जब महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने मेकअप आर्टिस्ट के साथ साइन कर डाली थीं दो भोजपुरी फिल्में

भारतीय सिनेमा जगत के शहंशाह और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन जब भी किसी मंच पर अपने पुराने दिनों के किस्से साझा करते हैं, तो फैंस के लिए वह किसी ट्रीट से कम नहीं होता है। लोकप्रिय टेलीविजन क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के मंच पर कई बार बिग बी अपनी जिंदगी के अनसुने और बेहद मजेदार पन्नों को खोलते नजर आते हैं। ऐसा ही एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला किस्सा उन्होंने तब सुनाया जब उन्होंने अपने लंबे समय के मेकअप आर्टिस्ट के साथ काम करते हुए अचानक दो भोजपुरी फिल्में साइन कर ली थीं। अमिताभ बच्चन के इस अनोखे खुलासे ने न सिर्फ सेट पर मौजूद कंटेस्टेंट और दर्शकों को चौंका दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनके इस मजाकिया और दोस्ताना अंदाज के चर्चे खूब वायरल हो गए।

जब मेकअप आर्टिस्ट की जिद पर अमिताभ बच्चन ने झटपट मान ली बात

सिनेमा के पर्दे पर हमेशा गंभीर और संजीदा दिखने वाले अमिताभ बच्चन का एक बहुत ही याराना और नरम दिल वाला पहलू उनके सेट पर काम करने वाले सहयोगियों के साथ जुड़ा हुआ है। केबीसी के मंच पर इस मजेदार वाकये को याद करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उनके साथ सालों से काम कर रहे उनके मेकअप आर्टिस्ट ने उनसे अचानक एक बड़ी फरमाइश कर दी थी। मेकअप आर्टिस्ट ने उनसे कहा कि वे उनके साथ दो भोजपुरी फिल्में करें, क्योंकि इससे उन्हें बड़ा फायदा और प्रोत्साहन मिल सकता है। एक महानायक होने के बावजूद बिग बी ने अपने मेकअप आर्टिस्ट के इस सपने और स्नेह का मान रखते हुए बिना किसी न-नुकुर के तुरंत उन दो भोजपुरी फिल्मों के कागजों पर साइन कर दिए।

KBC के मंच पर खुलासे से गूंज उठे ठहाके और तालियां

अमिताभ बच्चन के मुंह से इस फिल्मी और मजेदार किस्से को सुनकर कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर मौजूद सभी लोग हंस-हंसकर लोटपोट हो गए। उन्होंने बड़े ही मजाकिया अंदाज में बताया कि कैसे इंडस्ट्री में स्टारडम से परे जाकर उन्होंने अपने हर छोटे-बड़े साथी के साथ रिश्तों को हमेशा प्राथमिकता दी है। उनके इस वाकये ने यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया भर के लोग सिर्फ उनके अभिनय के लिए ही नहीं, बल्कि उनके बड़प्पन और जमीन से जुड़े स्वभाव के लिए भी इतना ज्यादा प्यार करते हैं। बिग बी की यह अनसुनी कहानी आज भी उनके चाहنے वालों के दिलों में एक खास जगह बनाए हुए है, जो उनकी दरियादली और सहकर्मियों के प्रति उनके सम्मान को बयां करती है।