‘बहुत पहले हो जाना चाहिए था यह फैसला’: RJD की सभी कमेटियां भंग होने पर बोलीं रोहिणी आचार्या, तेजस्वी की नई टीम को दी बड़ी सलाह

बिहार के राजनीतिक गलियारों से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को लेकर एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पार्टी के भीतर मचे घमासान और हालिया चुनावी झटकों के बाद आरजेडी ने अपनी सभी इकाइयों, प्रकोष्ठों और जिला-प्रखंड कमेटियों को पूरी तरह से भंग कर दिया है। इस बड़े फैसले के सामने आने के बाद पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और राजनीतिक रूप से मुखर रहीं रोहिणी आचार्या (Rohini Acharya) का बड़ा बयान सामने आया है। सिंगापुर से सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रोहिणी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पार्टी की सभी कमेटियों को भंग करने का यह ऐतिहासिक फैसला बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को आगामी नई टीम के गठन को लेकर बेहद अहम सलाह भी दी है।

पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को मिले प्राथमिकता: रोहिणी आचार्या

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखते हुए रोहिणी आचार्या ने पार्टी की दिशा और दशा को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने हमेशा से जमीन से जुड़े, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से हाशिए पर खड़े लोगों को मुख्यधारा में लाने का काम किया है। पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं को उचित अवसर और सम्मान देना ही लालू जी की मूल प्राथमिकता रही है। रोहिणी ने उम्मीद जताई कि तेजस्वी यादव जब आरजेडी की नई टीम और कमेटियों का पुनर्गठन करेंगे, तो उसमें चमचों या नए लोगों के बजाय सालों से पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़े निष्ठावान, संगठन की गहरी समझ रखने वाले और जमीन से जुड़े जुझारू कार्यकर्ताओं व पुराने लालूवादियों को ही सबसे पहले प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि तभी पार्टी मजबूत हो सकती है।

बांकीपुर उपचुनाव में हार और पार्टी के भीतर मचा घमासान

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरजेडी द्वारा यह कड़ा कदम उठाने के पीछे हाल ही में संपन्न हुई बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में पार्टी को मिली शर्मनाक हार है। इस करारी शिकस्त के बाद से ही पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह और कलह की खबरें सतह पर आने लगी थीं। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र और मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव के बीच सार्वजनिक रूप से छींटाकशी और आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया था। इसके अलावा, चुनाव से ठीक पहले पार्टी के प्रमुख चेहरे और चर्चित प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो जाना भी आरजेडी के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ था, जिसके बाद से पार्टी नेतृत्व दबाव में था।

मंगनीलाल मंडल के आदेश से भंग हुईं सभी इकाइयां, नए सिरे से होगी ताजपोशी

पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव और आंतरिक असंतोष को थामने के लिए आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने गुरुवार को एक कड़ा आदेश जारी करते हुए पार्टी की प्रदेश, जिला, प्रखंड, पंचायत इकाइयों के साथ-साथ सभी प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के सीधे निर्देशों पर लिया गया है, ताकि संगठन में नई ऊर्जा फूंकी जा सके। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव इस नए पुनर्गठन में किन चेहरों को जगह देते हैं और क्या रोहिणी आचार्या की सलाह पर पुराने व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पार्टी की कमान सौंपी जाती है या नहीं।