
उत्तर प्रदेश को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ‘न्यू नोएडा’ (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र) प्रोजेक्ट को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना के प्रथम चरण के लिए आधिकारिक तौर पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत दो प्रमुख जिलों के कुल 37 गांवों को शामिल किया गया है, जिनमें बुलंदशहर जिले के 24 गांव और गौतमबुद्ध नगर जिले के 13 गांव शामिल हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में एक विश्वस्तरीय औद्योगिक, आवासीय और लॉजिस्टिक हब स्थापित करना है, जिससे लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पूरे क्षेत्र का बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित होगा।
धरातल पर उतरा सर्वे काम: खसरा-खतौनी और सैटेलाइट इमेज से हो रही जांच
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक टीमों ने जमीनी स्तर पर सर्वे और भौतिक सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया है। इस सर्वेक्षण के दौरान खेतों की मौजूदा स्थिति, किसानों के मालिकाना हक, खसरा-खतौनी के रिकॉर्ड और आबादी क्षेत्र से जुड़ा पूरा डेटा एकत्र किया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण का प्रयास है कि सभी राजस्व और भूमि दस्तावेजों को समय रहते अपडेट कर लिया जाए ताकि जमीनों की खरीद-फरोख्त के दौरान किसानों को किसी भी तरह की कागजी समस्या का सामना न करना पड़े और मुआवजा वितरण बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
किसानों के लिए मुआवजे का फॉर्मूला: ₹4300 प्रति वर्गमीटर या 7% विकसित भूखंड का विकल्प
किसान और स्थानीय भूमिधरों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए प्राधिकरण केवल आपसी सहमति के आधार पर ही जमीन का अधिग्रहण करेगा। इसके लिए दो मुख्य श्रेणियां बनाई गई हैं:
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विकल्प 1: किसानों को ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की सीधी नकद दर से मुआवजा दिया जाएगा।
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विकल्प 2: ₹3,800 प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा और इसके साथ ही 7 प्रतिशत विकसित भूखंड (Developed Plot) देने का प्रावधान रखा गया है।
सर्वे की अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्राधिकरण के अधिकारी संबंधित ग्रामीणों और किसानों के साथ वार्ता कर बैनामा (रजिस्ट्री) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
18 अक्टूबर 2024 कट-ऑफ डेट लागू: ईस्टर्न पेरिफेरल से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
परियोजना क्षेत्र में अवैध निर्माण और फर्जी दावों को रोकने के लिए प्राधिकरण ने 18 अक्टूबर 2024 को आधिकारिक कट-ऑफ तारीख (Cut-off Date) तय किया है। इस तिथि के बाद किए गए किसी भी नए निर्माण को अवैध माना जाएगा और उसके लिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। निर्माणों की सटीक जांच के लिए उच्च तकनीक वाली सैटेलाइट इमेजरी की मदद ली जा रही है। इसके अलावा, योजना के तहत प्रत्येक अधिग्रहित गांव को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) से जोड़ने के लिए नए लिंक रोड और चौड़ी सड़कों का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है।
न्यू नोएडा में शामिल बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर के सभी 37 गांवों की सूची
अधिग्रहण के पहले चरण में शामिल दोनों जिलों के गांवों का ब्योरा इस प्रकार है:
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बुलंदशहर के 24 गांव: बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काड़ू, किशनपुर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगलाबरोधा, नवादा, राजरमपुर, राजपुर खुर्द, सबदलपुर, सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कलां, सेरपुर और सिकरा।
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गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव: आनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुख, नेकरामपुर उर्फ विशुनपुर और फूलपुर।
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