
लद्दाख को विशेष राज्य का दर्जा और पर्यावरण संरक्षण दिलाने की मांग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में डटे दिग्गज पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को लेकर एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर आ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती वांगचुक को डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया है। लेकिन अस्पताल से बाहर आते ही उन्होंने मीडिया के सामने एक ऐसा हैरान करने वाला बयान दे दिया है, जिसने दिल्ली के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। वांगचुक ने तंज कसते हुए कहा है कि वे अस्पताल से सीधे दिल्ली की एक खास जगह पर जाकर ‘कॉकरोचों’ से मुलाकात करेंगे। उनके इस अनोखे और तीखे बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
अस्पताल से छुट्टी मिलते ही लद्दाख आंदोलन को धार देने की नई रणनीति
सोनम वांगचुक पिछले काफी समय से लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं। इस दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने और स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में रखने के कारण आंदोलन थोड़ा धीमा पड़ता दिख रहा था। लेकिन अब पूरी तरह ठीक होकर बाहर आए वांगचुक ने साफ कर दिया है कि उनका इरादा कमजोर नहीं हुआ है। उनके सहयोगियों के मुताबिक, अस्पताल से निकलने के बाद वे सीधे दिल्ली के लद्दाख भवन या जंतर-मंतर की तरफ रुख कर सकते हैं, जहां वे अपने समर्थकों के साथ आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
‘कॉकरोचों से मिलेंगे?’ जानिए वांगचुक के इस रहस्यमयी और तीखे तंज का असली मतलब
सोनम वांगचुक द्वारा दिया गया ‘कॉकरोचों से मिलने’ का बयान इस समय सोशल मीडिया और एआई सर्च इंजन पर सबसे ज्यादा ट्रेंड कर रहा है। दरअसल, यह कोई सामान्य बयान नहीं बल्कि दिल्ली के उन छोटे, सीलन भरे और बदहाल डिटेंशन सेंटरों या बेसमेंट बैरकों की तरफ एक सीधा और धारदार इशारा है, जहां आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर रखा जाता है। वांगचुक ने इस तंज के जरिए प्रशासन की उस व्यवस्था पर गहरी चोट की है, जो लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से दूर संकरे और अमानवीय स्थानों पर बंद कर देती है।
दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, एलजी और गृह मंत्रालय की नजर
भौगोलिक और स्थानीय सुरक्षा के लिहाज से नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों, विशेषकर वीवीआईपी जोन और सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। लद्दाख से आए सैकड़ों प्रदर्शनकारी दिल्ली की सीमाओं और विभिन्न हिस्सों में डेरा डाले हुए हैं, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। उपराज्यपाल (LG) कार्यालय और गृह मंत्रालय भी इस पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि सोनम वांगचुक के अस्पताल से बाहर आते ही लद्दाख आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में आकर गरमाने की पूरी उम्मीद है।
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