Delhi Weather Today: दिल्ली-एनसीआर में आज भी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी, जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम से थमी रफ्तार; आईएमडी की यात्रा से पहले एडवाइजरी चेक करने की चेतावनी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और समूचे दिल्ली-एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में मानसून अपने चरम पर है। मूसलाधार बारिश और रात भर रुक-रुक कर पड़ी बौछारों के बाद शुक्रवार, 7 अगस्त को भी मौसम का मिजाज काफी उग्र बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली और गुरुग्राम के लिए आज भी तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और मध्यम से भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी रखा है। बारिश के कारण शहर के कई महत्वपूर्ण चौराहों और मुख्य राजमार्गों पर भारी जलभराव (Waterlogging) हो गया है, जिससे सुबह के पीक आवर्स में कार्यालय जाने वाले लोगों को भयंकर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली यातायात पुलिस और गुरुग्राम पुलिस ने वाहन चालकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक अपडेट जांचने की सलाह दी है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश का येलो अलर्ट: मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान

मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून की ट्रफ रेखा इस समय दिल्ली और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के ऊपर से होकर गुजर रही है, जिससे वातावरण में नमी का स्तर अत्यधिक बढ़ गया है। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि 7 अगस्त को दिल्ली के सेंट्रल, साउथ, ईस्ट, नॉर्थ-वेस्ट और नई दिल्ली के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश के दौर आ सकते हैं। वहीं गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। हालांकि, नोएडा और गाजियाबाद के लिए आज कोई औपचारिक चेतावनीयुक्त अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन वहां भी दिन भर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

मौसम में इस बड़े बदलाव के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे गिरकर 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। तापमान में आई इस गिरावट से दिल्लीवासियों को लंबे समय से सता रही उमस भरी गर्मी से तो बड़ी राहत मिली है, लेकिन नगर निगम और सड़क अवसंरचना की लचर व्यवस्था के कारण जलभराव की समस्या ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग का यह भी कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में मानसून का यह रुख 10 अगस्त तक जारी रह सकता है और इस दौरान रुक-रुक कर येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

जलभराव और भयंकर ट्रैफिक जाम: दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से लेकर एआईआईएमएस तक थमी रफ्तार

लगातार हो रही बारिश का सबसे सीधा और गंभीर असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली और गुरुग्राम के मुख्य संपर्क मार्गों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे (NH-48) पर धौला कुआं से लेकर रजोकरी फ्लाई-ओवर और नरसिंहपुर तक पानी भर जाने के कारण यातायात रेंगता हुआ नजर आ रहा है। कई स्थानों पर पानी में गाड़ियां बंद हो जाने के कारण जाम की स्थिति और अधिक विकट हो गई है। इसके अलावा, धौला कुआं, अरुणा आसफ अली मार्ग, शहीद जीत सिंह मार्ग, जेएनयू गेट से जिया सराय मार्ग और एम्स (AIIMS) के आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की गति बेहद धीमी दर्ज की गई है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, मथुरा रोड और विकास मार्ग पर भी सुबह के समय गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। सैनिक फार्म्स, रोहतक रोड और कालिंदी कुंज के पास सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिसके चलते दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को सुरक्षित रास्ता खोजने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सोशल मीडिया पर आक्रोशित यात्रियों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जो सफर सामान्य दिनों में 15 से 20 मिनट में तय हो जाता था, आज उसे पूरा करने में एक घंटे से अधिक का समय लग रहा है। ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन और यूसुफ सराय बाजार के समीप चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल और जलभराव के संयुक्त प्रभाव से वाहन चालक बेहाल नजर आए।

जलभराव से स्थानीय कारोबारी और नागरिक बेहाल, नगर निगम के दावों की खुली पोल

बारिश के कारण केवल सड़कों पर चलने वाले यात्री ही नहीं, बल्कि दिल्ली के निचले इलाकों में रहने वाले निवासी और स्थानीय व्यापारी भी भारी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में सड़कों पर पानी भर जाने के कारण दुकानों के भीतर पानी घुस गया, जिससे दुकानदारों के सामान को नुकसान पहुंचा है और व्यावसायिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। रोहतक रोड, मुंडका और नांगलोई जैसे इलाकों में हर साल की तरह इस साल भी जलभराव की विकराल समस्या सामने आई है। नाले-नालियों की सही समय पर सफाई न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों से आसानी से नहीं निकल पा रहा है।

दिल्ली नगर निगम (MCD), लोक निर्माण विभाग (PWD) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की टीमों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में मोबाइल पंप सेट और क्रेन तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि आईटीओ, मिंटो ब्रिज, तिलक ब्रिज और अंडरपास वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए स्वचालित पंप लगातार चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई जगहों पर नालों के उफनने और कचरा जमा होने की वजह से पानी का निकास अवरुद्ध हो गया है। गुरुग्राम में तो हालात इतने गंभीर हो गए कि पुलिस प्रशासन को निजी कॉर्पोरेट कंपनियों और निजी प्रतिष्ठानों से अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) की अनुमति देने की अपील करनी पड़ी थी, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम की जा सके।

मानसून का आगे का रुख और आईएमडी की सार्वजनिक सुरक्षा एडवाइजरी

मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में मानसूनी हवाएं अगले कुछ दिनों तक अत्यधिक सक्रिय रहेंगी। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Floods) की आशंका है, जिसका असर मैदानी नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है। दिल्ली में यमुना नदी के जलस्तर पर भी केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।

बारिश और जलभराव के मौजूदा संकट को देखते हुए मौसम विभाग और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • यात्रा की पूर्व योजना बनाएं: अपने गंतव्य पर निकलने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और लाइव मैप्स पर ट्रैफिक अपडेट की जांच जरूर कर लें।

  • जलभराव वाले इलाकों से बचें: जलमग्न अंडरपास, गड्ढों वाली सड़कों और पानी से भरी सड़कों पर गाड़ी ले जाने का जोखिम न उठाएं।

  • वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी का पालन करें: यदि संभव हो तो निजी कंपनियां अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट दें ताकि मुख्य मार्गों पर गाड़ियों की भीड़ कम हो सके।

  • बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें: तेज हवा और बारिश के दौरान जर्जर पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के तारों व खंभों के नीचे वाहन पार्क न करें।

  • वाहनों की गति धीमी रखें: सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने के कारण वाहन धीमी गति से चलाएं और उचित दूरी बनाए रखें।

दिल्ली-एनसीआर में मानसून की यह बारिश जहां एक ओर उमस से बड़ी राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को भी उजागर कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जलभराव की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में थोड़ा समय लग सकता है।