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डबल इंजन सरकार ने खोले गरीबों के विकास के मार्ग: मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के दायरे में अब प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियां

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केशव प्रसाद मौर्य कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को चरितार्थ करते हुए उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के दायरे को और अधिक व्यापक बनाते हुए प्रदेश की उन सभी अनुसूचित जनजातियों (ST) को योजना की पात्रता सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है, जो अब तक इससे वंचित थीं।

उपमुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, पूर्ववर्ती सरकारों ने इन जनजातियों को कभी भी मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने इन पिछड़ी और वंचित जातियों को केवल एक ‘वोट बैंक’ की तरह इस्तेमाल किया और सत्ता में रहते हुए सदैव इनका शोषण किया।

आज हमारी सरकार भोटिया,जौनसारी,राजी, गोंड तथा इसकी पर्याय धुरिया, ओझा, नायक, पठारी, राजगोंड, खरवार, खैरवार, परहिया, पंखा, पनिका, अगरिया, पटारी, भुइयां, भुनियाइन जातियों को उनका हक और छत देकर उनका मान बढ़ा रही है। 

श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि यह योजना ‘सैचुरेशन मोड’ (संतृप्ति मोड) पर आधारित है। जिस भी जाति को इसमें शामिल किया जाता है, उसे शुरुआती दो वर्षों के भीतर ही शत-प्रतिशत कवर करने का प्रयास किया जाता है। मुसहर और वनटांगिया जातियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इनके लगभग सभी पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध करा दिए गए हैं। यह योजना निम्नलिखित वर्गों के लिए भी वरदान साबित हो रही है प्राकृतिक आपदा (बाढ़, आग, भूकम्प) के कारण बेघर हुए परिवार। कालाजार और जापानी इंसेफेलाइटिस (JE/AES) से प्रभावित परिवार। कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति। निराश्रित महिलाएं (18 से 50 वर्ष) और दिव्यांगजन।

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