
मानसून इस समय देश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में अपना बेहद विकराल और असरदार रूप दिखा रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जगहों पर जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है और गुजरात के 14 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने राहत व बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है।
गुजरात में हालात सबसे ज्यादा नाजुक, कई जिलों में रेड अलर्ट
गुजरात के सूरत, नवसारी, वलसाड, जूनागढ़, जामनगर और डांग जैसे जिलों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। खासकर सूरत में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। राज्य की कई बड़ी नदियां और बांध खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रहे हैं। निचले इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर जाने के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अगले 24 घंटे तक बिना किसी अत्यावश्यक कार्य के घरों से बाहर न निकलें। इसके अलावा, निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित जिलों के सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों के साथ-साथ सेना की 6 टुकड़ियों को भी तैनात किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, बारिश के साथ मिलेगी राहत
गुजरात के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में 1 अगस्त को आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और इस दौरान मध्यम से तेज बारिश होने की पूरी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। इस बारिश से लोगों को उमस भरी चिपचिपी गर्मी से राहत जरूर मिलेगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन साथ ही सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सतर्क रहकर गाड़ी चलाने की सलाह दी है।
देश के बाकी राज्यों में क्या है मौसम का हाल?
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मुंबई और तटीय महाराष्ट्र: मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिसके चलते लोकल ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
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पहाड़ी इलाके (उत्तराखंड और हिमाचल): उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) और बादलों के फटने जैसी घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। उत्तराखंड के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है और पर्यटकों को नदी-नालों के पास जाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। यदि आप इन दिनों पहाड़ों की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम की स्थिति को देखकर ही आगे बढ़ें।
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मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर: मध्य प्रदेश और राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। वहीं, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
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