढ़ाने वाले हमारे नाखून केवल सुंदरता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये हमारे आंतरिक स्वास्थ्य का दर्पण भी होते हैं। अक्सर आपने ध्यान दिया होगा कि नाखूनों की जड़ में एक छोटा सा सफेद रंग का आधा चांद जैसा आकार बना होता है। डॉक्टरी भाषा में इसे ‘लुनुला’ (Lunula) कहा जाता है, जिसका लैटिन भाषा में अर्थ ‘छोटा चांद’ होता है। कई बार लोग इसे महज एक सामान्य शारीरिक बनावट मानकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डर्मेटोलॉजिस्ट्स के अनुसार, इस आधे चांद का आकार, रंग और मौजूदगी हमारे दिल, किडनी, लिवर और मेटाबॉलिज्म से सीधा संबंध रखती है। आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं कि नाखूनों में दिखने वाला यह लुनुला हमारी सेहत के बारे में क्या राज खोलता है।
क्या होता है लुनुला और यह शरीर में कैसे काम करता है?
लुनुला नाखून के मैट्रिक्स का ही एक दिखाई देने वाला हिस्सा होता है। मैट्रिक्स नाखून के नीचे का वह नाजुक स्थान है, जहां नई कोशिकाएं (सेल्स) बनती हैं और नाखून का विकास होता है। लुनुला का सफेद रंग इसलिए दिखाई देता है क्योंकि इसके नीचे की रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) नाखून के बाकी हिस्सों की तुलना में अधिक ढकी हुई होती हैं।
सामान्य और स्वस्थ स्थिति में लुनुला अंगूठे पर सबसे स्पष्ट और बड़ा दिखाई देता है, जबकि बाकी उंगलियों पर यह छोटा होता जाता है। यदि आपके नाखूनों में लुनुला हल्का सफेद, साफ और उभरा हुआ है, तो यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) बिल्कुल सही है और आपकी नसें व आंतरिक अंग सुचारू रूप से काम कर रहे हैं।
हार्ट और किडनी की सेहत से लुनुला का गहरा कनेक्शन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लुनुला के आकार या रंग में अचानक आने वाला बदलाव शरीर में पनप रही किसी छिपी बीमारी का पूर्व संकेत हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति के नाखूनों में लुनुला का रंग लाल या गहरा गुलाबी होने लगे, तो यह दिल से जुड़ी समस्याओं या कंजस्टिव हार्ट फेलियर का संकेत हो सकता है। यह दर्शाता है कि दिल सही तरीके से खून को पंप नहीं कर पा रहा है और नसों में दबाव बढ़ रहा है।
वहीं, किडनी और लिवर की सेहत का असर भी लुनुला पर साफ दिखाई देता है। किडनी रोग से पीड़ित मरीजों में कई बार ‘हाफ एंड हाफ नेल्स’ (लिंडसे नेल्स) की स्थिति बन जाती है, जहां नाखून का आधा हिस्सा सफेद और आधा भूरा या लाल दिखता है। इसके अलावा, यदि लुनुला का रंग नीला या बैंगनी नजर आने लगे, तो यह शरीर में ऑक्सीजन की कमी, विल्सन डिजीज (लिवर में कॉपर जमना) या फेफड़ों की समस्या की ओर इशारा करता है।
लुनुला का गायब होना या रंग बदलना: कब सावधान होना जरूरी?
यदि आपके नाखूनों से आधा चांद अचानक गायब होने लगे या बहुत छोटा हो जाए, तो यह शरीर में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। विशेष रूप से विटामिन B12, आयरन और फोलिक एसिड की कमी से लुनुला गायब हो जाता है, जिसे एनीमिया (खून की कमी) से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा, थायराइड ग्रंथि के सुस्त पड़ने (हाइपोथायरायडिज्म) से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे लुनुला धुंधला या अदृश्य हो जाता है।
यदि लुनुला का रंग सफेद से बदलकर पीला पड़ने लगे, तो यह फंगल इंफेक्शन या सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियों का लक्षण हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति के नाखूनों की बनावट अलग होती है और कभी-कभी अनुवांशिक कारणों से भी लुनुला छोटा हो सकता है। लेकिन यदि इसके रंग और आकार में अचानक बदलाव आए, तो बिना देर किए किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से अपनी जांच करानी चाहिए।
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