
यदि आप भी ट्रेन से यात्रा करने के लिए रेलवे काउंटर से तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) बुक कराते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटरों पर होने वाली भारी भीड़, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 1 अगस्त 2026 से ‘पश्चिम मध्य रेलवे’ (West Central Railway – WCR) अपने सभी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटरों पर टोकन आधारित तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य टिकट खिड़की पर तड़के से लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और टिकट बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है, ताकि यात्रियों को बिना घंटों खड़े रहे आसानी से टिकट मिल सके।
कैसे काम करेगी रेलवे की नई टोकन व्यवस्था?
नए नियमों के तहत अब यात्रियों को तत्काल टिकट पाने के लिए घंटों पहले से लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बजाय, काउंटर खुलने से पहले यात्रियों को निर्धारित समय के भीतर एक टोकन नंबर दिया जाएगा।
टोकन हासिल करने के बाद यात्री को अपना टोकन नंबर और अनुमानित समय पता चल जाएगा। इसके बाद वे कतार में खड़े रहने के बजाय आराम से इंतजार कर सकेंगे और अपना नंबर आने पर सीधे काउंटर पर जाकर तत्काल टिकट की बुकिंग करा सकेंगे।
AC और Non-AC तत्काल के लिए टोकन लेने की टाइमिंग
रेलवे ने तत्काल बुकिंग की मौजूदा समय सीमा को ध्यान में रखते हुए ही टोकन बांटने का समय तय किया है। यात्रियों को नीचे दिए गए शेड्यूल के अनुसार काउंटर पर पहुंचकर टोकन लेना होगा:
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AC श्रेणी के लिए टोकन: सुबह 08:30 बजे से 09:00 बजे तक बांटे जाएंगे।
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Non-AC श्रेणी के लिए टोकन: सुबह 09:00 बजे से 09:30 बजे तक बांटे जाएंगे।
हर काउंटर पर कितने मिलेंगे टोकन? जानें तय लिमिट
शुरुआती चरण में रेलवे द्वारा प्रत्येक रिजर्वेशन काउंटर से सीमित संख्या में ही टोकन जारी किए जाएंगे, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके:
| तत्काल श्रेणी (Category) | टोकन जारी करने का समय | प्रति काउंटर टोकन संख्या (प्रारंभिक) |
| AC तत्काल (1A, 2A, 3A, CC) | सुबह 08:30 AM – 09:00 AM | 10 टोकन |
| Non-AC तत्काल (Sleeper, 2S) | सुबह 09:00 AM – 09:30 AM | 15 टोकन |
(नोट: स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ और मांग के आधार पर स्थानीय रेल प्रशासन टोकन की संख्या में आंशिक बदलाव कर सकता है।)
यात्रियों को इस नई व्यवस्था से क्या-क्या मिलेंगे फायदे?
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लंबी लाइनों से मुक्ति: कतार में घंटों कड़े रहने और सुबह-सुबह की आपाधापी से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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पारदर्शिता में सुधार: टोकन नंबर के आधार पर बुकिंग होने से दलालों और कतार में बीच में घुसने वाले असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगेगा।
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समय की बचत: टोकन का समय तय होने से यात्री अपना समय बचा सकेंगे और सीधे अपने निर्धारित स्लॉट पर काउंटर पहुंचेंगे।
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भीड़ का बेहतर प्रबंधन: रेलवे स्टेशनों के रिजर्वेशन हॉल में अव्यवस्था और अनावश्यक भीड़ नियंत्रण में रहेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) में इस प्रयोग के सफल रहने पर इसे देश के अन्य सभी रेलवे जोनों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
(डिस्क्लोमर: यह समाचार रिपोर्ट पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना और रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के नए नियमों पर आधारित है।)
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